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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण और चट्टानों के भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्राथमिक भूकंपीय तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस - तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, किंतु तरल क्रोड (Outer Core) में प्रवेश करने पर इनका अपवर्तन (Refraction) हो जाता है जिसके कारण पृथ्वी के विपरीत गोलार्ध में 103° से 142° के बीच 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।
- 2. 'कॉनराड असांतत्य' (Conrad Discontinuity) उपरी क्रस्ट और निचले क्रस्ट के मध्य सीमा बनाती है, जबकि 'रेपेटी असांतत्य' (Repetti Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को एक-दूसरे से पृथक् करती है।
- 3. पृथ्वी की पपड़ी (Crust) में भार के अनुसार सिलिका और एल्युमिनियम (Sial) की अधिकता महाद्वीपीय भागों में पाई जाती है, जबकि महासागरीय पपड़ी मुख्य रूप से सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी होती है जिसका औसत घनत्व महाद्वीपीय क्रस्ट से अधिक होता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी के मेंटल का ऊपरी भाग जो लगभग 400 किमी की गहराई तक फैला है और जहाँ चट्टानें अर्ध-पिघली हुई तथा प्लास्टिक की अवस्था में होती हैं, 'स्थलमंडल' (Lithosphere) कहलाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं। तरल बाहरी क्रोड के कारण इनका मार्ग मुड़ जाता है, जिससे 103° से 142° के मध्य P-तरंगों का एक बड़ा छाया क्षेत्र बनता है।
कथन 2 सही है: कॉनराड असांतत्य ऊपरी क्रस्ट (SIAL) और निचले क्रस्ट (SIMA) के बीच स्थित है, और रेपेटी असांतत्य ऊपरी मेंटल तथा निचले मेंटल के बीच स्थित होती है।
कथन 3 सही है: महाद्वीपीय क्रस्ट का निर्माण हल्के सिलिकॉन और एल्युमिनियम से हुआ है, जबकि भारी महासागरीय क्रस्ट बेसाल्टिक सिलिकॉन और मैग्नीशियम से युक्त होने के कारण अधिक घनत्व वाली होती है।
कथन 4 गलत है: लगभग 100 किमी (या क्रस्ट सहित ऊपरी 200 किमी तक) की गहराई तक के ठोस भाग को 'स्थलमंडल' (Lithosphere) कहा जाता है, जबकि इसके ठीक नीचे अर्ध-पिघली हुई व प्लास्टिक अवस्था वाली परत को 'दुर्बलतामंडल' (Asthenosphere) कहा जाता है, न कि स्थलमंडल। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
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विश्व की प्रमुख नदियों और उनके किनारे स्थित नगरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मोंट्रियल (Montreal) - सेंट लॉरेंस नदी
2. रोम (Rome) - टाइबर नदी
3. कीव (Kyiv) - नीपर नदी
4. वियना (Vienna) - सीन नदी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) का निर्माण होता है, जो अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'ऊष्मीय इंजन' (Thermal Low/High) के रूप में कार्य करता है, जो वायुमंडल के क्षोभमंडलीय स्तर पर प्रति-चक्रवातीय (Anticyclonic) दशाओं को उत्पन्न कर दक्षिण-पश्चिम मानसून की धारा को आकर्षित करने में सहायक होता है।
3. 'अल नीनो' (El Nino) घटना के सक्रिय होने पर भारतीय तटों के पास पेरू की ठंडी जलधारा का प्रभाव अत्यधिक प्रबल हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जाती है।
4. मैसेन लाइन (Madden-Julian Oscillation - MJO) और हिन्द महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole - IOD) जैसी महासागरीय-वायुमंडलीय परिघटनाएँ भी भारतीय मानसून की तीव्रता और वर्षा के स्थानिक वितरण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मृदाओं की सूक्ष्म विशेषताओं और उनके खनिजकीय संघटन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदाओं का पीला रंग मुख्य रूप से फेरिक ऑक्साइड के जलयोजन (Hydration) के कारण होता है, जबकि इनका लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लौह (Iron) के व्यापक प्रसार के कारण होता है।
2. लवण प्रभावित मृदाओं (Saline and Alkaline Soils), जिन्हें स्थानीय रूप से रेह, कलर या उसर भी कहा जाता है, में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों की मात्रा अधिक होती है और इनका निर्माण अत्यधिक शुष्क जलवायु तथा खराब जल निकास वाले क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary Action) के कारण होता है।
3. पीटमय और दलदली मृदाएँ (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत कार्बनिक पदार्थों के संचयन से बनती हैं, और ये मृदाएँ सामान्यतः क्षारीय प्रकृति की होती हैं जिनमें फास्फोरस और पोटाश की प्रचुरता पाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षारीय मृदाओं में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए जिप्सम (Gypsum) का उपयोग किया जाता है ताकि अतिरिक्त सोडियम को विस्थापित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके तट पर अवस्थित ऐतिहासिक एवं प्रमुख नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) - पराना नदी (Parana River)
2. रोम (Rome) - टाइबर नदी (Tiber River)
3. वियना (Vienna) - डेन्यूब नदी (Danube River)
4. पेरिस (Paris) - सीन नदी (Seine River)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनमंडल (Ionosphere) के भीतर स्थित 'डी-परत' (D-layer) लंबी तरंगों वाली रेडियो तरंगों को परावर्तित करती है, जिससे पृथ्वी पर लंबी दूरी तक रेडियो संचार संभव होता है, जबकि सूर्य अस्त होने के बाद यह परत गायब हो जाती है।
2. क्षोभसीमा (Tropopause) पर तापमान की ऊर्ध्वाधर प्रवणता शून्य हो जाती है और यह भूमध्य रेखा के ऊपर सबसे अधिक ठंडी होती है, जिसका कारण यहाँ संवहन धाराओं का अत्यधिक ऊंचाई तक पहुंचना है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) मुख्य रूप से गतिकीय कारकों (Dynamically Induced) द्वारा उत्पन्न होती हैं, जहाँ विषुवत वृत्त से उठने वाली हवाएं ठंडी होकर उत्तर और दक्षिण की ओर नीचे बैठती हैं।
4. पृथ्वी की सतह पर दाब प्रवणता बल (Pressure Gradient Force) वायुदाब अंतर के सीधे समानुपातिक होता है, लेकिन कोरिolis बल (Coriolis Force) की उपस्थिति के कारण हवाएं हमेशा दाब प्रवणता के समकोण पर और समदाब रेखाओं के समानांतर बहती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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