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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख उच्चावच स्वरूपों, यथा पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक शुष्क और वर्षाछाया प्रभाव वाला मरुस्थल है, जो विश्व के सबसे शुष्क स्थानों में से एक माना जाता है और यहाँ नाइट्रेट के विशाल भंडार पाए जाते हैं।
- 2. 'पामीर का पठार' (Pamir Knot) को 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, जो एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है और यह तियान शान, काराकोरम, कुनलन तथा हिंदूकुश पर्वतमालाओं का संगम स्थल है।
- 3. 'ब्लैक फॉरेस्ट' (Black Forest) और 'वास्जेस' (Vosges) पर्वत ब्लॉक पर्वतों (Block Mountains / Horsts) के प्रमुख उदाहरण हैं, जो विवर्तनिक ताकतों के कारण उत्पन्न भ्रंशण (Faulting) प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप राइन नदी घाटी के दोनों किनारों पर विकसित हुए हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोबी मरुस्थल एशिया का एक विशाल शीत मरुस्थल है, जो मंगोलिया के अधिकांश भाग और चीन के उत्तरी क्षेत्रों में फैला हुआ है, और यह मरुस्थल मुख्य रूप से उच्च अक्षांशी स्थिति तथा हिमालय पर्वत द्वारा मानसूनी हवाओं के रोके जाने के कारण बनने वाले वर्षाछाया प्रभाव के अंतर्गत आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जहाँ हंबोल्ट (पेरू) ठंडी जलधारा का प्रभाव भी मरुस्थलीकरण में सहायक होता है। (2) पामीर का पठार कई बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं को आपस में जोड़ने वाली गाँठ है और यह अंतःपर्वतीय पठार का उत्तम उदाहरण है। (3) जर्मनी का ब्लैक फॉरेस्ट और फ्रांस का वास्जेस पर्वत भ्रंशण (Faulting) के कारण बने 'हॉर्स्र्ट' या ब्लॉक पर्वत हैं जो राइन घाटी के समानांतर स्थित हैं। (4) गोबी मरुस्थल एशिया का सबसे बड़ा शीत मरुस्थल है जो मंगोलिया और चीन में विस्तृत है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थल वे भूभाग होते हैं जहाँ वर्षा बहुत कम होती है।
Related Questions
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भारत की विभिन्न मृदा प्रणालियों, उनकी रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं तथा उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी मानसूनी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका के निष्कासन के बाद आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड प्रचुर मात्रा में शेष बच जाते हैं, और ये मृदाएँ कम उर्वर होने के बावजूद ईंट बनाने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती हैं।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से बनती है और इसमें उच्च जल-धारण क्षमता तथा 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण पाया जाता है क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी और सूखने पर चौड़ी-चौड़ी गहरी दरारों से फट जाती है।
3. 'क्षारकीय एवं रेह मृदा' (Alkaline Soils) मुख्य रूप से अर्ध-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचाई तथा अकुशल जल निकासी के कारण उत्पन्न जलभराव एवं केशिका क्रिया (Capillary action) के परिणामस्वरूप सतह पर सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के कार्बोनेट एवं क्लोराइड लवणों के जमा होने से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश की मिट्टियों को उनकी उत्पत्ति, संरचना और उर्वरता के आधार पर कुल 8 प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) और आंतरिक भू-गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महाद्वीपीय-महाद्वीपीय अभिसारी प्लेट सीमाओं (Continental-Continental Convergent Boundaries) के क्षेत्र में तीव्र भूकंप और विदारक ज्वालामुखी उद्गार दोनों समान रूप से बड़े पैमाने पर सक्रिय रहते हैं, क्योंकि अत्यधिक दाब के कारण मैग्मा आसानी से सतह को चीरकर बाहर आ जाता है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) सामान्यतः उथले समुद्र में उत्पन्न होने वाली सामान्य ज्वारीय तरंगों का तीव्र रूप है, जो समुद्र के नीचे अचानक विवर्तनिक हलचल, जैसे कि उप-डक्शन जोन में मेगाथ्रस्ट भूकंप के कारण जल के विस्थापन से पैदा होती है।
3. 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) प्रशांत महासागर के चारों ओर का वह क्षेत्र है जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी और विनाशात्मक प्लेट किनारों के कारण विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और बड़े भूकंप केंद्रित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की 2011 की जनगणना के अंतिम आँकड़ों और मानवजातीय (Racial) वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के मानवजातीय वर्गीकरण के लिए प्रसिद्ध मानवशास्त्री बी.एस. गुहा (B.S. Guha) ने देश की जनसंख्या को कुल छह मुख्य नस्लीय समूहों में विभाजित किया है, जिसके अनुसार 'नॉर्डिक' (Nordic) प्रजाति भारत में प्रवेश करने वाली सबसे अंतिम प्रमुख शाखा थी।
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का कुल प्रतिशत 8.6% है, जिसमें संपूर्ण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर जनजातीय जनसंख्या का सर्वोच्च अनुपात लक्षद्वीप (Lakshadweep) में दर्ज किया गया है।
3. भारत की कुल नगरीय जनसंख्या का सबसे बड़ा भाग 'मेगासिटियों' (10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों) में संकेंद्रित है, और 2001-2011 के दशक के दौरान देश में मिलियन-प्लस शहरों की कुल संख्या में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई थी।
4. भाषाई और जनसांख्यकीय वितरण के दृष्टिकोण से, 'भारत की जनगणना' में असम और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में बोले जाने वाली 'खासी' और 'जयंतिया' भाषाएँ 'द्रविड़' भाषा परिवार के अंतर्गत आती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) - यह दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - यह हिमाचल प्रदेश की जास्कर श्रेणी में स्थित एक प्रमुख दर्रा है, जो लेह को मनाली से जोड़ता है और यहीं से चंद्र व भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. नीति दर्रा (Niti Pass) - यह उत्तराखंड में कुमाऊँ हिमालय के सर्वोच्च शिखरों के मध्य स्थित है, जो भारत को तिब्बत से जोड़ता है और कैलाश-मानसरोवर यात्रा का एक पारंपरिक मार्ग है।
4. बोमडिला दर्रा (Bomdi La) - यह अरुणाचल प्रदेश के उत्तर में तवांग घाटी के समीप स्थित है, जो भारत के असम को म्यांमार से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक दर्रा है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, परिवहन नेटवर्क और अंतर्देशीय जलमार्गों (National Waterways) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1' (NW-1) गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर प्रयागराज से हल्दिया के बीच स्थित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किमी है और यह भारत का सबसे लंबा अंतर्देशीय जलमार्ग है।
2. 'मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश' भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जिसका विकास मुख्य रूप से 19वीं शताब्दी के मध्य में कपास और वस्त्र उद्योग के स्थानीयकरण के साथ शुरू हुआ था और वर्तमान में यह इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल तथा पेट्रोकेमिकल उद्योगों का मुख्य केंद्र बन चुका है।
3. 'दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा' (DMIC) परियोजना भारत और जापान के तकनीकी तथा वित्तीय सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है, जो पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western DFC) के दोनों ओर लगभग 150 किमी के प्रभाव क्षेत्र में स्मार्ट औद्योगिक शहरों का विकास करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-27 (National Highway 27) है, जो पूर्व-पश्चिम गलियारे के तहत पोरबंदर (गुजरात) से शुरू होकर सिलचर (असम) तक लगभग 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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