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General Science
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ईथर माध्यम की परिकल्पना किस प्रयोग द्वारा गलत साबित हुई?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रयोग ने सिद्ध किया कि ईथर का कोई अस्तित्व नहीं है।
Related Questions
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मानव शरीर में 'सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम' (Sarcoplasmic Reticulum) मुख्य रूप से किस प्रकार की कोशिकाओं में पाया जाता है और इसका प्रमुख कार्य क्या है?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के जैव रासायनिक चक्रों और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर अनिवार्य रूप से निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर अगुणित (Gametophyte) होता है जिस पर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) आश्रित रहता है।
2. सी-4 (C4) पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान केल्विन चक्र से पहले कार्बन डाइऑक्साइड का स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में 'PEP कार्बोक्सिलेस' एंजाइम द्वारा होता है, जिससे एक 4-कार्बन यौगिक (ऑक्सालोएसेटिक एसिड) बनता है, जो इसे उष्णकटिबंधीय जलवायु में उच्च प्रकाश तीव्रता और कम जल उपलब्धता के प्रति अत्यधिक अनुकूल बनाता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक वृद्धि-प्रोत्साहक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से तने की लंबाई में तीव्र वृद्धि, कोशिका दीर्घीकरण (Cell elongation) और बीजों के अंकुरण को प्रेरित करने के लिए उत्तरदायी होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के विभिन्न आवर्ती गुणों और रासायनिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की 'द्वितीय आयनन एन्थैल्पी' (Second Ionization Enthalpy) का मान हमेशा उसकी 'प्रथम आयनन एन्थैल्पी' से अधिक होता है, क्योंकि उदासीन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन निकल जाने के बाद बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और आकार छोटा हो जाता है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी हैलोजन तत्वों में क्लोरीन के लिए सर्वाधिक ऋणात्मक होता है, न कि फ्लोरीन के लिए, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के छोटे आकार के कारण होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic repulsion) है।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'लैंथेनाइड आकुंचन' (Lanthanoid Contraction) के प्रभावस्वरूप, छठी अवधि के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण पाँचवीं अवधि के उनके ठीक ऊपर वाले तत्वों (जैसे Zirconium) की तुलना में लगभग समान हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative properties) और रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला अपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय के कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. क्वथनांक में उन्नयन ($\Delta T_b$) और हिमांक में अवनमन ($\Delta T_f$) दोनों ही molal सांद्रता (मोललता) के सीधे आनुपातिक होते हैं, तथा इनके आनुपातिक स्थिरांक क्रमशः मोलल उन्नयन स्थिरांक ($K_b$) और मोलल अवनमन स्थिरांक ($K_f$) कहलाते हैं, जो केवल विलायक की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।
3. समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्था (phase) समान होती है, जैसे सींबर प्रक्रिया में सल्फर डाइऑक्साइड का सल्फर ट्राइऑक्साइड में ऑक्सीकरण, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न कलाओं में होते हैं।
4. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और प्रभावी होता है, तथा इसकी कार्यप्रणाली 'ताला-चाबी' मॉडल (Lock and key model) या प्रेरित फिट मॉडल पर आधारित होती है, जिसमें सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) का मान उत्प्रेरक की उपस्थिति में बढ़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में पोषण और जैव-रासायनिक उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राइबोफ्लेविन (विटामिन $B_2$) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (FAD) और 'फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड' (FMN) है, जो क्रेब्स चक्र के दौरान सक्सीनेट डीहाइड्रोजनेज एंजाइम को उत्प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. साइनोकोबालामिन (विटामिन $B_{12}$) में कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की पार्श्व कोशिकाओं (Parietal cells) द्वारा स्रावित 'इन्ट्रींसिक फैक्टर' (Intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
3. एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन $C$) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन संश्लेषण के दौरान प्रोलिन और लाइसिन अवशेषों के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए उत्तरदायी प्रो-कोलेजन हाइड्रोक्सिलाइज एंजाइम को अपचयित अवस्था (Reduced state) में बनाए रखता है।
4. विटामिन D (कैल्सीफेरोल) एक जल-विलेय विटामिन है जिसका संश्लेषण सूर्य के पराबैंगनी विकिरणों द्वारा त्वचा में होता है, और यह आंत से कैल्शियम तथा फॉस्फेट के अवशोषण को पूरी तरह से रोकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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