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Geography
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भारत के प्रमुख उद्योगों, बंदरगाहों और परिवहन अवसंरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का पहला तटवर्ती (Coastal) एकीकृत इस्पात संयंत्र 'विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र' (RINL) है, जिसे कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात की सुविधा के लिए रणनीतिक रूप से समुद्र तट पर स्थापित किया गया था।
- 2. 'राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-3' (NW-3) केरल राज्य में कोट्टापुरम से कोल्लम तक विस्तृत है, जो मुख्य रूप से पश्चिम तट नहर, उद्योगमंडल और चंपकारा नहरों का एक अंतर्संबंध नेटवर्क है।
- 3. 'मर्मगोआ बंदरगाह' (Mormugao Port) गोवा राज्य में जुआरी नदी के मुहाने पर स्थित एक प्रमुख प्राकृतिक बंदरगाह है, जो मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के कुद्रेमुख और अन्य खदानों से प्राप्त लौह अयस्क के जापान को निर्यात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- 4. भारत में 'स्वर्णिम चतुर्भुज' (Golden Quadrilateral) परियोजना के तहत उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे (North-South and East-West Corridors) एक-दूसरे को 'झाँसी' (उत्तर प्रदेश) शहर में आपस में काटते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) भारत का पहला तटवर्ती इस्पात संयंत्र है। कथन 2 भी सही है क्योंकि राष्ट्रीय जलमार्ग-3 केरल की पश्चिम तट नहर (कोट्टापुरम से कोल्लम) पर स्थित है। कथन 3 गलत है क्योंकि मर्मगोआ बंदरगाह से निर्यात होने वाला प्रमुख लौह अयस्क मुख्य रूप से गोवा की स्थानीय खदानों (जैसे सैनडिगो आदि) से आता है, जबकि 'कुद्रेमुख' का लौह अयस्क मुख्य रूप से न्यू मंगलुरु बंदरगाह से निर्यात किया जाता है। कथन 4 गलत है क्योंकि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे एक-दूसरे को 'झाँसी' में नहीं बल्कि 'कानपुर' में नहीं बल्कि 'शिवपुरी' (मध्य प्रदेश) के समीप काटते हैं (झाँसी इसके अंतर्गत एक प्रमुख जंक्शन है किंतु मुख्य क्रॉसिंग बिंदु झाँसी नहीं बल्कि मध्य प्रदेश का क्षेत्र है)। भारतीय परिवहन और बंदरगाहों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, जिसमें लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्यूमिना की अधिकता पाई जाती है, जबकि नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण लोहे और एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ और चाय-कॉफी की खेती के लिए आदर्श बन जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक प्रसार (Diffusion) के कारण होता है, जबकि जलीयोजित (Hydrated) रूप में आने पर यह मृदा पीले रंग की दिखाई देती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टियों को उनकी विशेषताओं के आधार पर कुल 8 प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें क्षेत्रफल की दृष्टि से 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) का हिस्सा सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चिल्का झील' (Chilika Lake) भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील है, जो महानदी के मुने पर स्थित है और सर्दियों के मौसम में यहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, तथा यह रामसर कन्वेंशन के तहत भारत की पहली आर्द्रभूमि घोषित की गई थी।
2. 'कुंचिकल जलप्रपात' (Kunchikal Falls) कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी पर स्थित है, जो लगभग 455 मीटर की कुल ऊँचाई के साथ भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात माना जाता है।
3. 'रिहंद परियोजना' (Rihand Project) सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी रिहंद पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित एक बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है, जिसके पीछे बनी कृत्रिम झील को 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' के नाम से जाना जाता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जम्मू और कश्मीर में स्थित 'वुलर झील' भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की (Freshwater) झील है, जिसका विवर्तनिक (Tectonic) गतिविधियों के परिणामस्वरूप निर्माण हुआ है और इसमें झेलम नदी जल प्रवाहित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय तंत्र, पर्वत श्रेणियों और उनसे संबंधित घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान हिमालय (Great Himalaya) श्रेणी में स्थित 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक अभिनति (Synclinorial) घाटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण पंजाल और जांस्कर श्रेणियों के बीच टेथिस भूअभिनति के उत्थान के परिणामस्वरूप हुआ था।
2. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalaya) की सबसे लंबी और सबसे पश्चिमी श्रेणी है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है तथा इसी श्रेणी में प्रसिद्ध बनिहाल और सिंथन दर्रे स्थित हैं।
3. 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley), जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है, धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच व्यास नदी द्वारा निर्मित एक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शांत घाटी' (Silent Valley) पश्चिमी घाट के नीलगिरी पहाड़ियों में स्थित है, जो उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के लिए प्रसिद्ध है और इसका निर्माण शिवालिक पर्वतमाला के उत्थान के कारण हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कर्क रेखा (Tropic of Cancer) भारत के कितने राज्यों से होकर गुजरती है?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों (Micro-irrigation systems) जैसे टपक सिंचाई (Drip irrigation) और फव्वारा सिंचाई (Sprinkler irrigation) को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख योजना 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' (PMKSY) के तहत 'हर खेत को पानी' और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) के घटकों पर विशेष बल दिया जाता है।
2. 'धान' (Paddy) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक), उच्च आर्द्रता और वार्षिक वर्षा 100 सेमी से अधिक की आवश्यकता होती है, और इसे पारंपरिक रूप से पुड्डलिंग (Puddling) विधि द्वारा रोपा जाता है जो मृदा की पारगम्यता को कम करती है।
3. भारत में 'गेहूं' (Wheat) रबी की एक प्रमुख फसल है जिसके सफल उत्पादन के लिए मध्यम तापमान और मध्यम वर्षा (50 से 75 सेमी) की आवश्यकता होती है, तथा इसके पकने के समय तेज धूप और ठंडे वातावरण के स्थान पर अत्यधिक उच्च तापमान की आवश्यकता होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल और गेहूं जैसी खाद्य फसलों के अंतर्गत आता है, जबकि वाणिज्यिक और नकदी फसलों का क्षेत्रफल अपेक्षाकृत कम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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