BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
10 views

भारत की पर्वत श्रेणियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और उनमें स्थित प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक समकालीन अभिनति (Syncline) द्रोणी के रूप में पीर पंजाल श्रेणी और मुख्य महान हिमालय (Greater Himalayas) के मध्य स्थित एक विवर्तनिक घाटी है।
  2. 2. 'कांगड़ा घाटी' और 'कुल्लू घाटी' हिमाचल प्रदेश में धौलाधार और पीर पंजाल पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित हैं, जिनका निर्माण क्रमशः व्यास और रावी नदियों के अपरदन और निक्षेपण कार्यों द्वारा हुआ है।
  3. 3. जांसकर श्रेणी और लद्दाख श्रेणी के मध्य 'नूबरा घाटी' (Nubra Valley) स्थित है, जिससे होकर 'श्योक नदी' प्रवाहित होती है और यह घाटी सियाचिन ग्लेशियर के समीप अवस्थित है।
  4. 4. शिवालिक श्रेणी (Outer Himalayas) और लघु हिमालय (Lesser Himalayas) के बीच पाई जाने वाली अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटियों को पश्चिम में 'द्वार' और पूर्व में 'दून' (जैसे देहरादून) कहा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कश्मीर घाटी एक विवर्तनिक घाटी है जो पीर पंजाल और मुख्य महान हिमालय के बीच एक अभिनति द्रोणी के रूप में स्थित है। कथन 2 गलत है क्योंकि कुल्लू घाटी व्यास नदी द्वारा निर्मित एक अनुप्रस्थ घाटी है, जबकि कांगड़ा घाटी धौलाधार श्रेणी के दक्षिण में एक विस्तृत समतलीय घाटी है, और रावी नदी मुख्य रूप से चंबा घाटी से होकर बहती है। कथन 3 बिल्कुल सही है; नूबरा घाटी जांसकर और लद्दाख श्रेणियों के बीच श्योक नदी घाटी क्षेत्र में सियाचिन ग्लेशियर के पास स्थित है। कथन 4 गलत है क्योंकि शिवालिक और लघु हिमालय के बीच पश्चिम और मध्य भाग में पाई जाने वाली समतल संरचनात्मक घाटियों को 'दून' (जैसे देहरादून) और पूर्व में 'द्वार' (जैसे हरिद्वार) कहा जाता है, न कि इसके विपरीत जैसा कि कथन में दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय तरंगों के संचरण और चट्टानों के कायांतरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंपीय तरंगों में 'P-तरंगें' (Primary Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) स्वभाव की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस - तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'S-तरंगें' (Secondary Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) स्वभाव की होती हैं और केवल ठोस माध्यमों से ही गमन करती हैं। 2. गुटेनबर्ग असंबद्धता (Gutenberg Discontinuity) निचले मेंटल और बाहरी क्रोड के बीच स्थित होती है, जहाँ S-तरंगें अचानक विलुप्त हो जाती हैं और P-तरंगों का वेग काफी कम हो जाता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि बाहरी क्रोड तरल अवस्था में है। 3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) के अंतर्गत अत्यधिक तप्त मैग्मा के संपर्क में आने से आसपास की चट्टानें पिघल जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप अवसादी चट्टानों का सीधे तौर पर मैग्मैटिक चट्टानों में पूर्ण रूपांतरण हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गारों और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैसीय—तीनों माध्यमों से संचरण कर सकती हैं, किंतु तरल बाह्य क्रोड (Outer Core) में प्रवेश करते ही अपवर्तन (Refraction) के कारण इनका वेग अचानक काफी कम हो जाता है। 2. ज्वालामुखीय उद्गारों के समय जब मैग्मा भूपर्पटी के भीतर विभिन्न गहराइयों पर ठंडा होकर ठोस रूप ग्रहण करता है, तो उससे अंतर्वेधी आकृतियाँ बनती हैं; जिसमें विशाल गुंबदाकार पिंड को 'बैथोलिथ' (Batholith) और तश्तरीनुमा अवतल रूप को 'लोपोलिथ' (Lopolith) कहा जाता है। 3. महासागरीय नितल पर अचानक आने वाले तीव्र भूकंपों और विवर्तनिक विस्थापन के कारण उत्पन्न होने वाली सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में बहुत कम ऊँचाई और अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, किंतु तटों के उथले पानी में पहुँचने पर इनकी गति और तरंगदैर्ध्य दोनों कम हो जाती हैं जबकि इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रिक्टर पैमाना (Richter Scale) एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है जो भूकंप के दौरान मुक्त होने वाली कुल ऊर्जा को मापता है, जिसमें प्रत्येक पूर्ण संख्या की वृद्धि पिछले स्तर की तुलना में लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा की रिहाई को दर्शाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की भौगोलिक स्थिति और अक्षांश-देशांतर विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के उत्तर से दक्षिण की वास्तविक दूरी लगभग 3,214 किमी है। 2. देश का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जो अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पैदा करता है। 3. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) माना गया है, जो कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी उपग्रह प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमीड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, जिसका आकार बुध ग्रह से भी बड़ा है और इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) मौजूद है। 2. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका अपना सघन वायुमंडल है, जो मुख्य रूप से नाइट्रोजन से समृद्ध है और इसकी सतह पर तरल मीथेन तथा इथेन के झील व समुद्र पाए जाते हैं। 3. 'यूरेनस' (Uranus) अपने कक्षीय तल पर अत्यधिक झुका हुआ है (लगभग 98 डिग्री), जिसके कारण इसे 'लेटा हुआ ग्रह' कहा जाता है, और इसके सभी उपग्रहों के नाम ग्रीक पौराणिक कथाओं के देवताओं के आधार पर रखे गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? भारत की सबसे लंबी नदी घाटी परियोजना (Multi-purpose project) कौन सी है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.