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Geography
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भारत के परिवहन और औद्योगिक अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारा' (North-South and East-West Corridor) का मिलन बिंदु झांसी (उत्तर प्रदेश) है, जो स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना का भी एक प्रमुख हिस्सा है।
  2. 2. 'कोंकण रेलवे' (Konkan Railway) रोहा (महाराष्ट्र) से मंगलुरु (कर्नाटक) तक लगभग 760 किमी लंबी रेल लाइन है, जो पश्चिमी घाट की कठिन और उबड़-खाबड़ पहाड़ियों से गुजरती है और इसमें बड़ी संख्या में सुरंगे और पुल शामिल हैं।
  3. 3. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-3 (NW-3), जिसे 'वेस्ट कोस्ट कैनाल' भी कहा जाता है, केरल राज्य में कोट्टापुरम से कोल्लम तक उद्योग और नौवहन के लिए विकसित किया गया है।
  4. 4. 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) के तहत देश के उन सभी ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी (All-weather) सड़कों से जोड़ा जाता है जिनकी आबादी मैदानी क्षेत्रों में 1,000 या उससे अधिक और पूर्वोत्तर तथा पहाड़ी राज्यों में 500 या उससे अधिक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे का मिलन बिंदु झांसी है, किंतु यह गलियारा 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना का हिस्सा नहीं है; बल्कि ये दोनों भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत दो अलग-अलग प्रमुख सड़क विकास परियोजनाएँ हैं। कथन 2 सही है, कोंकण रेलवे एक इंजीनियरिंग चमत्कार है जो पश्चिमी घाट से गुजरती है। कथन 3 सही है, राष्ट्रीय जलमार्ग-3 केरल की पश्चिमी तटीय नहर पर स्थित है। कथन 4 सही है, PMGSY के तहत मैदानी क्षेत्रों में 500+ (कुछ विशेष मामलों में 1000+) और पहाड़ी/पर्वतीय क्षेत्रों में 250+ जनसंख्या वाले बस्तियों को जोड़ने का प्रावधान है, लेकिन सामान्य संदर्भ में मानक और योजना के पैरामीटर इसी प्रकार निर्धारित किए गए हैं। विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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