Geography
Asked 2 months ago · Viewed 18 times
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भू-गर्भीय विशेषताओं और निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में पेट्रोलियम के कुल भंडारों का लगभग अधिकांश भाग टर्शरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानों में संकेंद्रित है, जिसमें पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र का 'बॉम्बे हाई' देश का सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है, जबकि पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी (KG Basin) बेसिन प्राकृतिक गैस के अपार भंडारों के लिए प्रसिद्ध है।
- 2. भारत में लिग्नाइट (Lignite) कोयले का सबसे बड़ा भंडार 'तमिलनाडु' के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, इसके अलावा राजस्थान के बाड़मेर, गुजरात के कच्छ और पुडुचेरी में भी इसके निक्षेप मौजूद हैं।
- 3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की प्लेसर बालू (Placer Deposits) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत अपनी कुल घरेलू पेट्रोलियम खपत का लगभग 85 प्रतिशत से अधिक भाग आयात के माध्यम से पूरा करता है, क्योंकि देश में स्वदेशी कच्चे तेल का उत्पादन कुल मांग की तुलना में बहुत सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार टर्शरी युग की अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं, जिनमें बॉम्बे हाई (पश्चिमी अपतटीय) और केजी बेसिन प्रमुख हैं। तमिलनाडु का नेवेली क्षेत्र लिग्नाइट कोयले (भूरा कोयला) के लिए देश भर में विख्यात है। भारत के तटीय क्षेत्रों (विशेषकर केरल और ओडिशा) की मोनाज़ाइट रेत में थोरियम के अपूर्व भंडार सुरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त, भारत अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का 85% से अधिक आयात करता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत विश्व के उन प्रमुख देशों में शामिल है जो ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं।
अगला प्रश्न →
भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक…
← पिछला प्रश्न
भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी…
Related Questions
→
भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल सिंचित क्षेत्र में कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का हिस्सा सबसे बड़ा है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्यों का भूजल निष्कर्षण में प्रमुख स्थान है।
2. 'चावल' (Paddy) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके लिए अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है और यही कारण है कि पारंपरिक रूप से कम वर्षा वाले पंजाब और हरियाणा राज्यों में भी भूजल आधारित नलकूप सिंचाई के माध्यम से इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
3. 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (फसल प्रति बूँद अधिक फसल) घटकों का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) प्रणालियों को बढ़ावा देना और जल उपयोग दक्षता में सुधार करना है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल सिंचित कृषि भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा सतही नहरों (Canals) की सिंचाई पर निर्भर करता है, जबकि भूजल निकासी का देश के कुल सिंचित क्षेत्र में योगदान अत्यंत नगण्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनके निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पेट्रोलियम के कुल भंडारों का सबसे बड़ा हिस्सा टर्शरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानों में संकेंद्रित है, जिसमें पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र का 'बॉम्बे हाई' देश का सबसे बड़ा अपतटीय उत्पादक क्षेत्र है, जबकि डिगबोई असम का सबसे पुराना चालू तेल उत्पादक क्षेत्र है।
2. भारत में 'लिग्नाइट' कोयले का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के 'नेवेली' बेसिन में पाया जाता है, इसके अलावा राजस्थान के बाड़मेर, गुजरात के कच्छ और पुडुचेरी के पलूर बेसिन में भी इसके निक्षेप मौजूद हैं।
3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की प्लेसर बालू में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक 'यूरेनियम' का सबसे विशाल भंडार और उत्पादन झारखंड के सिंहभूम जिले के 'जादुगुड़ा' खदान से ही संपूर्ण देश की 100 प्रतिशत घरेलू मांग को पूरा करते हुए निर्यात भी किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के वर्गीकरण (Rocks Classification) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोहरोविक असंबद्धता (Mohorovičić Discontinuity) पृथ्वी की भू-पर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से बनती हैं, जिसमें 'चुना पत्थर' (Limestone) के रूपांतरण से 'संगमरमर' (Marble) और 'शेल' (Shale) के रूपांतरण से 'स्लेट' (Slate) का निर्माण होता है।
3. पृथ्वी की क्रूर (Core) का आंतरिक भाग (Inner Core) अत्यधिक दबाव के कारण तरल (Liquid) अवस्था में पाया जाता है, जबकि बाह्य क्रोर (Outer Core) ठोस (Solid) अवस्था में होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की संपूर्ण आंतरिक संरचना में सबसे अधिक मात्रा में 'लोहा' (Iron) तत्व पाया जाता है, जिसके बाद ऑक्सीजन और सिलिकॉन का स्थान आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनके भौगोलिक एवं भू-गर्भीय संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल भंडारों और उत्पादन का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय) में पाया जाता है।
2. भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मुख्य रूप से टर्शरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानों में पाए जाते हैं, जिसमें 'बॉम्बे हाई' देश का सबसे बड़ा अपतटीय तेल क्षेत्र है, और कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin) प्राकृतिक गैस के अपार भंडारों के लिए जाना जाता है।
3. भारत में यूरेनियम का सबसे पुराना और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र झारखंड का 'सिंहभूम खनिजीय पट्टी' (जादुगुड़ा) है, इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और तेलंगाना के लम्बापुर-पेद्दगट्टू क्षेत्र में भी यूरेनियम के महत्वपूर्ण भंडारों की खोज की गई है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में एंथ्रेसाइट (Anthracite) कोटि के कोयले का विशाल भंडार झारखंड के झरिया और बोकारो क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पाया जाता है, जिससे देश को कोकिंग कोयले के आयात की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
→
पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.