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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के बीच है, जिससे इसका कुल अक्षांशीय और देशांशीय विस्तार लगभग 30 डिग्री का है।
- 2. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग बीचों-बीच से गुजरती है और यह देश को लगभग दो कटिबंधों - उष्ण कटिबंध और उपोष्ण (उत्तरी शीतोष्ण) कटिबंध में विभाजित करती है।
- 3. भारत का मानक समय याम्योत्तर (82°30' पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरता है और यह ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है, जो देश के सबसे पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच के वास्तविक स्थानीय समय के अंतर (लगभग 2 घंटे) को संतुलित करता है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (मुख्य भूमि सहित) कन्याकुमारी है, जबकि संपूर्ण भारतीय संघ का सबसे दूरस्थ दक्षिणी बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' है, जो निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4' N से 37°6' N तथा देशांशीय विस्तार 68°7' E से 97°25' E है। कर्क रेखा (23°30' N) देश को उष्ण और शीतोष्ण कटिबंध में बांटती है। 82°30' पूर्व देशांतर को भारत की मानक समय रेखा माना गया है जो GMT से 5.5 घंटे आगे है। मुख्य भूमिका दक्षिणतम बिंदु कन्याकुमारी और संपूर्ण संघ का इंदिरा पॉइंट है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की भू-आकृतिक स्थिति इसे दक्षिण एशिया में एक विशिष्ट भू-राजनीतिक और रणनीतिक महत्व प्रदान करती है।
Related Questions
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पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना, तापमान प्रवणता और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) के निचले भाग में तापमान स्थिर रहता है और इसके ऊपरी हिस्से में ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, जो इस परत को वाणिज्यिक विमानों की उड़ान के लिए आदर्श बनाती है।
2. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) थर्मल रूप से जनित होती है, जहाँ वर्ष भर उच्च तापमान के कारण हवा गर्म होकर ऊपर उठती है और इस क्षेत्र में क्षोभमंडल की मोटाई ध्रुवों की तुलना में न्यूनतम होती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी की ओर बहने वाली सतही हवाओं को कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें (North-East Trade Winds) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, जो श्रीनगर से गिलगित और स्कार्दू जाने का प्राचीन मार्ग प्रदान करता है।
2. 'बारालाचा ला दर्रा' (Baralacha La) जास्कर श्रेणी में स्थित एक प्रमुख दर्रा है, जो हिमाचल प्रदेश के लाहौल जिले को लद्दाख के लेह जिले से जोड़ता है और यहीं से चंद्र व भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. 'जेलेप ला दर्रा' (Jelep La) सिक्किम और तिब्बत की सीमा पर चंबी घाटी में स्थित है, जिससे होकर भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक 'ल्हासा व्यापार मार्ग' गुजरता है।
4. 'दीफु दर्रा' (Diphyu Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक त्रि-बिंदु (Tri-junction) दर्रा है, जो भारत, चीन और म्यांमार की सीमाओं को मिलाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमा रेखाओं और अक्षांश-देशांतर विस्तार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांश विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, जबकि इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है, जिससे इसके अक्षांश और देशांतर दोनों का कुल विस्तार लगभग 30° का बनता है।
2. भारत का सबसे उत्तरी बिंदु इंदिरा कॉल (Indira Col) लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी में केप कोमोरिन है, और संपूर्ण देश का सबसे दूरस्थ दक्षिणी बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' (पिगमेलियन पॉइंट) अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ग्रेट निकोबार में 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है।
3. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की 'मानक मध्याह्न रेखा' (Standard Meridian) माना गया है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है, और इसका समय ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देशांतरीय विस्तार के लगभग 30° के अंतर के कारण देश के सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के किबिथु) और सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के गुहार मोती) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (1 घंटा 57 मिनट) का वास्तविक समयान्तर पाया जाता है, जबकि दोनों स्थानों पर एक ही मानक समय (IST) लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रृंखलाओं और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'धौलाधार श्रेणी' लघु हिमालय (Himachal/Lesser Himalayas) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में फैली हुई है और इसी श्रेणी के दक्षिण में प्रसिद्ध 'कांगड़ा घाटी' तथा 'कुल्लू घाटी' अवस्थित हैं।
2. 'नामचा बरवा' पर्वत शिखर महान हिमालय के पूर्वी छोर पर अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत की सीमा के निकट स्थित है, जिसके ठीक दक्षिण से ब्रह्मपुत्र नदी भारत में प्रवेश करने के लिए एक गार्ज (Gorge) का निर्माण करती है।
3. 'मर्खा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत स्थित एक प्रसिद्ध ट्रेकिंग घाटी है, जो शुष्क ठंडे मरुस्थलीय पर्यावरण और बौद्ध मठों के लिए जानी जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शिवालिक श्रेणी (Outer Himalayas) हिमालय की सबसे नवीनतम और बाह्य श्रृंखला है, जिसका निर्माण अन्य श्रेणियों के मलबे के संचयन से हुआ है और इसके निचले भागों में समतल घाटियाँ पाई जाती हैं जिन्हें 'दून' (Deon/Doon) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों के संचरण, ज्वालामुखी के प्रकार और सुनामी की भौतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गमन कर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें हैं जो केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
2. शील्ड ज्वालामुखी (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के शांत प्रवाह से बनते हैं, जिसके कारण ये अत्यधिक विस्फोटक होते हैं और इनसे पाइरोक्लास्टिक मलबा बड़े पैमाने पर निकलता है।
3. सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और बहुत कम आयाम (Amplitude) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में गुजरने वाले जहाजों को इसका आभास नहीं होता, किंतु तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर इनकी गति मंद हो जाती है और तरंग की ऊँचाई (आयाम) में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय तलों पर अचानक होने वाले तीव्र विवर्तनिक विस्थापन या भूस्खलन के कारण पानी का भारी मात्रा में विस्थापन होता है, जो महासागरीय बेसिन में विनाशकारी सुनामी लहरों को जन्म देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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