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Geography
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भारत की भौगोलिक स्थिति, सीमावर्ती देशों और द्वीपीय क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, और इसके सुदूर उत्तरी बिंदु (इंदिरा कोल) तथा सुदूर दक्षिणी बिंदु के बीच का अक्षांशीय विस्तार लगभग 29°32' है।
- 2. भारत की जल संप्रभुता 'प्रादेशिक जलक्षेत्र' (Territorial Waters) के अंतर्गत तट रेखा से 12 समुद्री मील (Nautical Miles) तक फैली हुई है, जबकि 'अनन्य आर्थिक क्षेत्र' (Exclusive Economic Zone - EEZ) आधार रेखा से 200 समुद्री मील की दूरी तक होता है।
- 3. भारत और म्यांमार के बीच समुद्री सीमा का निर्धारण 'कोको चैनल' (Coco Channel) द्वारा होता है, जो म्यांमार के कोको द्वीपों को भारत के अंडमान समूह के सबसे उत्तरी द्वीप 'उत्तरी अंडमान' से अलग करता है।
- 4. आठ डिग्री चैनल (8° Channel) मालदीव को भारत के मिनिकॉय द्वीप (लक्षद्वीप) से अलग करता है, जबकि 'नौ डिग्री चैनल' मिनिकॉय द्वीप को लक्षद्वीप के शेष मुख्य द्वीपों से अलग करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तक है और इसका अक्षांशीय अंतर लगभग 29°32' है। कथन 2 सही है: भारत के समुद्री अधिकार संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के तहत निर्धारित हैं, जिसमें प्रादेशिक जलक्षेत्र 12 समुद्री मील और अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) 200 समुद्री मील तक होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कोको चैनल म्यांमार के कोको द्वीप और भारत के उत्तरी अंडमान के बीच स्थित है, लेकिन भारत और म्यांमार की समुद्री सीमा मुख्य रूप से बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में अन्य तटीय समझौतों द्वारा तय होती है; तकनीकी रूप से कोको चैनल म्यांमार के नियंत्रण वाले कोको द्वीप को भारतीय भूभाग से अलग करता है। कथन 4 सही है, आठ डिग्री चैनल मालदीव और मिनिकॉय को अलग करता है, जबकि नौ डिग्री चैनल मिनिकॉय को लक्षद्वीप के अन्य द्वीपों से अलग करता है।
Related Questions
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भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति एवं घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पीर पंजाल श्रेणी' (Pir Panjal Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण श्रेणी है, जो कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र से अलग करती है और इसी श्रेणी में प्रसिद्ध 'बनिहाल दर्रा' स्थित है जो जवाहर सुरंग के माध्यम से सड़क मार्ग प्रदान करता है।
2. 'ज़ास्कर श्रेणी' (Zaskar Range) महान हिमालय के उत्तर में समानांतर रूप से फैली हुई है, जो लद्दाख क्षेत्र को तिब्बत से अलग करती है और इसके पूर्वी भाग में प्रसिद्ध 'मरुसू दर्रा' तथा 'फोटो ला' जैसे महत्वपूर्ण दर्रे स्थित हैं।
3. 'चुंबी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो भारत, भूटान और चीन (तिब्बत) के त्रिसंगम (Tri-junction) के समीप स्थित है और यह सिक्किम को तिब्बत से जोड़ने वाले 'नाथू ला' तथा 'जेलेप ला' दर्रों के निकट अवस्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'कुल्लू घाटी' (Kullu Valley) धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच ब्यास नदी द्वारा निर्मित एक विस्तृत अनुदैर्ध्य घाटी है, जिसे 'देवों की घाटी' भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कुल कोयला भंडारों का अधिकांश हिस्सा 'गोंडवाना कोयला क्षेत्रों' से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों की रिफ्ट घाटियों में संकेंद्रित हैं।
2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र है, जहाँ तेल का मुख्य उत्पादन मियोसीन काल की चूना पत्थर (Limestone) संरचनाओं से होता है।
3. भारत में थोरियम के विशाल भंडार 'मोनाज़ाइट रेत' के रूप में मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जिसका उपयोग देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तीसरे चरण में किया जाना है।
4. 'सिंघरेनी कोयला क्षेत्र' (Singrauli Coalfield) झारखंड राज्य में स्थित एक प्रमुख कोयला खनन क्षेत्र है, जो खुले मुँह की खदानों (Open-cast mines) और ताप विद्युत गृहों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की अवस्थिति, अक्षांशीय-देशांशीय विस्तार तथा सीमावर्ती रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की संपूर्ण भूमि (मुख्य भूमि और द्वीप समूह सहित) का अक्षांशीय विस्तार 6°45' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसमें निकोबार द्वीप समूह में स्थित 'इंदिरा प्वाइंट' (पिगमेलियन प्वाइंट) इसका सबसे दक्षिणतम बिंदु है।
2. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो कुल 7 देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ अपनी सीमा साझा करती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ लगती है।
3. भारत और पाकिस्तान के बीच निर्धारित 'रेडक्लिफ रेखा' का निर्धारण वर्ष 1947 में सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जो एक कृत्रिम सीमा रेखा का उदाहरण है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत के कुल 9 राज्य और 4 केंद्रशासित प्रदेश समुद्र तट से लगे हुए हैं, और देश की मुख्य भूमि की तटरेखा की लंबाई 6,100 किलोमीटर तथा द्वीपों सहित कुल तटरेखा 7,516.6 किलोमीटर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मिट्टियों और उनके वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े भू-भाग पर 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) का विस्तार पाया जाता है, जो मुख्य रूप से उत्तर के विशाल मैदान और प्रायद्वीपीय भारत की नदी घाटियों तक सीमित है, तथा इस मृदा में पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, का निर्माण बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से हुआ है, और इसमें जल धारण करने की उच्च क्षमता (Self-ploughing capacity) होती है, जिसके कारण यह कपास की कृषि के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है।
3. 'लेटेराइट मृदा' (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के कारण होता है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा पृष्ठ पर आयरन और एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, इसलिए यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ होती है और इसमें बिना उर्वरक के धान की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक भू-गतिशीलता और विवर्तनिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रि्टर स्केल' (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकंप के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा (Energy Released) को मापता है, और इस स्केल पर प्रत्येक अगली पूर्ण संख्या का मान पिछली संख्या की तुलना में लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा वृद्धि को दर्शाता है।
2. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगें गहरे महासागरों में अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और कम ऊँचाई वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में नौकायन कर रहे जहाजों को इनका आसानी से आभास हो जाता है।
3. 'पाइरोक्लास्टिक प्रवाह' (Pyroclastic Flow) विस्फोटक ज्वालामुखी उद्गार के दौरान गैसों, राख, प्युमिस और चट्टानी टुकड़ों का एक अत्यंत गर्म, तेज गति से नीचे बहने वाला घातक मिश्रण होता है।
4. अभिसारी प्लेट सीमाओं (Convergent Plate Boundaries) के सहारे बनने वाले 'द्वीपीय चाप' (Island Arcs) जैसे जापान या फिलीपींस, मुख्य रूप से महासागरीय-महासागरीय प्लेटों के टकराने और सबडक्शन के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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