BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
10 views

भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, विसर्जन और मार्ग संबंधी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिमी घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटी (Rift Valley) से होकर पश्चिम की ओर बहती हैं और डेल्टा के स्थान पर ऐश्चुअरी (Estuary) बनाती हैं।
  2. 2. हिमालयी अपवाह तंत्र के अंतर्गत सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियाँ 'पूर्ववर्ती' (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी विद्यमान थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गार्ज (Gorges) का निर्माण किया है।
  3. 3. दक्षिण भारत की 'तुंगभद्रा' नदी कृष्णा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो स्वयं तुंगा और भद्रा नदियों के संगम से बनती है, और इस नदी बेसिन में प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर 'हम्पी' अवस्थित है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय नदियों में 'गोदावरी' नदी सबसे बड़ी नदी प्रणाली है, जिसे इसकी लंबाई और बड़े जलग्रहण क्षेत्र के कारण 'वृद्ध गंगा' या 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है, और यह महाराष्ट्र के नासिक जिले से निकलती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. प्रायद्वीपीय भारत की पूर्व की ओर बहने वाली नदियाँ अपने मुहाने पर विशाल डेल्टा बनाती हैं क्योंकि वे अपने साथ लाई गई अवसादों की मात्रा को समुद्र में जमा करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी भ्रंश घाटियों से बहती हुई बिना गाद के सीधे समुद्र में गिरती हैं जिससे ऐश्चुअरी बनती है। 2. सिंधु, सतलुज, ब्रह्मपुत्र जैसी हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती नदियाँ (Antecedent Rivers) हैं जो हिमालय पर्वतमाला के उत्थान के समकालीन या उससे भी प्राचीन हैं। 3. तुंगभद्रा नदी कर्नाटक में कृष्णा की प्रमुख सहायक नदी है और इसके तट पर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी स्थित है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है। अतः सभी चार कथन सही हैं।
Share:

