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BPSC TRE 4.0
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किस मुगल शासक ने अपनी 'आत्मकथा' (Tuzk-e-Baburi) स्वयं लिखी थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मुगल साम्राज्य के संस्थापक 'बाबर' ने अपनी आत्मकथा 'तुजुक-ए-बाबरी' (या बाबरनामा) तुर्की भाषा में स्वयं लिखी थी।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संवैधानिक प्रावधानों, शक्तियों और स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत नियुक्त भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) को पद से हटाने की प्रक्रिया और आधार वही हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के होते हैं, और वह अपने पद की अवधि समाप्त होने के पश्चात भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य लाभ के पद का पात्र नहीं होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) है, जिसके पास अपने निर्णयों और अभिलेखों को सुरक्षित रखने का अधिकार तो है, किंतु उसे अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति प्राप्त नहीं है।
3. उच्चतम न्यायालय के प्रारंभिक क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction) के अंतर्गत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले कानूनी विवाद आते हैं, किंतु इसमें संसद या राज्य विधानसभाओं के सदस्यों के निर्वाचन से संबंधित विवाद शामिल होते हैं।
4. संसद द्वारा विधि बनाकर CAG के कर्तव्यों और शक्तियों को निर्धारित किया जाता है, और CAG अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट सीधे राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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औपनिवेशिक काल में भारत में हुए विभिन्न किसान विद्रोहों एवं आंदोलनों तथा उनके प्रमुख नेताओं/क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल का 'पबना विद्रोह' (1873-76) मुख्य रूप से जमींदारों द्वारा मनमाने ढंग से लगान में अत्यधिक वृद्धि और रैयतों के कानूनी अधिकारों के हनन के विरुद्ध संगठित एक कानूनी एवं शांतिपूर्ण संघर्ष था, जिसमें ईशान चंद्र राय और शंभुपाल ने प्रमुख नेतृत्व प्रदान किया था।
2. वर्ष 1920-22 के दौरान उत्तर प्रदेश में चलाए गए 'एक आंदोलन' (एका आंदोलन) का मुख्य केंद्र हरदोई, बहराइच और सीतापुर थे, जिसका नेतृत्व मडारी पासी और सहदेव ने किया था, तथा यह आंदोलन उच्च लगान और जबरन वसूली जाने वाली 'बेगार' प्रथा के विरुद्ध था।
3. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1936 में लखनऊ में स्थापित 'अखिल भारतीय किसान सभा' के प्रथम अध्यक्ष स्वयं स्वामी सहजानंद सरस्वती थे, जबकि इसके प्रथम महासचिव (General Secretary) एन. जी. रंगा चुने गए थे, और इस सभा का मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का पूर्ण उन्मूलन था।
4. मोपला विद्रोह (1921), जो केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था, एक पूरी तरह से वामपंथी और आधुनिक किसान आंदोलन था, जिसे कांग्रेस और खिलाफत नेताओं ने शुरू किया था और इसका जमींदारों या ब्रिटिश शासन से कोई धार्मिक संघर्ष नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक इतिहास, उसके महत्वपूर्ण अधिवेशनों तथा उससे जुड़े नेताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक एवं प्रथम सचिव ए.ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) थे, और वर्ष 1885 में कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन मूल रूप से पुणे में आयोजित होना तय था, किंतु वहाँ प्लेग की बीमारी फैलने के कारण इसे बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में स्थानांतरित करना पड़ा था।
2. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, जिसमें बंगाल विभाजन की पृष्ठभूमि में ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी आंदोलन के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से कांग्रेस द्वारा पूर्ण समर्थन प्रदान किया गया था।
3. वर्ष 1907 के ऐतिहासिक सूरत अधिवेशन की अध्यक्षता रास बिहारी घोष द्वारा की गई थी, जिसमें वैचारिक मतभेदों और नीतियों को लेकर कांग्रेस 'नरम दल' और 'गरम दल' के रूप में दो स्पष्ट भागों में विभाजित हो गई थी, तथा इस फूट के बाद कांग्रेस पर नरमपंथियों का नियंत्रण पुनः स्थापित हुआ था।
4. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन में अंबिका चरण मजुमदार की अध्यक्षता में न केवल कांग्रेस के दोनों गुटों (नरम दल और गरम दल) का पुनर्मिलन हुआ, बल्कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मध्य 'लखनऊ पैक्ट' भी संपन्न हुआ, जिसने भविष्य की पृथक निर्वाचक मंडल और सांप्रदायिक राजनीति को व्यावहारिक मान्यता प्रदान कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1 वाट-घंटा कितने जूल के बराबर है?
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बिहार के प्रादेशिक सामान्य-ज्ञान और विभिन्न कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रसिद्ध 'मधubani painting' (मिथिला पेंटिंग) को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्राप्त है, और इस कला शैली के अंतर्गत मुख्य रूप से दो प्रमुख शैलियाँ—कछनी (Kachni) और भरनी (Bharni)—शामिल हैं, जिसमें भरनी शैली में प्राकृतिक रंगों और रेखाओं का अधिक प्रयोग होता है जबकि कछनी शैली मुख्यतः रेखाचित्र पर आधारित होती है।
2. बिहार की पारंपरिक लोक नाट्य कलाओं में 'विदेशिया' (Bidesia) को सबसे लोकप्रिय माना जाता है, जिसके जन्मदाता भिखारी ठाकुर थे, जिन्हें 'भोजपुरी का शेक्सपियर' भी कहा जाता है, और इस नाटक के माध्यम से मुख्य रूप से पलायन, सामाजिक असमानता और महिला उत्पीड़न की समस्याओं का सजीव चित्रण किया जाता है।
3. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म और उनका महापरिनिर्वाण क्रमशः वैशाली (कुंडलपुर) और पावापुरी (नालंदा) में हुआ था, जो बिहार के प्राचीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक परिदृश्य के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
4. बिहार सरकार द्वारा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से पटना में स्थापित 'बिहार संग्रहालय' (Bihar Museum) और 'पटना संग्रहालय' में मौर्य, गुप्त और पाल काल की ऐतिहासिक कलाकृतियों का एक अत्यंत समृद्ध संग्रह सुरक्षित रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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