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General Science
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लाल ग्रह?

Detailed Explanation

मंगल।
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में कार्य करता है, जिसका उपयोग फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) के साथ मिश्रित कर रेलवे की पटरियों या टूटी हुई मशीनों की दरारों को जोड़ने के लिए किया जाता है, और यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माशोषी (Endothermic) होती है। 2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने में सक्षम होता है। 3. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) एक अत्यंत क्रियाशील, विषैला और दीप्तिमान ठोस है जो अंधेरे में चमकता है, और इसे हवा में सुरक्षित रखने के लिए जल के अंदर डुबोकर रखा जाता है क्योंकि यह वायु के संपर्क में आते ही स्वतः प्रज्वलित हो जाता है। 4. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जबकि कार्बोनेट अयस्कों जैसे 'कैलेमीन' ($ZnCO_3$) के लिए निस्तापन (Calcination) प्रक्रिया अपनाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि उनके आयन स्थिरवैद्युत आकर्षण बलों द्वारा क्रिस्टल जालक में दृढ़ता से बंधे होते हैं, किंतु गलित अवस्था या जलीय विलयन में वे विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि आयन गति के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। 2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण कर सकती हैं (अर्थात इलेक्ट्रॉन-न्यून), जबकि लुईस क्षार वे हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान कर सकती हैं, जैसे कि अमोनिया ($NH_3$)। 3. जब किसी दुर्बल अम्ल ($CH_3COOH$) का उदासीनीकरण प्रबल क्षार ($NaOH$) के साथ किया जाता है, तो प्राप्त लवण का जलीय विलयन जलीय जल-अपघटन के कारण अम्लीय प्रकृति का होता है। 4. बफर विलयन वे विलयन होते हैं जो बाहरी मात्रा में प्रबल अम्ल या प्रबल क्षार मिलाने पर भी अपने pH मान में परिवर्तन का प्रभावी विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का एक उत्कृष्ट उदाहरण एसिटिक अम्ल एवं सोडियम एसिटेट का मिश्रण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect) और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब एक ध्वनि स्रोत और एक श्रोता के बीच अपेक्षित गति होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन का आभास होता है, जिसे डॉपलर प्रभाव कहा जाता है। यदि स्रोत और श्रोता एक-दूसरे के पास आते हैं, तो वास्तविक आवृत्ति से अधिक आवृत्ति सुनाई देती है। 2. ध्वनि तरंगों में डॉपलर प्रभाव केवल प्रकाश तरंगों की तरह सममित (Symmetric) होता है, जिसका अर्थ है कि चाहे स्रोत स्थिर हो और श्रोता गतिमान हो, अथवा श्रोता स्थिर हो और स्रोत समान वेग से गतिमान हो, दोनों ही स्थितियों में श्रोता द्वारा अनुभव की जाने वाली आभासी आवृत्ति का मान सर्वथा समान होता है। 3. पराध्वनिक (Supersonic) चाल से चलने वाले जेट विमान जब आकाश में गति करते हैं, तो वे एक तीव्र प्रघाती तरंग (Shock wave) उत्पन्न करते हैं, जिससे अत्यंत तेज और विनाशकारी ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे 'सोनीक बूम' (Sonic boom) कहा जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? pH 7 से अधिक? सूक्ष्मदर्शी?
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