Geography
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हमारे सौर मंडल के खगोलीय पिंडों, ग्रहों की आंतरिक संरचना, क्षुद्रग्रहों (Asteroids), और उल्कापिंडों (Meteoroids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षुद्रग्रह बेल्ट (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है, और इसमें सबसे बड़ा बौना ग्रह 'सेरेस' (Ceres) भी शामिल है, जिसकी खोज इतालवी खगोलशास्त्री ग्यूसेप पियाज़ी ने की थी।
- 2. 'ओर्ट मेघ' (Oort Cloud) हमारे सौर मंडल की सबसे बाहरी सीमा पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक काल्पनिक गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक (Long-period) धूमकेतुओं (Comets) का मुख्य उद्गम स्थल माना जाता है।
- 3. उल्काएं (Meteors), जिन्हें आमतौर पर 'शूटिंग स्टार' या टूटता हुआ तारा कहा जाता है, अंतरिक्ष से आने वाले छोटे उल्कापिंड (Meteoroids) होते हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल की 'समताप मंडल' (Stratosphere) परत में प्रवेश करने पर अत्यधिक घर्षण के कारण जलकर चमकने लगते हैं।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जब कोई अंतरिक्ष चट्टान पूरी तरह से जलने से बचकर पृथ्वी की सतह से टकराती है, तो उसे 'उल्कापिंड' (Meteorite) कहा जाता है, जिसके प्रभाव से महाराष्ट्र की 'लोनार झील' जैसी क्रेटर (Impact Crater) झीलों का निर्माण हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मुख्य क्षुद्रग्रह पेटी मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित है और इसमें 'सेरेस' सबसे बड़ा पिंड/बौना ग्रह है। कथन 2 सही है क्योंकि ओर्ट मेघ (Oort Cloud) सौर मंडल के सबसे बाहरी छोर पर स्थित बर्फीले पिंडों का क्षेत्र है जो दीर्घकालिक धूमकेतुओं का स्रोत है। कथन 3 गलत है क्योंकि उल्काएं (Meteors) पृथ्वी के वायुमंडल की 'मध्यमंडल' (Mesosphere) परत में जलती हैं, न कि समताप मंडल (Stratosphere) में। कथन 4 सही है तथा विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सतह पर पहुँचने वाले पिंड को उल्कापिंड (Meteorite) कहते हैं।
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार और मरुस्थल) की उत्पत्ति, प्रकार और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रॉकीज़' और 'एंडिज' पर्वत मालाएँ नवीन वलित (Fold) पर्वतों के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण (Convergence) के फलस्वरूप संपीडन बलों के कारण हुआ है, जबकि 'विंध्य' और 'सतपुड़ा' पर्वत श्रृंखलाएँ अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountains) तथा भ्रंशोत्थ पर्वत (Block Mountains) का प्रतिनिधित्व करती हैं।
2. 'तिब्बत का पठार' और 'बोलीविया का पठार' अंतर्पर्वतीय पठार (Intermontane Plateaus) के प्रमुख उदाहरण हैं, जो चारों तरफ से या कम से कम दो तरफ से ऊँची पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं तथा इनका निर्माण विवर्तनिक हलचलों और भूपर्रपटी के उत्थान से हुआ है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'आटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित है और इसकी अत्यधिक शुष्कता का मुख्य कारण प्रशांत महासागर की ठंडी 'हम्बोल्ट जलधारा' (Peru Current) का तटीय समानांतर बहना है।
4. 'पामीर का पठार', जिसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है, एक लावा पठार (Volcanic Plateau) का क्लासिक उदाहरण है, जिसका निर्माण विशाल बेसॉल्टिक लावा के दरारी उद्गार (Fissure Eruption) के कारण हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्गीकृत भारतीय मृदाओं और उनकी लेटेराइट व लाल मृदा से जुड़ी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले उन क्षेत्रों में होता है जहाँ रुक-रुक कर शुष्क और आर्द्र मौसम होता है, और इस मृदा में तीव्र निक्षालन (Leaching) के कारण सिलिका घुल कर बह जाती है तथा सतह पर आयरन व एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं।
2. लैटेराइट मृदा ह्यूमस और नाइट्रोजन से भरपूर होती है, जिसके कारण यह धान की खेती के लिए देश की सबसे उपजाऊ मृदा मानी जाती है, और इसमें चूने तथा पोटाश की प्रचुरता पाई जाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का निर्माण प्राचीन रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर लोहे के विसरण के कारण होता है, जहाँ यह मृदा जल योजन (Hydration) के बाद पीले रंग में तथा ऑक्सीकृत होने पर लाल रंग में दिखाई देती है।
4. लाल और पीली मृदा आम तौर पर उपजाऊ होती है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसे कभी भी रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, भू-आकृतिक सीमाओं और देशांतरीय एवं अक्षांशीय स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, और भूमध्य रेखा से उत्तर की ओर स्थित होने के कारण पूरा देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है, जबकि ग्रीनविच रेखा के पूर्व में स्थित होने के कारण यह पूर्वी गोलार्ध में आता है।
2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी छोर (किबुथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
3. भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किमी है जो सात देशों से लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा म्यांमार के साथ साझा होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार कर्क रेखा (23°30' उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और देश के कुल आठ राज्यों से होकर निकलती है, जिसमें राजस्थान और मिजोरम भी शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्गीकृत भारतीय मृदाओं और उनके क्षेत्रीय वितरण तथा रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक विस्तृत मृदा 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) है, जो मुख्य रूप से उत्तर के विशाल मैदानों और प्रायद्वीपीय भारत के नदी डेल्टाओं में पाई जाती है, तथा इसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है जबकि नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी पाई जाती है।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर' या 'कपासी मृदा' भी कहा जाता है, में स्वतः जुताई (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि यह गीली होने पर चिपचिपी और सूखी होने पर चौड़ी-चौड़ी गहरी दरारों से फट जाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शुष्क और मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soil) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शम कार्बोनेट की अधिकता होती है, तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाए जाने के कारण इस मृदा में जल अंतःस्यंदन (Infiltration) की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है।
4. 'पर्वतीय और वन मृदा' (Mountain and Forest Soils) हिमालयी क्षेत्रों में ढलानों पर विकसित होती है, जो अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें ह्यूमस की मात्रा बहुत कम पाई जाती है, विशेषकर निचले भागों में यह मृदा बागवानी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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