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पर्यावरण शिक्षण में बच्चों को 'प्राथमिक स्तर' पर कैसे सिखाना चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
छोटे बच्चों को उनके परिवेश के अनुभवों से जोड़ा जाता है।
Related Questions
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) के संचरण तथा ध्वनि तरंगों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें होती हैं जो किसी माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) के रूप में संचरित होती हैं, और लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम में ध्वनि का प्रसार एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, समतापीय नहीं।
2. किसी गैस में ध्वनि की चाल माध्यम के दाब पर निर्भर करती है, अतः यदि दाब को दोगुना कर दिया जाए तो ध्वनि की चाल भी दोगुनी हो जाती है, बशर्ते तापमान स्थिर रहे।
3. अनुप्रस्थ तरंगें केवल ठोस पदार्थों और द्रवों की सतह पर ही उत्पन्न की जा सकती हैं क्योंकि गैसों में अपरूपण प्रत्यास्थता (Shear elasticity) का अभाव होता है, जिसके कारण गैसों के भीतर अनुप्रस्थ तरंगों का संचरण संभव नहीं है।
4. जब कोई ध्वनि स्रोत श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति का बढ़ जाना 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहलाता है, और यह प्रभाव प्रकाश तरंगों के साथ-साथ ध्वनि तरंगों दोनों पर लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative properties) तथा रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम पर आधारित एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
2. क्वथनांक उन्नयन ($ΔT_b$) और हिमांक अवनमन ($ΔT_f$) दोनों ही विलायक के मोलल उन्नयन और अवनमन स्थिरांक पर निर्भर करते हैं, तथा ये मान विलायक की प्रकृति के साथ-साथ विलेय के मोलर द्रव्यमान की गणना करने में सहायता करते हैं।
3. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी द्रव या सभी गैस) में होते हैं, जिसमें 'मध्यवर्ती यौगिक निर्माण सिद्धांत' सक्रियण ऊर्जा को बढ़ाकर अभिक्रिया की दर को त्वरित करता है।
4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के होते हैं और 'ताला-कुंजी' (Lock and Key) मॉडल के अनुसार इनकी क्रियाशीलता विशिष्ट क्रियाधार (Substrate) अणुओं के साथ उनके सक्रिय स्थलों पर बंध बनाने पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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परमाणु संरचना और पदार्थ की अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान और उसका धनात्मक आवेश उसके केंद्र में एक अत्यंत सूक्ष्म आयतन में केंद्रित होता है, जिसे परमाणु का नाभिक कहा जाता है।
2. प्लांक के क्वांटम सिद्धांत के अनुसार, ऊर्जा का उत्सर्जन या अवशोषण अनवरत (Continuous) रूप से न होकर ऊर्जा के छोटे-छोटे विविक्त पैकेटों या बंडलों के रूप में होता है, जिन्हें 'क्वांटा' या प्रकाश के संदर्भ में 'फोटॉन' कहते हैं।
3. बोस-आइंस्टीन संघनन (Bose-Einstein Condensate - BEC) पदार्थ की एक ऐसी अवस्था है जिसे अत्यंत उच्च तापमान और दाब पर गैसों को आयनित करके प्राप्त किया जाता है, जिसमें सभी कण क्वांटम अवस्था में एक साथ संघनित हो जाते हैं।
4. पाउच के अपवर्जन नियम (Pauli Exclusion Principle) के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एबीओ' (ABO) रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जो लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद विशिष्ट एंटीजन (प्रतिजन) की उपस्थिति या अनुपस्थिति पर आधारित होती है, जबकि आरएच (Rh) कारक एक अन्य प्रोटीन है जो पहली बार 'रीसस' बंदर में खोजा गया था।
2. सार्वत्रिक दाता (Universal Donor) रक्त समूह 'O-रकारात्मक' (O-negative) माना जाता है क्योंकि इसकी लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर A, B और Rh तीनों प्रमुख एंटीजन अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी अन्य रक्त समूह के ग्राही (Recipient) में प्रतिरक्षी-प्रतिजन प्रतिक्रिया उत्पन्न नहीं करता है।
3. 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटalis' (Erythroblastosis fetalis) एक गंभीर स्थिति है जो तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh-positive) पिता और Rh-ऋणात्मक (Rh-negative) माता की पहली संतान Rh-धनात्मक होती है, और यह पहली गर्भावस्था के दौरान ही प्लेसेंटा के माध्यम से एंटीबॉडी के संचरण के कारण भ्रूण की मृत्यु का कारण बनती है।
4. हीमोस्टेसिस (Hemostasis) या रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में, थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में प्रोथ्रॉम्बिन, थ्रॉम्बिन में परिवर्तित होता है, जो अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन धागों में बदलकर रक्त का थक्का बनाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथ घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध उसके तापमान पर निर्भर करता है, और अधिकांश धात्विक चालकों के लिए तापमान बढ़ाने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (Semiconductors) का प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ घटता है।
2. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जबकि द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम) आवेश संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है।
3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है।
4. किसी सेल का टर्मिनल विभवांतर (Terminal Potential Difference) उसके आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) के कारण, सेल से धारा लिए जाने की स्थिति में उसके विद्युत वाहक बल (EMF) से कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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