BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
11 views

पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों की उत्पत्ति एवं उनकी स्थलाकृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'एटलस पर्वतमाला' (Atlas Mountains) उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में स्थित एक युवा वलित पर्वतमाला है, जिसकी उत्पत्ति अल्पाइन पर्वतीकरण (Alpine Orogeny) के दौरान अफ्रीकी और यूरेशियन प्लेटों के अभिसरण के परिणामस्वरूप हुई थी।
  2. 2. 'कोलोरैडो का पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) है, जहाँ नदियों द्वारा गहरी घाटियों (जैसे ग्रैंड कैन्यन) का निर्माण किया गया है, और यह मुख्य रूप से क्षैतिज रूप से व्यवस्थित अवसादी चट्टानों से निर्मित है।
  3. 3. 'ग्रैंड विक्टोरिया मरुस्थल' (Great Victoria Desert) ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा मरुस्थल है, जो एक उष्णकटिबंधीय उपोष्णकटिबंधीय बालूका स्तूप और बजरीयुक्त मरुस्थल है और यह मुख्य रूप से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया तथा दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया राज्यों के बीच फैला हुआ है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला के वृष्टिछाया क्षेत्र में स्थित विश्व के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जिसकी शुष्कता में यहाँ से बहने वाली ठंडी 'हम्बोल्ट जलधारा' (Peruvian Current) का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं: 1. **एटलस पर्वतमाला:** यह उत्तर-पश्चिम अफ्रीका (मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया) में स्थित एक युवा वलित पर्वतमाला है, जिसका निर्माण अल्पाइन पर्वतीकरण के दौरान अफ्रीकी और यूरेशियन प्लेटों की टक्कर से हुआ था। 2. **कोलोरैडो का पठार:** यह अमेरिका के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह अंतःपर्वतीय पठार नहीं बल्कि एक 'विस्तृत पठार' (Colorado Plateau is technically a high plateau/tableland, though geomorphologically distinguished by horizontal sedimentary strata) का उदाहरण है जहाँ अपरदन द्वारा 'ग्रैंड कैन्यन' जैसी विश्व प्रसिद्ध घाटियाँ बनी हैं। 3. **ग्रैंड विक्टोरिया मरुस्थल:** यह ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा मरुस्थल है, जो मुख्य रूप से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीच स्थित है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका (चिली) में स्थित है। यहाँ एंडीज पर्वत के वृष्टिछाया प्रभाव और तटवर्ती ठंडी हम्बोल्ट जलधारा के कारण अत्यधिक शुष्कता पाई जाती है, जिससे यह पृथ्वी के सबसे सूखे स्थानों में गिना जाता है।
Share:

