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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और अंतर्देशीय जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना भारत के चार महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाली छह-लेन की राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है, जिसका प्रबंधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है।
- 2. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली पर स्थित देश का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
- 3. भारत का पहला आधुनिक सूती वस्त्र मिल वर्ष 1854 में 'कवासजी डाबर' द्वारा मुंबई (बॉम्बे) में स्थापित किया गया था, और मुंबई को देश का 'कॉटनोपोलिस' (Cottonopolis) भी कहा जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कोंकण रेलवे (Konkan Railway) परियोजना महाराष्ट्र के रोहा को कर्नाटक के मंगलुरु तक जोड़ती है, जो पश्चिमी घाट की कठिन और उबड़-खाबड़ पहाड़ियों से गुजरती है और इसमें कई लंबी सुरंगें तथा पुल शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूरी तरह से सत्य हैं। स्वर्णिम चतुर्भुज भारत का प्रमुख राजमार्ग प्रोजेक्ट है जो देश के चार महानगरों को जोड़ता है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज के बीच गंगा नदी पर स्थित है। भारत का प्रथम सफल आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग 1854 में मुंबई में स्थापित हुआ था। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कोंकण रेलवे पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के आर-पार महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक को जोड़ने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण रेलवे लाइन है।
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पृथ्वी की वायुमंडलीय प्रणालियों, चक्रवातों और आर्द्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास और तीव्रता के लिए महासागरीय सतह का तापमान न्यूनतम 26°C से 27°C होना आवश्यक है, और भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर (0° से 5° अक्षांश के मध्य) इनका निर्माण सर्वाधिक तीव्रता से होता है क्योंकि यहाँ कोरियोलिस बल (Coriolis Force) अधिकतम होता है।
2. 'वाष्प दाब प्रवणता' और सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) में सीधा संबंध होता है; जब हवा का तापमान बढ़ता है और उसमें जलवाष्प की मात्रा स्थिर रहती है, तब सापेक्ष आर्द्रता में वृद्धि होती है।
3. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) 'वाताग्र' (Fronts) के निर्माण के कारण उत्पन्न होते हैं, जिनका प्रभाव पश्चिम से पूर्व की ओर पछुआ पवनों के प्रभाव क्षेत्र में अधिक स्पष्ट होता है और ये व्यापक क्षेत्र में लंबे समय तक वर्षा करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की पर्वत श्रेणियों, उनकी विवर्तनिक उत्पत्ति और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'महान हिमालय' (Greater Himalayas) का क्रोड मुख्य रूप से अवसादी चट्टानों (Sedimentary rocks) से बना है, जबकि इसके ठीक दक्षिण में स्थित 'लघु हिमालय' (Lesser Himalayas) का निर्माण आग्नेय और कायांतरित चट्टानों से हुआ है।
2. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक समकालीन अनुदैर्ध्य घाटी (Longitudinal Valley) है, जो पीर पंजाल श्रेणी और वृहद् हिमालय के बीच स्थित है और यह प्राचीन काल में 'तिक्सिस' नामक एक विशाल झील हुआ करती थी, जिसके अवशेषों को 'करेवा' (Karewas) कहा जाता है।
3. 'नंदा देवी' और 'कामेट' जैसी विश्व प्रसिद्ध पर्वत चोटियाँ वृहद् हिमालय का हिस्सा हैं, जो भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं और इनका निर्माण टरटियरी काल में महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसरण के परिणामस्वरूप हुआ है।
4. 'नामचा बारवा' (Namcha Barwa) पर्वत शिखर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पूर्वी छोर पर स्थित है, जहाँ से ब्रह्मपुत्र नदी एक तीखा मोड़ (Syntaxial Bend) लेते हुए भारत में प्रवेश करती है, और यह शिवालिक श्रेणी का सर्वोच्च बिंदु है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मिट्टियों के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रैगुड़' या काली मृदा (Black Soil) का काला रंग मुख्य रूप से टाइटैनिफेरस मैग्नेटाइट, ह्यूमस और एल्युमिनियम व आयरन के यौगिकों के सम्मिश्रण के कारण होता है, और इसमें जल धारण करने की अद्भुत क्षमता होने के कारण गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी हो जाती है।
2. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया का परिणाम है, जहाँ सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण पृष्ठ भाग पर आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ बन जाती है।
3. क्षारीय और लवणीय मृदाओं (Alkaline and Saline Soils), जिन्हें स्थानीय रूप से कलर, उसर या रेह भी कहा जाता है, का विकास मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में होता है जहाँ जल निकास की उचित व्यवस्था नहीं होती और तीव्र वाष्पीकरण के कारण सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवण केशिका क्रिया (Capillary action) द्वारा सतह पर जमा हो जाते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) भारत के कुल भू-भाग के सबसे बड़े हिस्से पर पाई जाती है, जिसे आयु के आधार पर 'खादर' (नवीन जलोढ़) और 'बांगर' (प्राचीन जलोढ़) में विभाजित किया जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति, उनकी भू-गर्भीय विशेषताओं और भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एंडिज पर्वतमाला' (Andes Mountain Range) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वतमाला है, जिसका निर्माण प्रशांत महासागरीय प्लेट और दक्षिण अमेरिकी महासागरीय/महाद्वीपीय प्लेट के अभिसरण (Convergent Boundary - Subduction) के फलस्वरूप हुआ है।
2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतःपर्वतीय (Intermontane) पठार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हिमालय और कुनलन पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित है और इसका निर्माण भारतीय प्लेट तथा यूरेशियाई प्लेट की महाद्वीपीय-महाद्वीपीय टक्कर से उत्पन्न संपीड़न बलों के कारण हुआ है।
3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में चिली के तट पर स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जिसकी शुष्कता का मुख्य कारण प्रशांत महासागर से बहने वाली ठंडी 'हम्बोल्ट धारा' (Peru Current) का प्रभाव और एंडिज पर्वतमाला द्वारा निर्मित वृष्टिछाया (Rain Shadow) प्रभाव है।
4. 'ग्रेट बेसिन मरुस्थल' (Great Basin Desert) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक उष्णकटिबंधीय व्यापारिक हवाओं (Tropical Trade Winds) द्वारा निर्मित उपोष्णकटिबंधीय गतिशील मरुस्थल का उदाहरण है, जो वर्षभर उच्च वायुदाब के कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के प्रकार, उनकी रासायनिक विशेषताओं और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मिट्टी' (Regur Soil) मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनती है, जिसमें लोहे और एल्यूमीनियम के यौगिकों की अधिकता होती है, और स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. 'लैटेराइट मिट्टी' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी घाट के ऊपरी हिस्सों और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों) में विकसित होती है, जहाँ अत्यधिक निक्षालन (Leaching) के कारण सिलिका का बह जाना होता है और यह मिट्टी चाय, कॉफी तथा काजू की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
3. 'लाल और पीली मिट्टी' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है, और यह प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी तथा दक्षिणी भागों में बहुतायत में पाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलालपुर या शुष्क मिट्टी (Arid Soil) में फास्फोरस की प्रचुरता होती है जबकि कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा कम होने के कारण यह कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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