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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन नेटवर्क (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल और जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश' भारत के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में सूती वस्त्र उद्योग, पेट्रोकेमिकल और इंजीनियरिंग उद्योगों का प्रमुख केंद्र है, जिसकी शुरुआत इस क्षेत्र में कपास की स्थानीय उपलब्धता और मुंबई बंदरगाह की सुलभता के कारण हुई थी।
  2. 2. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क (National Highways) देश के कुल सड़क यातायात का लगभग 40% हिस्सा वहन करता है, जबकि इनका निर्माण और रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाता है जो कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन आता है।
  3. 3. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) जो कि गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है, भारत का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है और इसकी कुल लंबाई लगभग 1,620 किलोमीटर है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार स्वतंत्रता के पश्चात भारत में स्थापित पहला लौह एवं इस्पात कारखाना 'टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी' (TISCO) था, जिसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में वर्ष 1907 में साक्षी (जमशेदपुर) में स्थापित किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश भारत का एक प्रमुख और बेहद विकसित औद्योगिक क्षेत्र है जहाँ सूती वस्त्र, पेट्रोकेमिकल, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उद्योगों का भारी संकेंद्रण है। कथन 2 सही है क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग देश के कुल सड़क यातायात का लगभग 40% हिस्सा वहन करते हैं और इनका प्रबंधन NHAI द्वारा किया जाता है। कथन 3 सही है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) हल्दिया से प्रयागराज (इलाहाबाद) तक गंगा-भागीरथी-हूगली नदी पर स्थित देश का सबसे लंबा जलमार्ग है जिसकी लंबाई लगभग 1,620 किमी है। कथन 4 असत्य है क्योंकि TISCO (टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी) की स्थापना 1907 में निजी क्षेत्र (Private Sector) के अंतर्गत जमशेदपुर में की गई थी, न कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र का पहला प्रमुख इस्पात कारखाना स्वतंत्रता के बाद स्थापित हुआ था। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है।
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भारत के प्रमुख दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. चांग ला दर्रा (Chang La) - यह लद्दाख को तिब्बत से जोड़ने वाला एक उच्च पर्वतीय दर्रा है, जो जास्कर श्रेणी में स्थित है और यहाँ विश्व का तीसरा सबसे ऊँचा मोटर योग्य मार्ग है। 2. रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) - यह हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो कुल्लू घाटी को लाहौल और स्पीति घाटियों से जोड़ता है और यहीं से रावी नदी का उद्गम होता है। 3. दिफु दर्रा (Diphu Pass) - यह अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी छोर पर भारत, म्यांमार और चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) के समीप स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रा है। 4. पालघाट दर्रा (Palakkad Gap) - यह दक्षिणी भारत में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख गैप है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है और इसके माध्यम से रेल एवं सड़क मार्ग गुजरते हैं। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं? भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम तथा परमाणु खनिज) के वितरण और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में कोयले के कुल भंडार का लगभग 98% भाग 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, और इस क्रम के कोयले में सल्फर की मात्रा कम तथा ऐश (राख) की मात्रा अधिक होती है। 2. देश में 'टर्शरी क्रम' का कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड) में पाया जाता है, जिसमें कार्बन की मात्रा अपेक्षाकृत कम और नमी तथा वोलेटाइल मैटर की मात्रा अधिक होती है। 3. भारत में थोरियम का विशाल भंडार केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय बालों में पाए जाने वाले 'मोनोजाइट' (Monazite) अयस्क से प्राप्त होता है, और भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा थोरियम भंडार मौजूद है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में उत्तम कोटि के 'एंथरासाइट' कोयले का उत्पादन देश के घरेलू भंडारों से बड़े पैमाने पर किया जाता है, और जम्मू-कश्मीर इसका एकमात्र प्रमुख उत्पादक राज्य है जहाँ देश का 80% एंथरासाइट भंडार पाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और इन्होंने अपने मार्ग में गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करते हुए अपनी घाटियों को गहरा किया है। 2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के परिपक्व चरण में हैं, जिनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं, तथा ये नदियाँ अपने मार्गों में तीव्र अपरदन के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी विशेषताओं को कभी भी प्रदर्शित नहीं करती हैं। 3. कोसी नदी, जो अपनी मार्ग बदलने की प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, हिमालयी नदी तंत्र का हिस्सा है और यह नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) का निक्षेपण करती है। 4. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और मुहानों पर सुंदर डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों से होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके भौतिक गुणों और वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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