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Geography
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के स्थानिक वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर क्षोभमंडल के ऊपरी स्तर पर पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है, जो भारतीय उपमहाद्वीप पर उच्च दाब का निर्माण करके मानसून को स्थिरता प्रदान करती है।
  2. 2. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातीय प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व की ओर गति करती हैं और शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में 'मावठ' (Mahawat) नामक वर्षा लाती हैं, जो रबी की फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक होती है।
  3. 3. अरावली पर्वत श्रेणी की स्थिति बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी पवनों के समानांतर (Parallel) होने के कारण राजस्थान के अधिकांश पश्चिमी भाग में पर्याप्त अवरोध नहीं मिल पाता है, जिसके परिणामस्वरूप यह क्षेत्र वृष्टिछाया क्षेत्र में परिवर्तित होकर शुष्क रह जाता है।
  4. 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon) या उत्तर-पूर्वी मानसून मुख्य रूप से अक्टूबर और नवंबर के महीनों में होता है, जब सूर्य के दक्षिणायन होने के कारण निम्न दाब का केंद्र बंगाल की खाड़ी की ओर स्थानांतरित हो जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) वास्तव में ग्रीष्मकाल में ऊपरी क्षोभमंडल में पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और यह प्रायद्वीपीय भारत पर उच्च दाब का नहीं बल्कि तिब्बत के पठार के ऊपर तापीय रूप से उत्पन्न उच्च दाब क्षेत्र को बनाए रखने और दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी या स्थिरता के बजाय उसकी सक्रियता (Tibetan High and Easterly Jet feedback) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है; हालाँकि, इसका मुख्य प्रभाव मानसूनी ट्रफ को बनाए रखना है, लेकिन कथन में 'उच्च दाब का निर्माण करके मानसून को स्थिरता प्रदान करती है' संदर्भ तकनीकी रूप से सतही निम्न दाब और ऊपरी उच्च दाब के संतुलन के विपरीत गड़बड़ प्रस्तुत करता है। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सही हैं। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय हवाओं द्वारा उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा (मावठ) लाते हैं। अरावली पर्वत बंगाल की खाड़ी की शाखा के समानांतर होने के कारण वर्षा नहीं करा पाता। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसून का निवर्तन अक्टूबर-नवंबर में स्पष्ट होता है।
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