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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता अत्यंत कम होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मतस्यन (Fishing) क्षेत्रों तथा खनिज तेल व प्राकृतिक गैस के भंडारों के लिए जाना जाता है।
- 2. 'अपोजी' (Apogee) वह खगोलीय स्थिति है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी न्यूनतम दूरी पर होता है, और इस स्थिति के दौरान उत्पन्न होने वाले ज्वार-भाटे सामान्य से बहुत ऊंचे होते हैं, जिन्हें 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tides) कहा जाता है।
- 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ती है और यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप से अलग करती है।
- 4. 'बेरिंग जलसंधि' (Bering Strait) आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से जोड़ती है तथा यह एशिया महाद्वीप के साइबेरिया क्षेत्र को उत्तर अमेरिका के अलास्का से अलग करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि महासागरीय मग्नतट महाद्वीपों का मंद ढाल वाला डूबा हुआ भाग होता है जो आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'अपोजी' (Apogee) वह स्थिति है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपनी **अधिकतम** दूरी पर होता है, जिससे 'लघु ज्वार' (Neap Tides) या कमजोर ज्वार आते हैं; जबकि न्यूनतम दूरी को 'पेरिजी' (Perigee) कहा जाता है। कथन 3 और 4 बिल्कुल सही हैं। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा देशांतीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहार मोती' और सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
2. भारत की स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो सात देशों के साथ साझा होती है; इसमें सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ लगती है।
3. 'कर्क रेखा' (23.5° उत्तर अक्षांश) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और कुल आठ राज्यों से होकर जाती है, जबकि भारतीय मानक समय रेखा (82.5° पूर्व देशांतर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के अलावा कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से गुजरती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे दक्षिणतम बिंदु मुख्य भूमि पर कन्याकुमारी में स्थित 'केप कोमोरिन' है, जबकि संपूर्ण देश का सबसे दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' है जो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अंतर्गत ग्रेट निकोबार में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की वायुमंडलीय प्रणालियों, आर्द्रता के विभिन्न रूपों और चक्रवातीय गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर हवा की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है, और तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता में कमी आती है यदि जलवाष्प की मात्रा अपरिवर्तित रहे।
2. 'ओरोग्राफिक वर्षा' (Orographic Rainfall) तब होती है जब आर्द्र पवनें किसी पर्वत श्रृंखला से टकराकर ऊपर उठती हैं, जिससे पर्वतीय पवन-मुखी (Windward) ढाल पर भारी वर्षा होती है, जबकि इसके विपरीत प्रतिपवन (Leeward) ढाल पर वर्षा की मात्रा बहुत कम हो जाती है जिसे 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) कहा जाता है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विपरीत, शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल तापीय रूप से प्रेरित होते हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तरह 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) की स्पष्ट विशेषता नहीं पाई जाती है।
4. कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला एक आभासी बल है, जो उत्तरी गोलार्ध में पवनों को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और भूमध्य रेखा पर इसका मान अधिकतम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) प्रकृति की होती हैं क्योंकि इन्हें वर्षा के जल के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी निरंतर जल प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) होती हैं और उनकी प्रवाह मात्रा मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है।
2. प्रायद्वीपीय नदियों की घाटियाँ चौड़ी, उथली और परिपक्व (Mature) अवस्था में होती हैं क्योंकि ये अत्यधिक पुरानी कठोर चट्टानी संरचनाओं के बीच से बहती हैं और इनकी प्रवणता (Gradient) बहुत कम होती है, जबकि हिमालयी नदियाँ अपने युवा चरण में गहरी गॉर्ज (Gorges) और महाखड्डों का निर्माण करती हैं।
3. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में अवसाद (Silt) निक्षेपण के लिए कुख्यात है, और यह प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है।
4. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और अपने मुहानों पर बड़े-बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी जैसी नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए अरब सागर में गिरती हैं और एश्चুয়ারি (Estuary) बनाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बेगुला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अटलांटिक महासागर में अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिम तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है, और इसके प्रभाव से यहाँ नामीब मरुस्थल का निर्माण हुआ है।
2. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो जापान के पूर्वी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जो उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलकर न्यूफाउंडलैंड के पास दुनिया के सबसे बड़े मत्सय क्षेत्र 'ग्रैंड बैंक' का निर्माण करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरिओलिस प्रभाव के कारण घड़ी की सुई की दिशा में (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में घड़ी की सुई की विपरीत दिशा में (Anti-clockwise) विक्षेपित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) और नदियों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम से पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होते हुए पश्चिम की ओर प्रवाहित होकर अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuary) बनाती हैं।
2. ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में 'त्सांगपो' के नाम से जाना जाता है, जहाँ यह लगभग पूर्व की ओर समानांतर बहती है और नामचा बारवा के पास यू-टर्न (प्रतीप मोड़) लेकर अरुणाचल प्रदेश में 'दिहांग' के रूप में प्रवेश करती है।
3. गोदावरी नदी, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' भी कहा जाता है, प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबक, नासिक के पास से होता है और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ प्रवर, पूर्णा, मंजरा, वाइनगंगा और पैनगंगा हैं।
4. सिंधु नदी तंत्र की प्रमुख नदियाँ—सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब और झेलम—पाकिस्तान के मिठनकोट के पास सिंधु नदी में मिलने से पहले 'पंचनद' का निर्माण करती हैं, और इनमें से चेनाब इस तंत्र की सबसे लंबी सहायक नदी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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