Related Questions

पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता, वर्षा के प्रकार और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'व्यापारिक पवनें' (Trade Winds) उपोष्णकटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियों से विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब पेटी की ओर प्रवाहित होती हैं, और कोरिऑलिस बल के प्रभाव के कारण उत्तरी गोलार्ध में ये उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ जाती हैं। 2. 'ओस बिंदु' (Dew Point) वह तापमान है जिस पर हवा संतृप्त हो जाती है और उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होने लगती है, तथा संतृप्ति की स्थिति में सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) 100% हो जाती है। 3. 'साम्नेयिक या संवहनी वर्षा' (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से विषुवतीय क्षेत्रों में होती है, जहाँ अत्यधिक गर्म होकर हवा ऊपर उठती है, ठंडी होती है और कपाशावर्षा मेघों (Cumulonimbus Clouds) के निर्माण के साथ मूसलाधार वर्षा और गरज-चमक के साथ होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के केंद्र को 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) कहा जाता है, जो अत्यंत कम वायुदाब, शांत मौसम, हल्की हवाओं और मेघ-रहित आकाश का क्षेत्र होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों के उद्गम, जल-विभाजन और उनकी विवर्तनिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ मुख्य रूप से अनुवर्ती (Consequent) और पूर्ववर्ती (Antecedent) दोनों प्रकार की होती हैं, जहाँ सतलुज, सिंधु और ब्रह्मपुत्र नदियाँ हिमालय के उत्थान से पूर्व भी बहती थीं और इन्होंने गार्ज (Gorges) का निर्माण करते हुए अपने मार्ग को अपरदित रखा। 2. प्रायद्वीपीय भारत का मुख्य जल-विभाजन (Water Divide) पश्चिमी घाट द्वारा निर्मित होता है, जो प्रायद्वीपीय नदियों को पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी में विभाजित करता है, जिसमें नर्मदा और तापी को छोड़कर अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं। 3. 'कोसी' और 'गंडक' जैसी हिमालयी नदियाँ अपने मध्य और निचले भाग में अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) लाती हैं और अपने मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) के लिए कुख्यात हैं, जिसका प्रमुख कारण मैदानी क्षेत्रों में पहुँचकर नदी की प्रवणता (Gradient) का अचानक कम हो जाना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी की विवर्तनिकी, भूकंपीय तरंगों के वेग परिवर्तन और महासागरीय द्रोणियों में सुनामी जनन की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मोहो असंतत्य' (Mohorovičić Discontinuity) के पार करते समय प्राथमिक (P) तरंगों और द्वितीयक (S) तरंगों के वेग में अचानक वृद्धि हो जाती है, क्योंकि यह परत भूपर्पटी (Crust) के ठोस ग्रेनाइटिक/बेसाल्टिक माध्यम से अधिक घनत्व वाले मेंटल (Mantle) के पेरीडोटाइट माध्यम में संक्रमण को दर्शाती है। 2. जब कोई तीव्र भूकंप महासागरीय तली (Oceanic floor) पर ऊर्ध्वाधर भ्रंश विस्थापन (Vertical Fault Displacement) उत्पन्न करता है, तो विस्थापित जल स्तंभ गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण क्षैतिज रूप से फैलने का प्रयास करता है, जिससे बहुत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम आयाम वाली सुनामी तरंगें उत्पन्न होती हैं। 3. उथले तटीय जल में प्रवेश करने पर सुनामी तरंगों की तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है, जबकि ऊर्जा के संरक्षण के सिद्धांत के कारण उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में भारी कमी आ जाती है, जिससे वे तट पर मद्धम लहरों के रूप में टकराती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगें वायुमंडलीय दाब में होने वाले मौसमी बदलावों से उत्पन्न ज्वारीय तरंगों (Tidal waves) से पूर्णतः भिन्न होती हैं, क्योंकि ये मुख्य रूप से भू-गर्भिक विवर्तनिक गतिविधियों, अंतःसमुद्री भूस्खलन या ज्वालामुखीय विस्फोटों के कारण जल राशि के अचानक विस्थापन से बनती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भूगर्भीय संरचना तथा उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में पाए जाने वाले कोयले का लगभग 98% भाग 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जिसमें बिटुमिनस (Bituminous) कोटि का कोयला प्रमुख रूप से शामिल है, जबकि टर्शरी (Tertiary) कालीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है जो उच्च गंधक (High Sulphur) युक्त होता है। 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र खंभात बेसिन के अंतर्गत अरब सागर में स्थित है, जहाँ तेल और प्राकृतिक गैस के मुख्य भंडार 'मायोसीन' (Miocene) युग के चूना पत्थर (Limestone) संस्तरों में पाए जाते हैं। 3. भारत में थोरियम के विश्व के सबसे बड़े भंडार केरल और अन्य तटीय राज्यों की बालू में मिलने वाले 'मोनाज़ाइट' (Monazite) अयस्क में संकेंद्रित हैं, जबकि यूरेनियम का उत्पादन झारखंड के जादूगोड़ा के अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तुम्मलापल्ली और तेलंगाना के लम्बapur क्षेत्रों से भी किया जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में एंथ्रेसाइट श्रेणी का उत्तम कोटि का कोयला बहुत ही सीमित मात्रा में केवल जम्मू-कश्मीर (रियासी क्षेत्र) के कुछ हिस्सों में पाया जाता है, जबकि गोंडवाना कोयला क्षेत्रों में दामोदर घाटी (झारखंड-पश्चिम बंगाल) सबसे अधिक समृद्ध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल) तथा उनकी विवर्तनिक और जलवायुजनित उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'एंडीज पर्वतमाला' (Andes Mountains) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित विश्व की सबसे लंबी वलित पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण महासागरीय नाज़का प्लेट और महाद्वीपीय दक्षिण अमेरिकी प्लेट के अभिसरण के फलस्वरूप हुआ है। 2. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक अंतर्पर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर के बाद क्रस्ट के संपीड़न और विवर्तनिक उत्थान के कारण हुआ है। 3. 'गोबी मरुस्थल' (Gobi Desert) मंगोलिया और चीन के मध्य स्थित एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जिसके निर्माण का प्रमुख कारण उच्च अक्षांशीय स्थिति के साथ-साथ हिमालय और अन्य उच्च पर्वतमालाओं द्वारा निर्मित वृष्टिछाया (Rain shadow) क्षेत्र होना है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यूरोप की 'यूराल पर्वतमाला' एक अत्यंत नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) का उदाहरण है, जिसका निर्माण वर्तमान टर्शरी काल की अल्पाइन हलचल के दौरान हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.