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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (विशेषकर पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और परमाणु खनिजों) के वितरण, उनकी उत्पत्ति और भंडार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत के पूर्वी अपतटीय बेसिनों में स्थित 'कृष्णा-गोदबारी बेसिन' (KG Basin) और 'कावेरी बेसिन' टर्शरी युग की तलछटी (Sedimentary) संरचनाओं से संबंधित हैं, जहाँ हाल के वर्षों में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार (विशेषकर डी-6 क्षेत्र) खोजे गए हैं।
  2. 2. देश में पाए जाने वाले 'लिग्नाइट कोयला' (Lignite Coal) के सबसे बड़े भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में स्थित हैं, जो टर्शरी काल के निक्षेप हैं और इनमें कार्बन की मात्रा बिटुमिनस कोयले से बहुत अधिक होती है।
  3. 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण 'यूरेनियम' का भंडार मुख्य रूप से झारखंड के सिंहभूम शियर जोन (Singhbhum Shear Zone) और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ले क्षेत्र में पाया जाता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार असम का डिगबोई क्षेत्र भारत का सबसे पुराना और लगातार संचालित होने वाला तेल उत्पादक क्षेत्र है, जिसकी खोज ब्रिटिश काल में 19वीं शताब्दी के अंत में की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कृष्णा-गोदबारी (KG) बेसिन और कावेरी बेसिन भारत के प्रमुख पूर्वी अपतटीय बेसिन हैं जो टर्शरी युग के तलछटी निक्षेपों से निर्मित हैं और प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम के अपार भंडार रखते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि लिग्नाइट कोयला (जिसे भूरा कोयला भी कहा जाता है) में कार्बन की मात्रा गोंडवाना या बिटुमिनस कोयले की तुलना में काफी कम (लगभग 40 से 55%) होती है, हालांकि तमिलनाडु का नेवेली इसका सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है। कथन 3 सही है, झारखंड का सिंहभूम शियर जोन और आंध्र प्रदेश का तुमलापल्ले क्षेत्र यूरेनियम के प्रमुख भंडारों के लिए जाने जाते हैं। कथन 4 सही है, डिगबोई (असम) भारत का सबसे पुराना परिचालन वाला तेल क्षेत्र है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में ऊर्जा संसाधनों का रणनीतिक महत्व देश की आर्थिक वृद्धि के लिए सर्वोपरि है।
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