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Geography
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पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता के प्रकारों और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फेरल का नियम (Ferrel's Law) बताता है कि पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होने वाला कोरिओलिस बल उत्तरी गोलार्ध में बहने वाली सभी प्रकार की पवनों को उनकी मूल गति की दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है।
- 2. संवहनी वर्षा (Convectional Rainfall) मुख्य रूप से भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में प्रतिदिन दोपहर के बाद होने वाली मूसलाधार वर्षा है, जो तीव्र सूर्यताप के कारण हवा के गर्म होकर ऊपर उठने और संघनन (Condensation) के परिणामस्वरूप होती है।
- 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति के लिए महासागरीय सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, और ये चक्रवात जमीन पर पहुँचने पर ऊर्जा की कमी के कारण कमजोर होकर समाप्त हो जाते हैं क्योंकि इन्हें गर्म और आर्द्र हवाओं की निरंतर आपूर्ति मिलना बंद हो जाती है।
- 4. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) केवल उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापारिक पवनों के प्रभाव से उत्पन्न होते हैं, तथा इनका आकार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में बहुत छोटा और विनाशकारी होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: फेरल के नियम और कोरिओलिस बल के अनुसार, पृथ्वी के घूर्णन प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में पवनें अपनी दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर विक्षेपित होती हैं। कथन 2 सही है: भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में अत्यधिक सूर्यताप के कारण प्रतिदिन दोपहर के समय संवहनी धाराएँ उठती हैं, जिससे क्युमुलोनिम्बस बादलों का निर्माण होता है और '4 बजे की वर्षा' (4 o'clock rain) के रूप में संवहनी वर्षा होती है। कथन 3 सही है: उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विकास और स्थायित्व के लिए महासागरीय सतह का तापमान कम से कम 27°C होना आवश्यक है और स्थल भाग पर पहुँचकर आर्द्रता व ऊर्जा के अभाव में ये नष्ट हो जाते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Temperate Cyclones) उच्च अक्षांशों (शीतोष्ण कटिबंध) में पछुआ पवनों और ध्रुवीय वाताग्रों (Polar Fronts) के मिलने से उत्पन्न होते हैं, न कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में; साथ ही इनका आकार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तुलना में बहुत बड़ा होता है।
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चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा पूरी करने में लगभग कितना समय लेता है?
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भारत की मृदा प्रणालियों और उनके रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसल्टिक चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, और इसमें उच्च जल-धारण क्षमता (Water Retention Capacity) पाई जाती है, जिससे गीली होने पर यह अत्यधिक चिपचिपी और सूखी होने पर गहरी चौड़ी दरारों से विदीर्ण हो जाती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसके कारण इसमें ह्यूमस, नाइट्रोजन और पोटाश की प्रचुरता होती है, जबकि आयरन ऑक्साइड और एल्यूमीनियम की कमी पाई जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों में लौह धातु (Iron) के व्यापक प्रसार के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) की स्थिति में यह पीली दिखाई देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विश्व के महाद्वीपों, देशों की सीमाओं और भू-राजनीतिक रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) केवल भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा निर्धारित करती है, जबकि वर्ष 1947 में स्वतंत्रता के समय यही रेखा भारत और पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के बीच भी सीमा रेखा के रूप में निर्धारित की गई थी।
2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) पूर्वी हिमालय क्षेत्र में भारत और चीन के बीच की सीमा तय करती है, जिसे 1914 के शिमला समझौते के दौरान सर हेनरी मैकमोहन द्वारा रेखांकित किया गया था, और चीन इस ऐतिहासिक रेखा की कानूनी वैधता को स्वीकार करता है।
3. '49वीं समानांतर रेखा' (49th Parallel) उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के बीच की सबसे लंबी शांतिपूर्ण सीमा बनाती है, जो सुपीरियर झील से लेकर प्रशांत महासागर तट तक विस्तृत है।
4. 'ओडर-नीस रेखा' (Oder-Neisse Line) द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात जर्मनी और पोलैंड के बीच निर्धारित की गई एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो ओडर और नीस नदियों के किनारों के सहारे स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) में ओजोन गैस की अधिकता पाई जाती है जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है।
2. क्षोभमंडल (Troposphere) की मोटाई भूमध्य रेखा पर सबसे कम और ध्रुवों पर सबसे अधिक होती है, क्योंकि भूमध्य रेखा पर संवहन धाराओं के प्रभाव से गर्म हवा ऊपर उठकर फैल जाती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से गतिक कारको (Dynamic Factors), अर्थात् पृथ्वी के घूर्णन और विषुवतीय क्षेत्र से ऊपर उठी हवाओं के ध्रुवों की ओर प्रवाहित होने के बाद नीचे बैठने (Subsidence) के कारण होता है।
4. आयनमंडल (Ionosphere) में रेडियो तरंगें पृथ्वी से परावर्तित होकर पुनः वापस लौटती हैं, क्योंकि इस परत में गैसों के अणु सौर विकिरण के कारण आयनित (Ionized) अवस्था में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल और पवन प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रोपोस्फेयर (क्षोभमंडल) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो औसतन 6.5°C प्रति 1,000 मीटर होती है।
2. 'रोरींग फोर्टीज' (Roaring Forties) दक्षिणी गोलार्ध में लगभग 40° से 50° दक्षिणी अक्षांशों के बीच बहने वाली तेज और निरंतर पश्चिमी हवाएं हैं, जहाँ महाद्वीपीय अवरोधों की अनुपस्थिति के कारण इनकी गति अत्यधिक तीव्र होती है।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को कैरेबियन सागर और मैक्सिको की खाड़ी में 'टाइफून' के नाम से जाना जाता है, जबकि उत्तरी हिंद महासागर में इन्हें 'हरिकेन' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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