Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक कॉриडोर्स और परिवहन अवसंरचना (राष्ट्रीय राजमार्ग, समर्पित माल गलियारे तथा जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) परियोजना 'समर्पित माल ढुलाई गलियारे' (Dedicated Freight Corridor - DFC) के पश्चिमी छोर के समानांतर विकसित की जा रही है, जो जापान के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से छह राज्यों से होकर गुजरती है।
- 2. राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1), जो गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर प्रयागराज से हल्दिया तक फैला हुआ है, देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है और यह अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अंतर्गत आता है।
- 3. भारत में 'लौह और इस्पात उद्योग' के संदर्भ में, सार्वजनिक क्षेत्र का बोकारो इस्पात संयंत्र सोवियत संघ (USSR) के सहयोग से स्थापित किया गया था, जबकि राउरकेला इस्पात संयंत्र की स्थापना ब्रिटेन के तकनीकी सहयोग से की गई थी।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी के बीच अवस्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western DFC) के प्रभाव क्षेत्र में जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। कथन 2 सही है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) प्रयागराज से हल्दिया तक गंगा नदी पर स्थित है और देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग है। कथन 3 गलत है क्योंकि राउरकेला इस्पात संयंत्र की स्थापना जर्मनी (पश्चिमी जर्मनी) के सहयोग से की गई थी, न कि ब्रिटेन के सहयोग से (ब्रिटेन के सहयोग से दुर्गापुर इस्पात संयंत्र स्थापित किया गया था)। कथन 4 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग-2 असम में ब्रह्मपुत्र नदी के सदिया-धुबरी खंड पर स्थित है। अतः सही विकल्प (a) है।
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 120 से 200 मीटर तक होती है, और यहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में पहुँचने के कारण फाइटोप्लांकटन का विकास होता है, जिससे यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों में गिना जाता है।
2. 'दैनिक ज्वार' (Diurnal Tide) वह ज्वार है जिसमें प्रत्येक 24 घंटे और 52 मिनट की अवधि में केवल एक बार उच्च ज्वार और एक बार निम्न ज्वार आता है, जबकि 'अर्ध-दैनिक ज्वार' (Semi-diurnal tide) में यह चक्र प्रत्येक दिन में दो बार दोहराया जाता है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को दक्षिण चीन सागर के माध्यम से हिंद महासागर से जोड़ती है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अति संवेदनशील मार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वृहद ज्वार (Spring Tide) पूर्णिमा और अमावस्या के दिन उत्पन्न होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक ही सीधी रेखा में (स्युजी की स्थिति) होते हैं, जिसके कारण उनके गुरुत्वाकर्षण बलों का संचयी प्रभाव अधिकतम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र और हिमालयी तथा प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, जो हिमालय के उत्थान से पहले से प्रवाहित हो रही हैं और उन्होंने गहरे गार्ज (Gorges) तथा महाखड्डों का निर्माण किया है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से 'परवर्ती' (Consecutive/Subsequent) या 'पुनरुज्जीवित' (Rejuvenated) प्रणालियों के अंतर्गत आती हैं।
2. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'त्सांगपो' नाम से बहती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (Gorge) लेकर भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ दिवांग, लोहित और सुबनसिरी हैं, और यह दुनिया की सबसे बड़ी नदी द्वीप 'माजुली' का निर्माण करती है।
3. प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी 'गोदावरी' (जिसे 'दक्षिण गंगा' भी कहा जाता है) का उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर (नासिक) से होता है, और यह बेनगंगा, पेनगंगा, वर्धा और प्राणहिता जैसी सहायक नदियों के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, जबकि कृष्णा नदी इससे भी लंबी प्रायद्वीपीय नदी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नर्मदा और तापी नदियाँ प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहते हुए अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा के स्थान पर ऐश्चुअरी (Estuary) या ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय गतिकी, सुनामी और ज्वालामुखी उद्गार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सबडक्शन जोन (Subduction Zones) में जब महासागरीय प्लेट महाद्वीपीय प्लेट के नीचे धंसती है, तो अत्यधिक घर्षण और तनाव के अचानक मुक्त होने से 'मेगाथ्रस्ट' (Megathrust) भूकंप उत्पन्न होते हैं, जो सुनामी पैदा करने में सबसे अधिक सक्षम होते हैं।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी मुख्य रूप से विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं पर ही पाए जाते हैं, जहाँ पट्टियाँ एक-दूसरे से दूर हटती हैं या अभिसरण करती हैं, और इनका हवाई द्वीप समूह का निर्माण इसका सर्वोत्तम उदाहरण है।
3. सुनामी तरंगें जब खुले समुद्र में होती हैं, तो उनकी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) अत्यंत लंबी और ऊँचाई बहुत कम होती है, लेकिन जैसे ही वे उथले तटीय जल में प्रवेश करती हैं, घर्षण के कारण उनकी गति कम हो जाती है और ऊर्जा संपीड़न के कारण उनकी ऊँचाई विस्फोटक रूप से बढ़ जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर में स्थित 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) पृथ्वी का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय सक्रिय क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के लगभग 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी और 90% भूकंप दर्ज किए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों की गतिकी, सुनामी की विशेषताओं और ज्वालामुखी उद्गार की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों के समान व्यवहार करती हैं और ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन कर सकती हैं।
2. खुले महासागरों में सुनामी तरंगों की तरंग दैर्ध्य (Wavelength) अत्यंत लंबी और ऊँचाई बहुत कम होती है, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इसका आभास नहीं होता है; किंतु उथले तटीय जल में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और ऊर्जा संपीड़न के कारण इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
3. 'स्ट्रोम्बोलियन' (Strombolian) प्रकार का ज्वालामुखी उद्गार अत्यधिक शांत और दरारी (Fissure) प्रकार का होता है, जिसमें कम श्यानता वाला बेसिक लावा बिना किसी विस्फोटक गतिविधि के शांत रूप से लावा प्रपात के रूप में बहता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकंप के दौरान मुक्त होने वाली कुल ऊर्जा या परिमाण (Magnitude) को मापता है, न कि केवल सतह पर होने वाली तबाही या तीव्रता (Intensity) को।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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