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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की विवर्तनिक प्रणालियों और सुनामी तरंगों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यमों में ही संचरण कर सकती हैं।
  2. 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे महासागरों में जहाजों को इनका आभास नहीं होता, परंतु तट के पास उथले पानी में पहुँचने पर इनकी तरंगदैर्ध्य घट जाती है और इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
  3. 3. 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) मुख्य रूप से प्रशांत महासागरीय प्लेट के अभिसारी और अपसारी किनारों पर स्थित दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ विश्व के लगभग 90% भूकंप आते हैं।
  4. 4. हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ प्लेट विवर्तनिक सीमाओं से दूर भूपर्पटी के भीतर मैंटल प्लूम (Mantle Plume) के ऊपर उठने के कारण होती हैं, जिसका उत्कृष्ट आधुनिक उदाहरण हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) का निर्माण है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक (P) तरंगें ध्वनि तरंगों की तरह अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें प्रकाश तरंगों की तरह अनुप्रस्थ होती हैं और केवल ठोस माध्यमों में चलती हैं। कथन 2 सही है क्योंकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी तरंगों की गति गहरे समुद्र में बहुत अधिक और तरंगदैर्ध्य लंबी होती है, किंतु उथले तटों पर पहुँचने पर ऊर्जा संरक्षण के कारण उनकी गति कम हो जाती है और ऊँचाई विनाशकारी रूप से बढ़ जाती है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'रिंग ऑफ फायर' मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं पर स्थित है, न कि अपसारी (Divergent) सीमाओं पर। कथन 4 सही है क्योंकि हॉटस्पॉट ज्वालामुखीय गतिविधियाँ प्लेट सीमाओं के मध्य में मैंटल प्लूम के कारण होती हैं, जिससे हवाई द्वीप जैसे शृंखलाबद्ध ज्वालामुखी बनते हैं। अतः विकल्प (a) सही है।
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