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Geography
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भारत की जनगणना 2011 के अंतिम आँकड़ों, जनसंख्या वितरण तथा मानवजातियों (Races) के भौगोलिक वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 68.8% है, जबकि सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है और केंद्रशासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली शीर्ष पर है।
- 2. भारत में 'दैनिक और मौसमी प्रवास' (Migration) के कारण जनसंख्या के घनत्व और वितरण में क्षेत्रीय असमानताएँ देखी जाती हैं, और 2011 की जनगणना के अनुसार देश का औसत जनघनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया, जिसमें बिहार राज्य 1106 व्यक्तियों के साथ पहले स्थान पर है।
- 3. प्रसिद्ध मानवशास्त्री बी.एस. गुहा (B.S. Guha) द्वारा भारत की जनसंख्या का वर्गीकरण करते हुए कुल 6 मुख्य मानवजातियाँ (Races) बताई गई हैं, जिनमें 'नेग्रिटो' (Negrito) भारत की सबसे प्राचीन मानव जाति मानी जाती है जो वर्तमान में मुख्य रूप से केरल की पहाड़ियों, अंडमान द्वीप समूह और खासी-जयंतीरिया पहाड़ियों के कुछ हिस्सों में पाई जाती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 2011 की जनगणना के दौरान भारत की कुल साक्षरता दर 74.04% दर्ज की गई थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 82.14% और महिला साक्षरता 65.46% थी, तथा केरल एकमात्र ऐसा राज्य था जहाँ पुरुष और महिला दोनों की साक्षरता दर 90% से अधिक थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 68.8% है, लेकिन सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत (राज्यों में) हिमाचल प्रदेश में (लगभग 90%) दर्ज किया गया, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली में शहरी जनसंख्या सर्वाधिक है; तथापि विकल्प के अन्य सभी तथ्य सही हैं। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। बी.एस. गुहा का मानवजातीय वर्गीकरण और 2011 के जनघनत्व व साक्षरता के आँकड़े सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में जनसांख्यिकीय विविधता और मानवजातियों का यह मिश्रण इसकी भौगोलिक विशिष्टता को दर्शाता है।
Related Questions
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बरैक झील' (Barak Lake) या पूर्वोत्तर की प्रसिद्ध 'लोकटक झील' (Loktak Lake) में तैरते हुए अनूठे वनस्पति और मृदा के द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दि' (Phumdis) कहा जाता है, और इसी झील के दक्षिणी भाग में 'केइबु लामजाओ' (Keibul Lamjao) नामक विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
2. 'इडुक्की जलविद्युत परियोजना' (Idukki Hydroelectric Project) पेरियार नदी पर केरल राज्य में स्थित एक प्रमुख चाप बांध (Arch Dam) परियोजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य पश्चिमी घाट के इस क्षेत्र में सिंचाई और विद्युत उत्पादन करना है।
3. 'शिवसमुद्रम जलप्रपात' (Shivanasamudra Falls) कावेरी नदी पर कर्नाटक राज्य में स्थित है, और यह भारत के उन शुरुआती जलविद्युत गृहों में से एक है जहाँ वर्ष 1902 में एशिया का पहला जलविद्युत संयंत्र स्थापित किया गया था।
4. 'कोयना परियोजना' (Koyna Project) महाराष्ट्र की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है, जो कोयना नदी (कृष्णा नदी की सहायक नदी) पर निर्मित है और इसे अत्यधिक भूकम्प-सक्रिय (Seismically Active) क्षेत्र होने के कारण 'महाराष्ट्र की जीवन रेखा' के साथ-साथ विशेष तकनीकी निगरानी में रखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी गति को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराएँ महासागरों के भीतर जल का एक निश्चित दिशा में सतत प्रवाह है, जो मुख्य रूप से प्रचलित हवाओं (परिवर्ती एवं सनातनी पवनें), पृथ्वी के घूर्णन जनित कोरिऑलिस बल, तथा महासागरीय जल के तापमान और लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न होता है।
2. उत्तरी गोलार्ध में कोरिऑलिस बल के प्रभाव से महासागरीय जलधाराएँ अपनी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं, जिसे 'फेरेल का नियम' कहा जाता है।
3. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहते हुए पश्चिमी यूरोप की जलवायु को अत्यधिक ठंडा और शुष्क बना देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभसीमा (Tropopause) पर तापमान ध्रुवों के ऊपर लगभग -45°C और विषुवत वृत्त के ऊपर लगभग -80°C होता है, जिसका मुख्य कारण विषुवतीय क्षेत्रों में शक्तिशाली संवहन धाराओं (Convection Currents) द्वारा ऊष्मा का अधिक ऊँचाई तक परिवहन करना है।
2. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई के साथ तापमान में तीव्र गिरावट आती है और इस परत के ऊपरी सीमा (मेसोपॉज) पर तापमान घटकर -90°C से -100°C तक पहुँच जाता है।
3. उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) जिन्हें 'अश्व अक्षांश' भी कहा जाता है, पूर्णतः तापीय कारणों (Thermal Factors) से विकसित होती हैं क्योंकि यहाँ ध्रुवों से आने वाली ठंडी हवाएँ उतरती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी पर वायुदाब पेटियों का यह वितरण स्थायी नहीं रहता, बल्कि सूर्य की आभासी उत्तरायण और दक्षिणायन गति (Uttarayan and Dakshinayan) के साथ ये सभी पेटियाँ उत्तर और दक्षिण की ओर विस्थापित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनकी विशेषताओं और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, और यह कालाहारी मरुस्थल के निर्माण में अपनी शुष्क विशेषताओं के कारण महत्वपूर्ण योगदान देती है।
2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है जो जापान के पूर्वी और दक्षिणी तटों से बहती है, और इसके उत्तर की ओर बढ़ने पर जब यह ठंडी 'ओयाशियो जलधारा' से मिलती है, तो विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों का निर्माण होता है।
3. 'अगुलहास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो मेडागास्कर के पूर्वी तट के सहारे दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और अंत में अंटार्कटिका के ठंडे जल से मिलकर समाप्त होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल निनो (El Niño) घटना के दौरान दक्षिण अमेरिका के पेरू तट पर ठंडी हम्बोल्ट जलधारा के स्थान पर एक गर्म जलधारा का अस्थायी रूप से प्रकट होना प्रशांत महासागर में वायुमंडलीय दाब के वितरण को बदल देता है, जिससे भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में तिब्बत का पठार अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ एक तीव्र निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण होता है, जो समुद्र तल से लगभग 9 किलोमीटर की ऊँचाई तक प्रभावी रहता है और यह जेट स्ट्रीम की स्थिति को प्रभावित करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
2. 'पश्चिमी विक्षوب' (Western Disturbances) शीतकाल में भूमध्य सागर की ओर से उत्पन्न होकर उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ते हैं, और इनके आगमन से होने वाली वर्षा को 'महावत' कहा जाता है, जो रबी की फसलों (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यधिक लाभदायक होती है।
3. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी शाखा' जब म्यांमार के अराकान योमा पर्वत से टकराती है, तो इसकी एक उप-शाखा उत्तर-पूर्व भारत की ओर मुड़ जाती है, जिसके कारण मेघालय के खासी पहाड़ियों में स्थित मौसिनराम और चेरापूंजी में विश्व की सर्वाधिक औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मानसूनी वर्षा का स्थानिक वितरण काफी असमान है, जहाँ पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है, वहीं राजस्थान के पश्चिमी भागों और लद्दाख में 50 सेमी से भी कम वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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