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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) की गतिशीलता और चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मोहरोविसिक असंतुलन' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि (लगभग 8 किमी/सेकंड से अधिक) दर्ज की जाती है।
- 2. 'गुटेनबर्ग असंतुलन' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को अलग करता है, तथा इस गहराई पर पहुँचकर द्वितीयक (S) भूकंपीय तरंगें पूर्णतः विलुप्त हो जाती हैं क्योंकि यह क्षेत्र तरल अवस्था में है।
- 3. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी के आंतरिक भाग से पिघले हुए मैग्मा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और इनमें जीवाश्म (Fossils) का पूर्ण अभाव होता है, जबकि अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) परतों के रूप में पाई जाती हैं और इनमें जीवाश्म प्रचुरता से मिलते हैं।
- 4. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप (Temperature) और दाब (Pressure) के प्रभाव से अपने मूल रूप या संरचना में परिवर्तन के फलस्वरुप बनती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर में कायांतरण इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मोहरोविसिक असंतुलन (Moho discontinuity) क्रस्ट और मेंटल की सीमा पर स्थित है, जहाँ घनत्व में अचानक वृद्धि के कारण P-तरंगों की गति तेज हो जाती है। कथन 2 गलत है क्योंकि गुटेनबर्ग असंतुलन मेंटल और कोर (क्रोड) के बीच की सीमा है (ऊपरी और निचले मेंटल के बीच 'रेपेटी असंतुलन' होता है)। कथन 3 सही है क्योंकि आग्नेय चट्टानें मैग्मा के शीतलन से बनती हैं और उनमें जीवाश्म नहीं होते, जबकि अवसादी चट्टानें परतों में होती हैं और जीवाश्मयुक्त होती हैं। कथन 4 सही है, कायांतरित चट्टानें अत्यधिक ताप और दाब के कारण बनती हैं, जैसे चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना।
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति तथा उनकी भू-आकृतिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व के अधिकांश नवीन वलित पर्वत (Fold Mountains) जैसे हिमालय, रॉकीज़, एंडीज और आल्प्स, अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) पर विवर्तनिक संपीडन बलों के परिणामوْरूप महाद्वीपीय-महाद्वीपीय या महाद्वीपीय-महासागरीय टक्कर से बने हैं।
2. 'अनातोलिया का पठार' (तुर्किए) और 'तिब्बत का पठार' अंतर-पर्वतीय पठारों (Intermontane Plateaus) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो चारों ओर से उच्च पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं और इनका निर्माण विवर्तनिक उत्थान के कारण होता है।
3. विश्व के प्रमुख उष्ण मरुस्थल (जैसे सहारा, अटाकामा और कालाहारी) मुख्य रूप से महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर 15° से 30° अक्षांशों के मध्य पाए जाते हैं, जिसका प्रमुख कारण वहाँ वर्षभर बहने वाली ठंडी महासागरीय जलधाराएँ और व्यापारिक हवाओं का अपतटीय (Offshore) स्वभाव है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार गोबी मरुस्थल (Mongolia/China) एक शीत मरुस्थल (Cold Desert) है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से उच्च अक्षांशों पर स्थित होने तथा विशाल यूरेशियाई भूभाग के आंतरिक भाग में होने के कारण महाद्वीपीयता (Continentality) और वृष्टि छाया प्रभाव (Rain-shadow effect) के परिणामस्वरूप हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की कुल जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत लगभग 68.8% है, जिसमें 'हिमाचल प्रदेश' राज्य में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली में ग्रामीण जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक है।
2. वर्ष 2001 से 2011 के दौरान देश की कुल जनसंख्या में दशकीय वृद्धि दर 17.64% दर्ज की गई, जिसमें राज्यों के स्तर पर सर्वाधिक दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर 'मेघालय' राज्य में दर्ज की गई थी (लगभग 27.9%)।
3. भारत में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल साक्षरता दर 74.04% दर्ज की गई, जिसमें पुरुष साक्षरता दर (82.14%) और महिला साक्षरता दर (65.46%) के बीच का अंतर लगभग 16.6% है, और सर्वाधिक साक्षरता वाला केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (SCs) का प्रतिशत लगभग 16.6% है, जिसमें पंजाब राज्य में कुल जनसंख्या के सापेक्षित अनुसूचित जाति की आबादी का प्रतिशत (लगभग 31.9%) सभी राज्यों में सर्वाधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का अक्षांशीय विस्तार लगभग 30° का है (8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तक), जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी भाग के बीच वास्तविक स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का समयान्तर (Time Lag) पाया जाता है।
2. भारत की मानक समय रेखा (82°30' पूर्वी देशान्तर) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती है और यह कुल पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर जाती है, जो कि ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
3. कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर गुजरती है, जिसमें त्रिपुरा और मिजोरम सबसे पूर्वी राज्य हैं जहाँ से यह रेखा गुजरती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार देश का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण गुजरात और अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर देखने को मिलता है, जबकि अक्षांशीय विस्तार का प्रभाव दिन और रात की अवधि पर मुख्य रूप से पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी उत्पत्ति को प्रभावित करने वाले कारकों तथा प्रमुख धाराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराएँ महासागरों में जल का एक निश्चित दिशा में 3-D निरंतर प्रवाह है, जो मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन (कोरिओलिस बल), प्रचलित हवाओं (प्रवाहित पवनें), तापमान और लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न होता है।
2. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक ठंडी जलधारा है जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर की ओर बहती हुई पश्चिमी यूरोप के तटों पर पहुँचकर वहाँ के तापमान को अत्यधिक सर्द और हिमाच्छादित बना देती है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती हुई न्यूफाउंडलैंड के पास गर्म गल्फ स्ट्रीम से मिलती है, जिससे वहाँ दुनिया के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों (Fishing Grounds) में से एक का विकास होता है।
4. 'पेरूवियन या हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जिसके तापमान में वृद्धि होने से 'एल निनो' (El Niño) घटना का निर्माण होता है और भारतीय मानसून कमजोर पड़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनके भौगोलिक एवं भू-गर्भीय संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल भंडारों और उत्पादन का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय) में पाया जाता है।
2. भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मुख्य रूप से टर्शरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानों में पाए जाते हैं, जिसमें 'बॉम्बे हाई' देश का सबसे बड़ा अपतटीय तेल क्षेत्र है, और कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin) प्राकृतिक गैस के अपार भंडारों के लिए जाना जाता है।
3. भारत में यूरेनियम का सबसे पुराना और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र झारखंड का 'सिंहभूम खनिजीय पट्टी' (जादुगुड़ा) है, इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और तेलंगाना के लम्बापुर-पेद्दगट्टू क्षेत्र में भी यूरेनियम के महत्वपूर्ण भंडारों की खोज की गई है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में एंथ्रेसाइट (Anthracite) कोटि के कोयले का विशाल भंडार झारखंड के झरिया और बोकारो क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पाया जाता है, जिससे देश को कोकिंग कोयले के आयात की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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