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ओकाज़ाकी खंड किस स्ट्रैंड पर?
✓ Correct! Well done.
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लैगिंग।
Related Questions
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भौतिक राशियों की विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) और मापन की त्रुटियों (Errors in Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यदि किसी भौतिक राशि का सूत्र $X = \frac{A^2 b^{1/2}}{C^3 D^4}$ है, और मापन में A, B, C तथा D की आपेक्षिक त्रुटियाँ क्रमशः $1\%, 2\%, 3\%$ और $1\%$ हैं, तो राशि X के मापन में अधिकतम संभव प्रतिशत त्रुटि $11\%$ होगी।
2. 'स्टेरेडियन' (Steradian) और 'रेडियन' (Radian) दोनों ही पूरक भौतिक राशियाँ (Supplementary quantities) हैं, जिनके अपने स्वयं के मात्रक होते हैं किंतु ये दोनों ही विमाहीन (Dimensionless) राशियाँ हैं।
3. विमीय समांगता के सिद्धांत (Principle of Homogeneity of Dimensions) के अनुसार, किसी भी भौतिक समीकरण में दोनों पक्षों के प्रत्येक पद के विमीय सूत्र समान होने चाहिए, और इस सिद्धांत का उपयोग करके किसी भी प्रकार के समीकरण की पूर्ण सत्यता (Absolute correctness) की सौ प्रतिशत गारंटी दी जा सकती है, भले ही समीकरण में कोई विमा-रहित नियतांक क्यों न हो।
4. पार्सेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो किसी चाप द्वारा 1 आर्कसेकंड का कोण बनाने पर आधारित होती है, और यह लगभग $3.08 \times 10^{16}$ मीटर के बराबर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में क्षारीय धातुओं (alkali metals) से हैलोजन की ओर बढ़ने पर, परमाणुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) का मान सामान्यतः अधिक ऋणात्मक होता जाता है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि के कारण बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉन का जुड़ना अधिक ऊर्जाक्षेपी (exothermic) हो जाता है।
2. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide contraction) के कारण, 4d और 5d श्रेणी की संक्रमण धातुओं (जैसे ज़िरकोनियम और हाफ्नियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिससे उनके रासायनिक गुणों में अत्यधिक समानता देखने को मिलती है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'विकर्ण संबंध' (Diagonal relationship) मुख्य रूप से दूसरे और तीसरे आवर्त के तत्वों (जैसे लीथियम और मैग्नीशियम) के बीच प्रदर्शित होता है, जिसका कारण आयनिक त्रिज्या और आवेश-से-त्रिज्या अनुपात (Charge-to-size ratio) का लगभग समान होना है।
4. उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionisation Enthalpy) का मान उनके आवर्त में न्यूनतम होता है, क्योंकि उनके अष्टक (Octet) पूर्ण होने के कारण वे आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागने के लिए प्रवृत्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'थर्माइट प्रक्रम' (Thermite Process) में एल्युमिनियम एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में कार्य करता है, जिसका उपयोग फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) के साथ मिश्रित कर रेलवे की पटरियों या टूटी हुई मशीनों की दरारों को जोड़ने के लिए किया जाता है, और यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माशोषी (Endothermic) होती है।
2. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है, जो स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने में सक्षम होता है।
3. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) एक अत्यंत क्रियाशील, विषैला और दीप्तिमान ठोस है जो अंधेरे में चमकता है, और इसे हवा में सुरक्षित रखने के लिए जल के अंदर डुबोकर रखा जाता है क्योंकि यह वायु के संपर्क में आते ही स्वतः प्रज्वलित हो जाता है।
4. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Flotation Process) का उपयोग किया जाता है, जबकि कार्बोनेट अयस्कों जैसे 'कैलेमीन' ($ZnCO_3$) के लिए निस्तापन (Calcination) प्रक्रिया अपनाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों, विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) के कारण होता है, और तापमान बढ़ने पर इसका मान लगातार कम होता जाता है तथा क्रांतिक तापमान (Critical temperature) पर यह शून्य हो जाता है।
2. द्रवों की श्यानता (Viscosity) तापमान में वृद्धि होने पर घटती है क्योंकि अणुओं के बीच की गतिज ऊर्जा बढ़ने से उनके बीच का आकर्षण बल कमजोर हो जाता है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) विस्थापित तरल के द्रव्यमान के केंद्र (Centre of buoyancy) पर कार्य करता है।
4. जब कोई केशिका नली (Capillary tube) ऐसे द्रव में डुबोई जाती है जो काँच को नहीं भिगोता है (जैसे पारा), तो द्रव नली के भीतर ऊपर चढ़ जाता है और उसका चंद्रतल (Meniscus) अवतल (Concave) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं के निष्कर्षण, मिश्रधातुओं के संगठन और उनके विशिष्ट रासायनिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) से तांबे के निष्कर्षण के दौरान 'प्रतापन' (Bessemerisation) प्रक्रिया में पिघले हुए मैटे (Matte) को सिलिका की अस्तर वाली परिवर्तनीय भट्टी में हवा के साथ उड़ाया जाता है, जिससे अंततः 'फोफोलेदार तांबा' (Blister copper) प्राप्त होता है, जो सल्फर डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले बाहर निकलने के कारण छालेदार हो जाता है।
2. 'पीतल' (Brass) तांबे और जस्ते की एक मिश्रधातु है, जबकि 'कांस्य' (Bronze) तांबे और टिन की मिश्रधातु है; इसके विपरीत, 'जर्मन सिल्वर' में चांदी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से 5% से 10% तक होती है जो इसके संक्षारण प्रतिरोध को बढ़ाती है।
3. क्षार धातुएँ (जैसे सोडियम और पोटेशियम) और क्षारीय मृदा धातुएँ अत्यधिक प्रतिक्रियाशील होती हैं, और इनमें से कुछ को जल के साथ तीव्र अभिक्रिया के दौरान हाइड्रोजन गैस मुक्त करने के कारण मिट्टी के तेल (Kerosene) के भीतर संग्रहीत किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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