BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
9 views

पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) ऊपरी मैन्टल का वह भाग है जो अत्यधिक उच्च तापमान और दबाव के कारण प्लास्टिक अवस्था में होता है और प्लेट विवर्तनिकी के संचालन के लिए मुख्य स्रोत का कार्य करता है।
  2. 2. रूपांतरित चट्टानों (Metamorphic Rocks) में 'पर्णन' (Foliation) या रेखाभवन उस प्रक्रिया को दर्शाता है जिसमें दबाव के प्रभाव के कारण खनिज कण या समतल क्रिस्टल एक समानांतर रेखा या परतों के रूप में व्यवस्थित हो जाते हैं।
  3. 3. मोहरोविक असंतोषह (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि दर्ज की जाती है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्रस्ट (Barysphere) पृथ्वी की सबसे बाहरी ठोस परत है, जिसकी सिलिका और एल्युमिनियम (Sial) की प्रधानता महासागरीय तली में सबसे अधिक होती है और यह महाद्वीपीय क्रस्ट से भारी होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) ऊपरी मैन्टल का अत्यधिक तप्त और अर्ध-तरल/प्लास्टिक भाग है जो विवर्तनिक प्लेटों की गतिशीलता के लिए उत्तरदायी है। कथन 2 सही है; रूपांतरण के दौरान विवर्तनिक दबाव से खनिजों का परतों में व्यवस्थित होना पर्णन (Foliation) कहलाता है। कथन 3 सही है, मोहरोविक असंतोषह (Moho Discontinuity) क्रस्ट तथा मैन्टल को अलग करती है जहाँ घनत्व और भूकंपीय तरंगों की गति अचानक बढ़ जाती है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'सियाल' (Sial) मुख्य रूप से महाद्वीपीय क्रस्ट का निर्माण करता है, जबकि महासागरीय क्रस्ट मुख्य रूप से 'सीमा' (Sima - सिलिका और मैग्नीशियम) से बनी होती है जो अपेक्षाकृत भारी होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

भारत के अपवाह तंत्र और नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदियों में से 'सतलुज नदी' तिब्बत में मानसरोवर के निकट राकस ताल से निकलती है और यह एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी है जो शिपकी ला दर्रे से भारत में प्रवेश करती है। 2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ मुख्य रूप से परिपक्व अवस्था में हैं, जिनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं, तथा ये अपनी घाटियों में विसर्पण (Meandering) नहीं करतीं क्योंकि इनके प्रवाह मार्ग कठोर चट्टानी बेसिन द्वारा निर्धारित होते हैं। 3. 'गोदावरी नदी', जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, जो महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ प्रणाहिता, इंद्रावती और मंजीरा हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत में 'त्सांगपो' के नाम से जानी जाती है, जो नामचा बारवा के पास यू-टर्न (गोखुर मोड़) लेकर 'दिहांग' के रूप में अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और भारत में इसमें लोहित एवं सुबनसिरी जैसी महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ आकर मिलती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान विन्यास और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार कमी आती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि इस परत को प्रत्यक्ष रूप से सूर्य के प्रकाश से अधिक पृथ्वी के धरातल से निकलने वाली पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) से ऊर्जा प्राप्त होती है। 2. समताप मंडल (Stratosphere) की निचلی सीमा पर तापमान स्थिर रहता है, किंतु जैसे-जैसे हम इस परत में ऊपर की ओर बढ़ते हैं, ओजोन अणुओं द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण तापमान में तीव्र वृद्धि होने लगती है। 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts), जिन्हें 'अश्व अक्षांश' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally induced) पेटियाँ हैं जो अत्यधिक ठंडी हवाओं के ध्रुवों से नीचे बैठने के कारण बनती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और इसकी ऊपरी सीमा (Mesopause) पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय मृदाओं की उत्पत्ति, खनिज संरचना और उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soils) देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 43 प्रतिशत भाग आच्छादित करती है और इसे आयु के आधार पर नवीन मृदा को 'खदर' तथा पुरानी मृदा को 'बांगर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश की प्रचुरता और फास्फोरस की कमी पाई जाती है। 2. काली कपासी मृदा (Black Cotton Soil) का विकास दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है, और इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि यह भीगने पर चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं। 3. लेटेराइट मृदा (Laterite Soil) का निर्माण मानसूनी जलवायु वाले उन क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया द्वारा होता है जहाँ उच्च तापमान और भारी वर्षा होती है, जिसके कारण सिलिका घुल कर बह जाती है और सतह पर आयरन एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बचते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं का रंग हल्के लाल से भूरे रंग का होता है, और इनमें नाइट्रोजन तथा ह्यूमस की अधिकता होती है जिससे ये सिंचाई के बिना भी धान की बंपर पैदावार के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मैडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर में स्थित 'मस्कारेन उच्च दाब पेटी' (Mascarene High Pressure Zone) की तीव्रता और स्थिति में होने वाला परिवर्तन दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. 'अल-निनो दक्षिणी दोलन' (ENSO) के सकारात्मक चरण के दौरान पूर्वी प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बढ़ जाती है और सामान्य से अधिक वर्षा होती है। 3. उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकालीन मानसून), जो मुख्य रूप से लौटते हुए मानसून के प्रभाव से जुड़ा है, बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने के कारण तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में शीतकाल के दौरान भारी वर्षा कराता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'मानसून प्रस्फोट' (Monsoon Burst) की घटना मुख्य रूप से जून के शुरुआती हफ्तों में प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी छोर पर होती है, जो उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम के उत्तर की ओर विस्थापन और पश्चिमी विक्षोभ के पूर्णतः समाप्त होने से संबंधित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'काराकोरम दर्रा' (Karakoram Pass) लद्दाख क्षेत्र में महान हिमालय पर स्थित भारत का सबसे ऊँचा दर्रा है, जो भारत को चीन के शिनजियांग क्षेत्र से जोड़ता है और यहीं से प्राचीन सिल्क रूट गुजरता था। 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) हिमाचल प्रदेश में जांसकर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर 'सतलुज नदी' भारत में प्रवेश करती है, और यह भारत को तिब्बत से जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। 3. 'बनिहाल दर्रा' (Banihal Pass) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाला सड़क मार्ग गुजरता है, और इसी दर्रे के नीचे 'जवाहर सुरंग' (Jawahar Tunnel) का निर्माण किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.