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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, तटीय सीमाओं और स्थलीय पड़ोसी देशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की कुल स्थलीय सीमा की लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो सात देशों (पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ साझा होती है, जिसमें सर्वाधिक स्थलीय सीमा बांग्लादेश के साथ और न्यूनतम सीमा अफ़ग़ानिस्तान के साथ लगती है।
- 2. भारत की मुख्य भूमि और द्वीपों (अंडमान-निकोबार तथा लक्षद्वीप) को मिलाकर कुल तटरेखा की लंबाई लगभग 7,516.6 किलोमीटर है, और देश के कुल 9 राज्य तथा 4 केंद्रशासित प्रदेश समुद्री तट से लगे हुए हैं।
- 3. 'रेडक्लिफ रेखा' भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा रेखा है, जबकि 'मैकमोहन रेखा' भारत और चीन के बीच की सीमा निर्धारित करती है, और अफ़ग़ानिस्तान के साथ भारत की सीमा केवल पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) क्षेत्र के पास मिलती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का प्रादेशिक जलक्षेत्र (Territorial Waters) तट रेखा से समुद्र की ओर 12 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी तक फैला हुआ है, जहाँ देश को संपूर्ण संप्रभुता प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो 7 देशों से जुड़ी है, जिसमें बांग्लादेश (4,096.7 किमी) के साथ सबसे लंबी और अफ़ग़ानिस्तान (106 किमी) के साथ सबसे छोटी सीमा है। मुख्य भूमि और द्वीप समूहों सहित कुल तटरेखा 7,516.6 किमी है, जिससे 9 राज्य (गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल) और 4 केंद्रशासित प्रदेश (अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, पुदुचेरी, दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली) तटीय सीमा साझा करते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत प्रादेशिक जलक्षेत्र 12 नॉटिकल मील तक होता है।
Related Questions
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'अरब सागर शाखा' पश्चिमी घाट से टकराने के बाद प्रायद्वीपीय पठार के वृष्टिच्छाया क्षेत्र (Rain-shadow area) में भारी वर्षा करती है, जिसके कारण महाराष्ट्र का पश्चिमी भाग अधिक वर्षा प्राप्त करता है और पूर्वी भाग सूखा रहता है।
2. मानसून के आगमन के समय उत्तर-पश्चिम भारत के थार मरुस्थल क्षेत्र में विकसित होने वाला अत्यधिक कम वायुदाब का क्षेत्र मानसून पवनों को अपनी ओर आकर्षित करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) एक वैश्विक स्तर की उष्णकटिबंधीय मौसम घटना है, जो भारतीय महासागर के ऊपर से गुजरने पर मानसून की सक्रियता और वर्षा के वितरण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है।
4. मानसून के 'विच्छेदन' (Break in Monsoon) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी में पहुँच जाती है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी भागों में वर्षा अचानक रुक जाती है और पूर्वोत्तर राज्यों तथा हिमालयी क्षेत्रों में भारी बाढ़ आने लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूभाग 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के बीच फैला हुआ है, जिससे इसकी उत्तर से दक्षिण की वास्तविक लंबाई पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई की तुलना में अधिक है।
2. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा पॉइंट) ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है, जो 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमिका सबसे दक्षिणी छोर कन्याकुमारी में केप कोमोरिन है।
3. भारत के मानक समय का निर्धारण करने वाली 82°30' पूर्व देशांतर रेखा (Standard Meridian) कुल पाँच राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश—से होकर गुजरती है।
4. कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इस रेखा के बिल्कुल समीप स्थित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर विकसित होने वाला 'मस्कैरेन उच्च दाब' (Mascarene High) क्षेत्र दक्षिणी गोलार्ध की व्यापारिक हवाओं को तीव्र करने और उन्हें भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. 'तिब्बत का पठार' ग्रीष्मकाल में एक विशाल तापीय इंजन के रूप में कार्य करता है, जो अत्यधिक गर्म होकर अपने ऊपर निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनाता है और क्षोभमंडल में ऊपरी स्तर पर 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी होता है।
3. 'एल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट के पास) में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में मानसूनी वर्षा का स्थानिक वितरण असमान है, जहाँ पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा होती है, जबकि वृष्टिछाया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दक्कन के पठार का आंतरिक हिस्सा और राजस्थान का पश्चिमी भाग शुष्क रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी भू-विवर्तनिक उत्पत्ति और प्रमुख घाटियों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काराकोरम श्रेणी' (Karakoram Range) ट्रांस-हिमालयी प्रणाली का सबसे उत्तर-पश्चिम भाग है, जिसे 'उच्च एशिया की रीढ़' कहा जाता है, और इसी श्रेणी में भारत की सबसे ऊँचाई पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'सियाचिन ग्लेशियर' के साथ-साथ K2 (गॉडविन ऑस्टिन) चोटी स्थित है।
2. 'शांत घाटी' (Silent Valley) पश्चिमी घाट के नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व के अंतर्गत कुंथीपुझा नदी के बेसिन में स्थित उष्णकटिबंधीय सदाबหาร वनों का एक विशिष्ट क्षेत्र है, जो अपने समृद्ध जैव विविधता और शेहला (Lion-tailed Macaque) के संरक्षण के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
3. 'कांगड़ा घाटी' (Kangra Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित एक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटी है, जिससे होकर 'रावी' नदी प्रवाहित होती है और यह क्षेत्र सेब के बागानों के लिए जाना जाता है।
4. 'महान हिमालय' (Greater Himalayas), जिसे हिमाद्री भी कहा जाता है, में मुख्य रूप से मध्यवर्ती क्रिस्टलीय चट्टानें (ग्रेनाइट औरनिस) पाई जाती हैं, और यह श्रेणी कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक एक सतत चाप के रूप में फैली हुई है जिसमें नंगा पर्वत और नामचा बारवा इसके पश्चिमी और पूर्वी छोर बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान संबंधी विशेषताओं तथा भूमंडलीय वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की सबसे निचली परत 'क्षोभमंडल' (Troposphere) में ऊँचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जिसका औसत मान प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C होता है।
2. 'समताप मंडल' (Stratosphere) के भीतर स्थित ओजोन परत सूर्य की पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, जिसके कारण इस परत के ऊपरी भाग में ऊँचाई के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होती है, जो इसे मौसम संबंधी उथल-पुथल से मुक्त रखती है।
3. उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'घोड़े अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है, तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक ठंडी ध्रुवीय हवाओं के नीचे बैठने (Subsidence) के कारण बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ तापमान गिरकर -90°C से भी नीचे चला जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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