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Geography
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विश्व के महाद्वीपों, देशों, उनकी राजधानियों और भौगोलिक सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मैग्निट लाइन' (Maginot Line) द्वितीय विश्व युद्ध से पहले फ्रांस द्वारा जर्मनी और इटली की संभावित आक्रमण से अपनी रक्षा के लिए बनाई गई भारी रूप से किलेबंद कंक्रीट की रक्षात्मक पंक्तियों की एक श्रृंखला थी।
- 2. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की आधिकारिक सीमा रेखा है, जिसका निर्धारण ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर Mortimer Durand द्वारा 1893 में किया गया था।
- 3. अफ्रीकी महाद्वीप का देश 'गैबन' (Gabon) विषुवत रेखा (Equator) पर स्थित नहीं है, बल्कि विषुवत रेखा इसके बिल्कुल मध्य से गुजरती है जिससे इसका कुछ भाग उत्तरी गोलार्ध और अधिकांश भाग दक्षिणी गोलार्ध में स्थित है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की राजधानी 'ला पाज' (La Paz) विश्व की सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित प्रशासनिक राजधानी है, जो बोलीविया देश में अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'मैग्निट लाइन' (Maginot Line) फ्रांस द्वारा जर्मनी की सीमा पर बनाई गई एक प्रसिद्ध रक्षात्मक दीवार थी। कथन 2 सही है क्योंकि डूरंड रेखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित है। कथन 3 गलत है क्योंकि गैबन (Gabon) देश से विषुवत रेखा (Equator) गुजरती है, यानी यह विषुवत रेखा पर ही स्थित है (इसके उत्तर और दक्षिण दोनों गोलार्धों में इसका विस्तार है)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और राजधानियों के भौगोलिक संयोजन में ला पाज (बोलीविया) सबसे ऊंची प्रशासनिक राजधानी है, अतः कथन 4 भी सही है। इसलिए सही उत्तर विकल्प (a) है।
Related Questions
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विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, तथा ये भूकंपीय अधिकेंद्र पर सबसे पहले पहुँचती हैं।
2. द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से गमन कर सकती हैं और इनका यह गुण वैज्ञानिकों को पृथ्वी के तरल बाहरी क्रोड (Outer Core) की उपस्थिति का पता लगाने में मदद करता है।
3. सुनामी तरंगें महासागरों में उथले पानी से गहरे पानी की ओर प्रवेश करते समय अपनी गति और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) में अचानक अत्यधिक वृद्धि का अनुभव करती हैं, जिससे तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचती है।
4. सुनामी तरंगें उथले समुद्रों या तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर उनकी गति कम हो जाती है, किंतु उनकी ऊँचाई (Amplitude) अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे विशाल जल दीवार के रूप में तट से टकराती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ज्वालामुखी गतिविधियों और उससे संबंधित भू-आकृतियों (Magmatic Landforms) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बाथोलिथ' (Batholiths) एक विशालकाय अंतःभेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टानी संरचना है, जो मैग्मा के पृथ्वी की गहराई में अत्यधिक मात्रा में ठंडे होने से बनती है और यह सामान्यतः ग्रेनाइट चट्टानों के रूप में बड़े पर्वतीय क्षेत्रों के क्रोड (Core) का निर्माण करती है।
2. 'लैकोलिथ' (Laccoliths) गुंबद के आकार की अंतःभेदी चट्टानें होती हैं, जिनमें मैग्मा ऊपर उठकर समतल परतों के बीच एक छतरीनुमा या मशरूम के आकार में फैल जाता है, और इसका उत्तल भाग ऊपर की ओर तथा निचला भाग समतल होता है।
3. 'डाईक' (Dykes) मैग्मा के वे छोटे भंडार होते हैं जो क्षैतिज रूप से अवसादी परतों के बीच समानांतर रूप से जम जाते हैं और कालांतर में अपरदन के कारण दीवार जैसी सीधी चट्टानी संरचनाओं के रूप में प्रकट होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में 'निक्षालन' (Leaching) की तीव्र प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जिसके कारण इस मृदा में सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा लौह एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष रह जाते हैं।
2. 'रेगुर मृदा' (Regur Soil) या काली कपास मृदा का निर्माण ज्वालामुखी उद्गार से निकले बेसाल्टिक लावा के विखंडन से होता है, और इसमें 'स्मेक्टाइट' (Smectite) खनिज की उच्च उपस्थिति के कारण भीगने पर चिपचिपा हो जाने तथा सूखने पर चौड़ी एवं गहरी दरारें पड़ने का विशेष गुण पाया जाता है।
3. भारत के उत्तर-मैदान की 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'भांगर' (Bhangar) कहा जाता है, जिसमें कैल्शियम कार्बोनेट की अशुद्धियाँ पाई जाती हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में 'कंकड़' कहते हैं, और यह मृदा प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होती रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लोकटक झील' पूर्वोत्तर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जो मणिपुर में स्थित है और इसी झील के अंदर 'केइबुल लामजाओ' नामक विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है, जहाँ लुप्तप्राय 'संगाई' हिरण पाया जाता है।
2. शरावती नदी पर कर्नाटक में स्थित 'गेरसोप्पा (जोग) जलप्रपात' भारत का सबसे ऊँचा सीधा (Plunge) गिरने वाला जलप्रपात है, और इसी नदी पर जलविद्युत उत्पादन के लिए 'महात्मा गांधी जलविद्युत परियोजना' का निर्माण किया गया है।
3. 'सरदार सरोवर परियोजना' नर्मदा नदी पर गुजरात में स्थित एक बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका लाभ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान राज्यों को मिलता है, तथा यह परियोजना 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' के कारण पर्यावरणीय विवादों का केंद्र रही थी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम (मानव निर्मित) झील 'गोविंद बल्लभ पंत सागर' है, जो रिहंद नदी पर रिहंद बांध के निर्माण से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बनी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाविधियों और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप का 'अधिकरण' (Epicenter) वह बिंदु होता है जो ठीक उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter) के नीचे पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित होता है जहाँ से सबसे पहले ऊर्जा तरंगें मुक्त होती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहरें' होता है, और इनकी उत्पत्ति मुख्य रूप से महासागरीय नितल पर अचानक होने वाली विवर्तनिक हलचलों (जैसे कि समुद्र के भीतर भ्रंशन या बड़े पैमाने पर भूस्खलन) के कारण जल के विस्थापन से होती है।
3. स्ट्रॉम्बोली (Stromboli) ज्वालामुखी को 'भूमध्यमसागर का प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, क्योंकि यहाँ लगातार हल्के गैस और लावा के उद्गार होते रहते हैं जो रात के समय आकाश को रोशन कर देते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) स्वभाव की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैस—तीनों माध्यमों से गुजरने में सक्षम होती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) केवल ठोस माध्यमों से ही गमन कर सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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