Related Questions

पृथ्वी के वायुमंडल, उसकी तापीय संरचना और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, और इस परत की ऊपरी सीमा 'क्षोभसीमा' पर तापमान ध्रुवों के ऊपर सबसे कम होता है। 2. आयनमंडल (Ionosphere) में रेडियो तरंगें पृथ्वी की सतह से परावर्तित होकर वापस लौटती हैं, क्योंकि इस परत में गैसों के अणु सौर विकिरण के कारण आयनित (Ionised) हो जाते हैं, और इस क्षेत्र में तापमान ऊंचाई के साथ तेजी से घटता है। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मुख्य रूप से गतिजन्य कारणों (Dynamically Induced) से उत्पन्न होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन और भूमध्य रेखा से उठने वाली गर्म हवाओं के ठंडे होकर उपोष्ण कटिबंधों (लगभग 30°-35° अक्षांश) में नीचे बैठने के कारण बनती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? भारत के बायोस्फीयर रिजर्व (जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र) और उनके भौगोलिक वितरण तथा विशिष्ट जीवों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'डिब्रू-सैखोवा बायोस्फीयर रिजर्व' (Dibru-Saikhowa Biosphere Reserve) असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिण बैंक पर स्थित देश का सबसे छोटा बायोस्फीयर रिजर्व है, जो जंगली घोड़ों (Feral Horses) और सफेद पंख वाले बत्तख (White-winged Wood Duck) के लिए प्रसिद्ध है। 2. 'अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व' (Agasthyamalai Biosphere Reserve) पश्चिमी घाट के दक्षिणी छोर पर केरल और तमिलनाडु राज्यों की सीमा पर स्थित है, जिसे यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व्स में शामिल किया गया है और यह नीलगिरी तहर तथा कनी जनजाति के औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। 3. 'पन्ना बायोस्फीयर रिजर्व' (Panna Biosphere Reserve) मध्य प्रदेश राज्य में विंध्य पर्वत श्रेणी के अंतर्गत स्थित है, जो बाघों और घड़ियालों का प्रमुख प्राकृतिक आवास है, तथा यह यूनेस्को की सूची में शामिल होने वाला मध्य प्रदेश का एकमात्र बायोस्फीयर रिजर्व है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'सुंदरबन बायोस्फीयर रिजर्व' पश्चिम बंगाल के गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र में स्थित है, जो विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र है और रॉयल बंगाल टाइगर का मुख्य प्राकृतिक आवास है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी की पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार, वर्षा के विभिन्न स्वरूपों और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'वाताग्र वर्षा' (Frontal Precipitation) मुख्य रूप से शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में होती है, जहाँ भिन्न तापमान और घनत्व वाली दो विपरीत वायु राशियाँ (गर्म और ठंडी) आपस मिलती हैं, जिसके फलस्वरूप हल्की और लगातार होने वाली वर्षा का विस्तार विस्तृत क्षेत्र में होता है। 2. 'निरपेक्ष आर्द्रता' (Absolute Humidity) दिए गए तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा होती है, जिसे प्रति इकाई आयतन में ग्राम के रूप में मापा जाता है, और यह पृथ्वी की सतह पर अक्षांशों के साथ एकसमान रूप से वितरित रहती है। 3. 'उष्णकटिबंधीय चक्रवात' (Tropical Cyclones) के केंद्र में स्थित 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) उच्च दाब (High Pressure) का क्षेत्र होती है, जहाँ हवाएँ तेजी से नीचे उतरती हैं और इसके चारों ओर मंडाकार रूप में अत्यंत तीव्र गति से पवनें परिभ्रमण करती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से तापीय अंतर के कारण भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में होती है और इनका आकार गोलाकार तथा सीमित क्षेत्र वाला होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वायुमंडल में पवन प्रणालियों, आर्द्रता और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'रोज़बी तरंगें' (Rossby Waves) क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों और समताप मंडल में प्रवाहित होने वाली लंबी और घुमावदार वायुमंडलीय तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरियोलिस प्रभाव) के कारण उत्पन्न होती हैं और वैश्विक मौसम के प्रतिरूप को नियंत्रित करती हैं। 2. 'वाष्पोसर्जन' (Transpiration) और वाष्पीकरण की संयुक्त प्रक्रिया को 'वाष्पोत्सर्जन' (Evapotranspiration) कहा जाता है, और किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर संतृप्त वायु की क्षमता के अनुपात को 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) कहते हैं। 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Extra-tropical Cyclones) का विस्तार बहुत व्यापक होता है, इनकी उत्पत्ति केवल महासागरीय सतह पर होती है और इनके साथ कोई वाताग्र (Front) जुड़ा हुआ नहीं होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई के विपरीत (Counter-clockwise) दिशा में चक्कर लगाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सौर मंडल के ग्रहों, उनकी गतिशीलता, उपग्रहों और उल्कापिंडों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/दक्षिणावर्त) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिससे शुक्र पर सूर्य पश्चिम में उगता है और पूर्व में अस्त होता है। 2. 'शतुष्कोण' या 'किउपर बेल्ट' (Kuiper Belt) में स्थित 'प्लूटो' को वर्ष 2006 में प्राग में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) की बैठक में बौने ग्रह (Dwarf Planet) की श्रेणी में रख दिया गया, क्योंकि यह अपनी कक्षा के आस-पास के अन्य मलबे को साफ करने में असमर्थ था। 3. बृहस्पति का उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जिसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र भी पाया जाता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उल्कापिंड (Meteoroids) जब पृथ्वी के वायुमंडल में अत्यधिक तीव्र गति से प्रवेश करते हैं तो घर्षण के कारण जल उठते हैं, जिन्हें 'टूटता तारा' (Shooting Star) कहा जाता है, और जो टुकड़े वायुमंडल में पूरी तरह जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह पर गिरते हैं, उन्हें 'उल्कापतन' या 'मेटियोराइट' (Meteorites) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.