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Geography
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके तट पर स्थित नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. पोटोमैक नदी (Potomac River) - वाशिंगटन डी.सी. (Washington, D.C.)
- 2. सीन नदी (Seine River) - पेरिस (Paris) और लियोन (Lyon)
- 3. रौन नदी (Rhône River) - मार्सेय (Marseille) और आर्श (Arles)
- 4.
स्प्री नदी (Spree River) - बर्लिन (Berlin) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. पोटोमैक नदी के तट पर स्थित है। युग्म 2 गलत है क्योंकि पेरिस सीन नदी के किनारे है, किंतु 'लियोन' (Lyon) नगर सीन नदी पर नहीं बल्कि रोन (Rhône) और साओन (Saône) नदियों के संगम पर स्थित है। युग्म 3 गलत है क्योंकि मार्सेय (Marseille) भूमध्य सागर के तट पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह है, न कि रौन नदी के तट पर (हालांकि रौन नदी इसकी डेल्टा से होकर गुजरती है)। युग्म 4 सही है क्योंकि जर्मनी की राजधानी बर्लिन स्प्री नदी के तट पर बसी है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विश्व की कई प्रमुख नदियाँ ऐतिहासिक और आर्थिक रूप से अपने तट पर स्थित नगरों के विकास का मुख्य केंद्र रही हैं।
Related Questions
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनकी विशेषताओं और उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक प्रमुख गर्म जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर-पूर्व की ओर प्रवाहित होती है और अपने साथ उष्णकटिबंधीय ऊष्मा को उच्च अक्षांशों तक ले जाकर पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों की जलवायु को अपेक्षाकृत समशीतोष्ण बनाए रखती है।
2. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो न्यूफाउंडलैंड के तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलती है और इन दोनों विपरीत स्वभाव की धाराओं के अभिसरण से वहाँ घना कोहरा, हिमखंडों (Icebergs) का जमाव और विश्व का सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्र ('ग्रैंड बैंक') निर्मित होता है।
3. 'हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current), जिसे 'पेरू जलधारा' भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से यहाँ 'अटाकामा मरुस्थल' के निर्माण तथा मत्स्य संपदा के विकास में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरियालिस बल के प्रभाव से घड़ी की सुइयों की दिशा (Clockwise) में और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुइयों की विपरीत दिशा (Counter-clockwise) में विक्षेपित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं और उनके जलविभाजक (Water divides) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल वर्षा के साथ-साथ पिघलते हुए हिमनदों (Glaciers) से भी प्राप्त होता है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से अनित्य (Non-perennial या Seasonal) होती हैं और इनका प्रवाह पूरी तरह से मानसूनी वर्षा पर निर्भर करता है।
2. प्रायद्वीपीय भारत में जलविभाजक का निर्धारण मुख्य रूप से पश्चिमी घाट (Western Ghats) द्वारा किया जाता है, जो एक उत्तर-दक्षिण दिशा में स्थित उच्च कगार है और यहाँ से अधिकांश बड़ी नदियाँ निकलकर पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जबकि कुछ छोटी नदियाँ पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में मिलती हैं।
3. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'सतलुज' और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र की प्रमुख सहायक नदी 'ब्रह्मपुत्र' स्वयं पूर्ववर्ती (Antecedent) नदियों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो महान हिमालय को काटकर गहरे गार्ज का निर्माण करती हैं और भारत में प्रवेश करने से पहले तिब्बत के पठार से लंबी दूरी तय करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ एक परिपक्व (Mature) अवस्था को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण इनके तल ढाल बहुत कम हो जाते हैं और ये अपने मुहाने पर बड़े-बड़े डेल्टाओं का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ अपने मुहाने पर मुहाना (Estuary) बनाती हैं क्योंकि वे भ्रंश घाटियों से प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल सिंचित क्षेत्र में कुओं और नलकूपों (Wells and Tube wells) का हिस्सा सबसे बड़ा है, जिसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्यों का भूजल निष्कर्षण में प्रमुख स्थान है।
2. 'चावल' (Paddy) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है, जिसके लिए अत्यधिक जल की आवश्यकता होती है और यही कारण है कि पारंपरिक रूप से कम वर्षा वाले पंजाब और हरियाणा राज्यों में भी भूजल आधारित नलकूप सिंचाई के माध्यम से इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
3. 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (फसल प्रति बूँद अधिक फसल) घटकों का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) प्रणालियों को बढ़ावा देना और जल उपयोग दक्षता में सुधार करना है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल सिंचित कृषि भूमि का सबसे बड़ा हिस्सा सतही नहरों (Canals) की सिंचाई पर निर्भर करता है, जबकि भूजल निकासी का देश के कुल सिंचित क्षेत्र में योगदान अत्यंत नगण्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक हलचलों, भूकंपीय तरंगों की गतिशीलता और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति संचरित होती हैं, तथा ये ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) केवल ठोस माध्यमों से ही गमन करती हैं और तरल क्रोड में प्रवेश करते ही लुप्त हो जाती हैं।
2. भूकंप का 'अधिकरण' (Epicenter) वह बिंदु होता है जो ठीक धरातલ के भीतर उस स्थान के नीचे होता है जहाँ से ऊर्जा तरंगें सबसे पहले निकलती हैं, जबकि 'अवकेन्द्र' (Hypocenter/Focus) धरातल पर अधिकरण के ठीक 90 डिग्री पर स्थित होता है।
3. सुनामी (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ 'पोताश्रय तरंग' (Harbour Wave) होता है, और इसकी उत्पत्ति सामान्यतः उथले समुद्रों में तीव्र चक्रवातीय हवाओं के कारण होती है, न कि समुद्र के भीतर होने वाले विवर्तनिक भूकंपों या भूस्खलन से।
4. शैडो ज़ोन (Shadow Zone) वह क्षेत्र होता है जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंगें दर्ज नहीं की जाती हैं; P-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से 145° के बीच एक विस्तृत पट्टे के रूप में पाया जाता है, जबकि S-तरंगों का छाया क्षेत्र 105° से आगे चारों तरफ फैला होता है क्योंकि ये तरल क्रोड को पार नहीं कर पाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के आंतरिक ग्रहों (Terrestrial Planets), उनके वायुमंडलीय संघटन और खगोलीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सभी आंतरिक ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल) भारी धातुओं और चट्टानों से बने होने के कारण उच्च घनत्व वाले ग्रह हैं, और इन सभी ग्रहों के पास अपने स्वयं के प्राकृतिक उपग्रह (Moons) मौजूद हैं।
2. शुक्र ग्रह के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (90-95%) की अत्यधिक मात्रा के कारण तीव्र ग्रीनहाउस प्रभाव उत्पन्न होता है, जिससे यह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह बन जाता है, भले ही यह सूर्य के सबसे निकट का ग्रह नहीं है।
3. मंगल ग्रह की सतह पर लाल रंग आयरन ऑक्साइड (लौह अयस्क) की उपस्थिति के कारण है, और इस ग्रह पर सौर मंडल का सबसे ऊँचा ज्ञात पर्वत 'निक्स ओलंपिया' (Olympus Mons) स्थित है, जो माउंट एवरेस्ट की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक ऊँचा है।
4. बुध ग्रह के पास सूर्य के अत्यधिक निकट होने के कारण कोई वायुमंडल नहीं टिक पाता है, और इस कारण से यहाँ दिन और रात के तापमान में अत्यधिक अंतर (दैनिक तापांतर सबसे अधिक) पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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