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Geography
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भारत के अपवाह तंत्र और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में सांगपो के नाम से जानी जाती है और यह नामचा बारवा पर्वत के पास एक गहरे गार्ज (महाखड्ड) का निर्माण करते हुए 'दिहांग' के रूप में अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिबांग और लोहित हैं।
- 2. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी गोदावरी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, और इसका उद्गम पश्चिमी घाट में नासिक जिले की त्र्यंबक पहाड़ियों से होता है, तथा यह बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले वेनगंगा, पेनगंगा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों का जल ग्रहण करती है।
- 3. 'सिंधु जल संधि' (Indus Waters Treaty) के प्रावधानों के अनुसार, भारत को तीन पूर्वी नदियों (सतलुज, व्यास और रावी) के पानी का संपूर्ण उपयोग करने का अधिकार है, जबकि तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) के कुल जल का लगभग 80% हिस्सा पाकिस्तान द्वारा उपयोग किया जाता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा नदी अमरकंटक पठार से निकलकर एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) से होते हुए पश्चिम दिशा में प्रवाहित होती है और अरब सागर में मिलने से पहले धुआँधार जलप्रपात का निर्माण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए चारों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। 1. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'यार्लुंग सांगपो' कहलाती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न लेकर अरुणाचल प्रदेश में दिहांग के रूप में प्रवेश करती है, जहाँ लोहित और दिबांग इसमें मिलती हैं। 2. गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी (लगभग 1465 किमी) नदी है, जिसका उद्गम त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है। 3. 1960 की सिंधु जल संधि के तहत पूर्वी नदियों (सतलुज, व्यास, रावी) का नियंत्रण भारत को और पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का अधिकांश नियंत्रण पाकिस्तान को दिया गया है। 4. नर्मदा नदी भ्रंश घाटी से बहती हुई पश्चिम की ओर जाती है और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार यह एच्युअरी (ज्वारनदमुख) बनाती है।
Related Questions
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 68.8% है, जबकि सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या प्रतिशत वाला राज्य हिमाचल प्रदेश है।
2. भारत में जनसंख्या घनत्व (Population Density) लगातार बढ़ रहा है, और 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार देश का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 2011 की जनगणना के अनुसार देश का लिंगानुपात (Sex Ratio) सुधरकर 943 हो गया, जिसमें केरल राज्य 1084 के लिंगानुपात के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।
4. भारत में जनजातीय (Scheduled Tribe) जनसंख्या का कुल आबादी में प्रतिशत लगभग 8.6% है, जिसमें मध्य प्रदेश राज्य में देश की कुल जनजातीय जनसंख्या का सबसे अधिक निरपेक्ष (Absolute) भाग निवास करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की विवर्तनिकी, भूकंपीय तरंगों के वेग परिवर्तन और महासागरीय द्रोणियों में सुनामी जनन की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहो असंतत्य' (Mohorovičić Discontinuity) के पार करते समय प्राथमिक (P) तरंगों और द्वितीयक (S) तरंगों के वेग में अचानक वृद्धि हो जाती है, क्योंकि यह परत भूपर्पटी (Crust) के ठोस ग्रेनाइटिक/बेसाल्टिक माध्यम से अधिक घनत्व वाले मेंटल (Mantle) के पेरीडोटाइट माध्यम में संक्रमण को दर्शाती है।
2. जब कोई तीव्र भूकंप महासागरीय तली (Oceanic floor) पर ऊर्ध्वाधर भ्रंश विस्थापन (Vertical Fault Displacement) उत्पन्न करता है, तो विस्थापित जल स्तंभ गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण क्षैतिज रूप से फैलने का प्रयास करता है, जिससे बहुत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम आयाम वाली सुनामी तरंगें उत्पन्न होती हैं।
3. उथले तटीय जल में प्रवेश करने पर सुनामी तरंगों की तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है, जबकि ऊर्जा के संरक्षण के सिद्धांत के कारण उनकी तरंग ऊँचाई (Amplitude) में भारी कमी आ जाती है, जिससे वे तट पर मद्धम लहरों के रूप में टकराती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगें वायुमंडलीय दाब में होने वाले मौसमी बदलावों से उत्पन्न ज्वारीय तरंगों (Tidal waves) से पूर्णतः भिन्न होती हैं, क्योंकि ये मुख्य रूप से भू-गर्भिक विवर्तनिक गतिविधियों, अंतःसमुद्री भूस्खलन या ज्वालामुखीय विस्फोटों के कारण जल राशि के अचानक विस्थापन से बनती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत ढाल मंद (1° से भी कम) होती है और यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचने के कारण ये क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्र माने जाते हैं।
2. 'बृहद ज्वार' (Spring Tide) की स्थिति पूर्णिमा और अमावस्या दोनों के दौरान उत्पन्न होती है, क्योंकि इस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में (सिजिगी/Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे उनके गुरुत्वाकर्षण बल मिलकर कार्य करते हैं।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) प्रशांत महासागर को हिन्द महासागर से जोड़ती है और यह मलय प्रायद्वीप को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से अलग करती है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है।
4. हॉर्मूज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ती है, तथा यह ईरान को संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के मुसम्दाम प्रायद्वीप से अलग करती है, जिसे 'विश्व का तेल गलियारा' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल—की उत्पत्ति, वर्गीकरण और उनकी भौतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ब्लॉक पर्वत' (Block Mountains) या भ्रंशोथ पर्वत का निर्माण तनाव मूलक बलों (Tensional Forces) के कारण धरातल के टूटने और भ्रंशन (Faulting) होने से होता है, जिसके परिणामस्वरूप उठे हुए भाग को 'हॉर्स्ट' (Horst) और धंसे हुए भाग को 'ग्रaben' (Graben) कहा जाता है, तथा जर्मनी का ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
2. 'अंतरपर्वतीय पठार' (Intermontane Plateaus) चारों तरफ से ऊँची पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं, जो पृथ्वी के सबसे ऊंचे और विस्तृत पठार होते हैं; जैसे कि बोलीविया का पठार और अनातोलिया का पठार।
3. 'डेल्टा मैदान' (Deltaic Plains) नदियों द्वारा अपरदित पदार्थों के निक्षेपण से समुद्र या झील के मुहाने पर बनते हैं, और सुंदरवन का मैदान इसका एक अपवाद है क्योंकि यह पूरी तरह से पवन निक्षेपण द्वारा निर्मित मैदान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मरुस्थलीय क्षेत्रों में 'अर्गा' (Erg) रेतीले मरुस्थलों को कहा जाता है जो गतिशील रेत के टीलों से ढके होते हैं, जबकि 'रेग' (Reg) या 'सेरिर' (Serir) कंकरीले और पथरीले मरुस्थलों के रूप में जाने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मानसून के संदर्भ में 'जेट स्ट्रीम' (Jet Stream) और 'तिब्बत के पठार' की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) हिमालय के दक्षिण से प्रवाहित होती है और तिब्बत के पठार के गर्म होने के कारण यह उत्तर की ओर खिसक जाती है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है।
2. तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'ऊष्मीय इंजन' (Thermal Engine) के रूप में कार्य करता है, जो धरातल पर उच्च वायुदाब और क्षोभमंडल के ऊपरी स्तरों पर निम्न वायुदाब का सृजन करके मानसून की हवाओं को आकर्षित करता है।
3. शीतकाल में जब सूर्य दक्षिणायन होता है, तो पश्चिमी जेट स्ट्रीम पुनः हिमालय के दक्षिण में लौट आती है और देश के उत्तर-पश्चिमी भाग में 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) के माध्यम से वर्षा कराने में सहायक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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