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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों—पर्वतों, पठारों, मैदानों और मरुस्थलों—की उत्पत्ति और विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल अंटार्कटिका और आर्कटिक मरुस्थल हैं, जो शीत मरुस्थल (Polar Deserts) की श्रेणी में आते हैं, जबकि उष्ण कटिबंधीय मरुस्थलों में 'सहारा मरुस्थल' क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा मरुस्थल है।
  2. 2. 'कोलंबिया का पठार' (Columbia Plateau) अंतर्वर्ती पठार (Intermontane Plateau) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण अंतर्जात बलों के कारण क्षेत्रीय उत्थान से हुआ है, न कि लावा के बहिर्वाह से।
  3. 3. उत्तरी अमेरिका के महान मैदान (Great Plains) और भारत के गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान मुख्य रूप से नदीीय निक्षेपों (Alluvial Deposits) द्वारा निर्मित संरचनात्मक मैदानों के अंतर्गत आते हैं।
  4. 4. 'ब्लैक फॉरेस्ट' (Black Forest) और 'वास-जेस' (Vosges) पर्वत ब्लॉक पर्वतों (Block Mountains / Horsts) के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनके निर्माण में विवर्तनिक ताकतों के कारण भ्रंशण (Faulting) की प्रक्रिया मुख्य भूमिका निभाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि क्षेत्रफल की दृष्टि से अंटार्कटिका और आर्कटिक दुनिया के सबसे बड़े शीत मरुस्थल हैं, जबकि गर्म/उष्ण मरुस्थलों में सहारा सबसे बड़ा है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'कोलंबिया का पठार' एक लावा पठार (Lava/Volcanic Plateau) का उदाहरण है, जो बेसाल्टिक लावा के व्यापक उद्गार से बना है, न कि अंतर्वर्ती पठार। कथन 3 सही है क्योंकि महान मैदान और उत्तर भारत के मैदान नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से बने हैं। कथन 4 सही है क्योंकि ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी) और वास-जेस (फ्रांस) विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भ्रंशोत्थ पर्वत (Block Mountains) के प्रमुख उदाहरण हैं।
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पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकार और चक्रवातों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'रोसी तरंगें' (Rossby Waves) ऊपरी क्षोभमंडल में बहने वाली लंबी तरंगें होती हैं जो ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) के साथ जेट स्ट्रीम के घुमावों के कारण बनती हैं और वैश्विक मौसम के पैटर्न को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 2. 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर हवा की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत होती है, और तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता में वृद्धि होती है। 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान कम से कम 27°C होना आवश्यक है, और कोरियोलिस बल (Coriolis Force) की अनुपस्थिति के कारण ये विषुवत रेखा (Equator) के 0° से 5° अक्षांशों के बीच उत्पन्न नहीं होते हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) मुख्य रूप से गर्म और ठंडी हवाओं के मिलने से बने वाताग्रों (Fronts) के सहारे उत्पन्न होते हैं और ये पश्चिम से पूर्व की ओर पछुआ पवनों के प्रभाव से आगे बढ़ते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की भौगोलिक स्थिति, अक्षांशीय-देशांतरीय विस्तार तथा उससे जुड़ी सीमाओं और रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के बीच है, और यदि इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के इंदिरा प्वाइंट (6°45' उत्तर) को शामिल कर लिया जाए, तो देश का संपूर्ण दक्षिणतम बिंदु विषुवत वृत्त के अधिक निकट हो जाता है। 2. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और इसे आठ राज्यों से होकर गुजरना पड़ता है, जिनमें से त्रिपुरा और मिजोरम ऐसे राज्य हैं जहाँ से यह रेखा गुजरती है, और झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे समीप स्थित राजधानियों में से एक है। 3. भारत के सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु, अरुणाचल प्रदेश) और सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती, गुजरात) के बीच लगभग 29°18' का देशांतरीय अंतर है, जिसके कारण दोनों स्थानों के स्थानीय समय में लगभग 1 घंटा 57 मिनट (लगभग 2 घंटे) का वास्तविक अंतराल उत्पन्न होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा की लंबाई लगभग 6,100 किलोमीटर है, जबकि द्वीपों (अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप) सहित कुल तटरेखा की लंबाई 7,516.6 किलोमीटर है, जो देश की प्रायद्वीपीय स्थिति को दर्शाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी प्रक्रिया और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंप का 'अधिकरण' (Epicenter) वह बिंदु होता है जो ठीक उद्गम केंद्र (Focus/Hypocenter) के नीचे पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित होता है, जहाँ सबसे पहले भूकंपीय तरंगें दर्ज की जाती हैं। 2. शील (Sill) और डाइक (Dyke) अंतर्वेधी (Intrusive) आग्नेय स्थलाकृतियाँ हैं, जिनमें शील मैग्मा के क्षैतिज (Horizontal) या कम झुकाव वाले संस्तर के रूप में जमने से बनती है, जबकि डाइक दीवार की तरह लगभग लंबवत (Vertical) रूप से जमती है। 3. सुनामी तरंगें जब गहरे समुद्र में होती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) अत्यधिक लंबी और ऊँचाई (Amplitude) बहुत कम होती है, जिसके कारण गहरे पानी में इनका पता लगाना कठिन होता है, किंतु उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रशांत महासागर की परिधि पर स्थित 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) क्षेत्र में दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण के कारण आने वाले भूकंप सुनामी का मुख्य कारण बनते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के वन क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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