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Geography
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भारत में अपनाई जाने वाली विभिन्न कृषि पद्धतियों और सिंचाई तकनीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'श्री पद्धति' (System of Rice Intensification - SRI) धान की खेती की एक ऐसी विधि है जिसमें कम उम्र के पौधों (seedlings), व्यापक दूरी (wider spacing), और जैविक खादों के उपयोग के साथ खेत में निरंतर जल भराव के बजाय वैकल्पिक रूप से गीला और सूखा रखने (Alternate Wetting and Drying) की तकनीक अपनाई जाती है।
- 2. सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों में, 'ड्रिप सिंचाई' (Drip Irrigation) विधि वाष्पीकरण और सतही अपवाह (Runoff) को न्यूनतम करते हुए सीधे पौधों के मूल क्षेत्र (Root zone) तक जल पहुँचाती है, जिससे लवणता (Salinity) और खरपतवार की समस्याओं में प्रभावी रूप से कमी आती है।
- 3. 'परिशुद्ध कृषि' (Precision Agriculture) एक ऐसी कृषि प्रबंधन रणनीति है जो सूचना प्रौद्योगिकी और उपग्रह डेटा (GPS/GIS) का उपयोग करके खेत के भीतर स्थानिक और लौकिक विविधताओं के अनुसार इनपुट (उर्वरक, बीज, पानी) के अनुकूलतम उपयोग को सुनिश्चित करती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) तकनीक का मुख्य उद्देश्य मृदा की ऊपरी परत को गहराई से उलट-पलट करना है ताकि खरपतवारों का पूर्ण विनाश हो सके और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। श्री पद्धति (SRI) में पारंपरिक धान की खेती की तरह खेत को हमेशा पानी से डुबोकर नहीं रखा जाता, बल्कि वैकल्पिक रूप से गीला और सूखा (AWD) रखा जाता है जिससे पानी की भारी बचत होती है और जड़ तंत्र मजबूत होता है। ड्रिप सिंचाई वाष्पीकरण और अपवाह को कम करके सीधे जड़ों में पानी देती है, जिससे खरपतवार और लवणता की समस्या घटती है। परिशुद्ध कृषि (Precision Agriculture) आधुनिक तकनीक, जीपीएस और सेंसर का उपयोग करके कृषि आदानों का दक्षता से प्रबंधन करती है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) या न्यूनतम जुताई तकनीक का उद्देश्य मृदा को पलटना **नहीं** होता है, बल्कि बिना जुताई किए सीधे फसल के बीज बोना होता है ताकि मृदा के जैविक कार्बन का क्षय रुके, नमी संरक्षित रहे और मिट्टी की संरचना सुरक्षित रहे। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (मध्य हिमालय) की सबसे लंबी और सबसे महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला है, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है तथा इसी श्रेणी में प्रसिद्ध बनिहाल दर्रा स्थित है जो जम्मू को श्रीनगर से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
2. 'ज़स्कर श्रेणी' (Zanskar Range) ट्रांस-हिमालय का एक भाग है, जो लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में समानांतर रूप से फैली हुई है और यह सिंधु नदी प्रणाली को गंगा नदी प्रणाली से जल विभाजक के रूप में अलग करती है।
3. 'मर्खा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आती है और इसके उत्तर में स्टॉक कांगड़ी पर्वत चोटी स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कश्मीर घाटी एक विशाल और सुरम्य अंतरापर्वतीय (Intermontane) घाटी है, जो वृहद हिमालय और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है और यहाँ 'करेवा' (Karewa) निक्षेप पाए जाते हैं जो जाफरान (केसर) की कृषि के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में मानसून की शुरुआत सामान्यतः किस महीने में होती है?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) पृथ्वी के ऊपरी मेंटल का वह भाग है जो अत्यधिक उच्च तापमान और दाब के कारण अर्ध-पिघली हुई अवस्था में रहता है और प्लेट विवर्तनिकी के लिए मुख्य यांत्रिक आधार प्रदान करता है।
2. 'बेसाल्ट' और 'ग्रेब्रो' दोनों आग्नेय चट्टानें हैं, जिनमें बेसाल्ट एक बहिर्भेदी (Extrusive) चट्टान है जो तीव्र शीतलन के कारण महीन दाने वाली होती है, जबकि ग्रेब्रो एक अंतर्भेदी (Intrusive) चट्टान है जो धीमी गति से ठंडी होने के कारण बड़े क्रिस्टल या मोटे दाने वाली होती है।
3. कायांतरित चट्टान (Metamorphic Rock) के निर्माण के दौरान, चूना पत्थर (Limestone) अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से संगमरमर (Marble) में परिवर्तित हो जाता है, जो एक foliated (पत्रित) चट्टान का प्रमुख उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के प्रकार, उनकी रासायनिक विशेषताओं और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मिट्टी' (Regur Soil) मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनती है, जिसमें लोहे और एल्यूमीनियम के यौगिकों की अधिकता होती है, और स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है, लेकिन इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. 'लैटेराइट मिट्टी' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पश्चिमी घाट के ऊपरी हिस्सों और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों) में विकसित होती है, जहाँ अत्यधिक निक्षालन (Leaching) के कारण सिलिका का बह जाना होता है और यह मिट्टी चाय, कॉफी तथा काजू की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।
3. 'लाल और पीली मिट्टी' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक विसरण (Diffusion) के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है, और यह प्रायद्वीपीय पठार के पूर्वी तथा दक्षिणी भागों में बहुतायत में पाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जलालपुर या शुष्क मिट्टी (Arid Soil) में फास्फोरस की प्रचुरता होती है जबकि कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा कम होने के कारण यह कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की 2011 की जनगणना के अंतिम आँकड़ों और मानवजातीय (Racial) वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के मानवजातीय वर्गीकरण के लिए प्रसिद्ध मानवशास्त्री बी.एस. गुहा (B.S. Guha) ने देश की जनसंख्या को कुल छह मुख्य नस्लीय समूहों में विभाजित किया है, जिसके अनुसार 'नॉर्डिक' (Nordic) प्रजाति भारत में प्रवेश करने वाली सबसे अंतिम प्रमुख शाखा थी।
2. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) का कुल प्रतिशत 8.6% है, जिसमें संपूर्ण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर जनजातीय जनसंख्या का सर्वोच्च अनुपात लक्षद्वीप (Lakshadweep) में दर्ज किया गया है।
3. भारत की कुल नगरीय जनसंख्या का सबसे बड़ा भाग 'मेगासिटियों' (10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों) में संकेंद्रित है, और 2001-2011 के दशक के दौरान देश में मिलियन-प्लस शहरों की कुल संख्या में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई थी।
4. भाषाई और जनसांख्यकीय वितरण के दृष्टिकोण से, 'भारत की जनगणना' में असम और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में बोले जाने वाली 'खासी' और 'जयंतिया' भाषाएँ 'द्रविड़' भाषा परिवार के अंतर्गत आती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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