त्वरित लिंक्स
Geography
15 views
भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी भौगोलिक स्थितियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और यह श्रीनगर से गिलगित को मिलाने वाला एक प्राचीन मार्ग है।
- 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में सतलुज नदी के घाटी क्षेत्र में स्थित है, जो भारत को तिब्बत (चीन) से जोड़ता है और इसी दर्रे से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है।
- 3. 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच केरल और तमिलनाडु राज्य की सीमा पर स्थित एक प्रमुख प्रायद्वीपीय दर्रा है, जो कोच्चि और चेन्नई के बीच सड़क तथा रेल मार्ग प्रदान करता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'बोमडिला दर्रा' (Bomdila Pass) अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत के ल्हासा से जोड़ता है, जबकि 'दिफु दर्रा' (Diphu Pass) भारत, म्यांमार और चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) सीमा के समीप स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) बुर्जिल दर्रा कश्मीर घाटी को उत्तर में लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है और ऐतिहासिक रूप से श्रीनगर को गिलगित से जोड़ता है। (2) शिपकी ला दर्रा हिमाचल प्रदेश में स्थित है जहाँ से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है। (3) पालघाट दर्रा पश्चिमी घाट में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के मध्य स्थित है जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है। (4) विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत से तथा दिफु दर्रा भारत, म्यांमार और चीन की सीमा के संगम पर स्थित है।
Related Questions
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को देवसाइ मैदानों (गिलगित-बाल्टिस्तान) से जोड़ता है, जो प्राचीन काल में मध्य एशिया के साथ व्यापार का एक प्रमुख मार्ग था।
2. 'बड़ा लाचा ला दर्रा' (Bara-lacha La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और जिससे चंद्र तथा भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. 'दीफु दर्रा' (Diphy Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रा है, जो भारत, चीन और म्यांमार के त्रिसंधि (Tripoint) क्षेत्र के निकट स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलज नदी के गार्ज के समीप हिमाचल प्रदेश और तिब्बत की सीमा पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के वन आवरण, राष्ट्रीय उद्यानों और जैव विविधता संरक्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 24.62% भाग (वन आवरण और वृक्षावरण दोनों मिलाकर) वनों के अंतर्गत आता है, जिसमें सर्वाधिक वन आवरण क्षेत्रफल वाला राज्य मध्य प्रदेश है, जबकि कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के प्रतिशत के रूप में मिजोरम शीर्ष पर है।
2. 'जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान' भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे वर्ष 1936 में 'हैली नेशनल पार्क' के रूप में स्थापित किया गया था और यह रामगंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
3. 'काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान' (असम) को वर्ष 1985 में यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था, और यह केवल एकसिंगे गैंडे (Indian Rhinoceros) के लिए ही नहीं, बल्कि 'एशियाई हाथी' और 'जंगली जल भैंसे' के लिए भी प्रसिद्ध है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'केइबुल لامजाओ राष्ट्रीय उद्यान' मणिपुर की लोकटक झील पर तैरता हुआ दुनिया का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है, जो लुप्तप्राय 'संगाई' (Brow-antlered deer) हिरण का प्राकृतिक आवास है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महासागरीय जलधाराओं और उनकी भौगोलिक गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से नामीबिया मरुस्थल के विकास में सहायता मिलती है।
2. 'अलास्का जलधारा' (Alaska Current) प्रशांत महासागर में उत्तर की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो पश्चिमी कनाडा और अलास्का के तटीय क्षेत्रों के तापमान को अपेक्षाकृत रूप से मॉडरेट (सौम्य) बनाए रखती है।
3. 'फॉकलैंड जलधारा' (Falkland Current) एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे ब्राजील धारा के विपरीत दिशा में प्रवाहित होती है और अर्जेंटीना के तट के पास दोनों के मिलने से घने कोहरे का निर्माण होता है।
4. 'नाइजेरियाई या गिनी जलधारा' (Guinea Current) अटलांटिक महासागर में विषुवत रेखा के उत्तर में पश्चिम से पूर्व की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गिनी की खाड़ी के तटीय जलवायु को प्रभावित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांकीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, जबकि संपूर्ण देश का अक्षांकीय विस्तार (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा पॉइंट सहित) 6°45' उत्तर अक्षांश से शुरू होता है।
2. भारत का देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के बीच है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के किबाइथू) और सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के गुहारामॉति) के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (116 मिनट) का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर निकलती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत में कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण और कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय कृषि आयोग (National Commission on Agriculture) द्वारा भारत को कुल 15 मुख्य कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (Zone 1) और पूर्वी पठार एवं पहाड़ी क्षेत्र (Zone 7) शामिल हैं।
2. 'बहु-फसलीय प्रणाली' (Multiple Cropping System) के अंतर्गत एक ही कृषि वर्ष में एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलें एक साथ उगाई जाती हैं, जिसे 'सह-फसली कृषि' (Intercropping) भी कहा जाता है, तथा यह भूमि की उत्पादकता और नाइट्रोजन स्थिरीकरण (जैसे दलहनी फसलों के साथ) को बढ़ाने में सहायक होती है।
3. भारत में 'जीरो टिलेज' (Zero Tillage) या शून्य-जुताई तकनीक, जो मुख्य रूप से चावल-गेहूं फसल चक्र (Rice-Wheat Cropping System) में अपनाई जाती है, मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने, जल संरक्षण करने और बुवाई की लागत को कम करने में अत्यधिक प्रभावी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में खरीफ की फसलें दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत (जून-जुलाई) में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं, जिसके अंतर्गत धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास और सोयाबीन मुख्य फसलें हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.