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Geography
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भारत के वन क्षेत्र और प्रमुख वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे बड़ा वनावरण क्षेत्रफल के आधार पर मध्य प्रदेश राज्य में है, जबकि कुल भौगोलिक क्षेत्र के प्रतिशत के रूप में मिजोरम राज्य शीर्ष पर है।
- 2. 'जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान' भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे वर्ष 1936 में 'हैली नेशनल पार्क' के रूप में स्थापित किया गया था और इसी उद्यान से 'प्रोजेक्ट टाइगर' की आधिकारिक शुरुआत हुई थी।
- 3. 'नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान' और 'फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान' दोनों को संयुक्त रूप से यूनेस्को (UNESCO) द्वारा प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया है, जो पश्चिमी हिमालय के जीवमंडल रिजर्व का हिस्सा हैं।
- 4. 'केरल' राज्य में स्थित 'पेरियार वन्यजीव अभ्यारण्य' एक हाथी रिजर्व और बाघ रिजर्व दोनों के रूप में जाना जाता है, जो पेरियार नदी पर बने मुल्लापेरियार बांध के कारण बनी कृत्रिम झील के चारों ओर फैला हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन सही हैं। भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र है तथा प्रतिशत के आधार पर मिजोरम शीर्ष पर है। हैली नेशनल पार्क (अब जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान) भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान था। नंदा देवी और फूलों की घाटी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। पेरियार वन्यजीव अभ्यारण्य अपनी जैव विविधता, हाथियों और बाघों के लिए प्रसिद्ध है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि, जेट स्ट्रीम के प्रभाव और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान, तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना एक प्रबल निम्न वायुदाब क्षेत्र का सृजन करता है, जिससे ऊपरी क्षोभमंडल में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) का विकास होता है और यह प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर मानसूनी हवाओं को तेजी से आकर्षित करती है।
2. भारतीय मानसून के समय 'सोमाली जेट' (Somali Jet), जो एक क्रॉस-इक्वेटोरियल निम्न-स्तरीय जेट धारा है, पूर्वी अफ्रीका के तट के सहारे उत्तर-पूर्व दिशा में बहती हुई अरब सागर से नमीयुक्त हवाओं के प्रवाह को अत्यधिक तीव्र कर देती है।
3. पश्चिमी विक्षوب (Western Disturbances) भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवाती प्रणालियाँ हैं, जो शीतकाल में उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) के प्रभाव से भारत के उत्तर-पश्चिम भागों में वर्षा लाती हैं, और इनका भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा से कोई धनात्मक या प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी दोलन सूचकांक (Southern Oscillation Index - SOI) ताहीती और डार्विन के बीच वायुदाब के अंतर को मापता है, जहाँ एक धनात्मक (Positive) SOI मान आमतौर पर ला नीना (La Niña) की स्थिति को दर्शाता है और भारत में सामान्य या उससे अधिक मानसून वर्षा का संकेत देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के चक्रीय स्वरूप (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Bhoopurpat) में 'ऑक्सीजन' और 'सिलिकॉन' के बाद तीसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'एल्युमिनियम' है, जबकि सम्पूर्ण पृथ्वी के आंतरिक भाग (Core समेत) में सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में 'लोहा' (Iron) पाया जाता है।
2. 'आग्नेय चट्टानें' (Igneous Rocks) प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं क्योंकि मैग्मा या लावा के ठंडे होने से इनका निर्माण होता है, और इनमें जीवाश्म (Fossils) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं क्योंकि ये परतदार रूप में जमती हैं।
3. 'रूपांतरित चट्टानें' (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपनी मूल आग्नेय या अवसादी संरचना को बदल लेती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में परिवर्तन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा को प्रदर्शित करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक परिवर्तन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सुदूर बिंदुओं और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि इसके संपूर्ण देश का सुदूर दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' 6°45' उत्तर अक्षांश पर ग्रेट निकोबार द्वीप में स्थित है।
2. भारतीय मानक याम्योत्तर (82°30' पूर्व) रेखा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है, और यह छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कर्क रेखा (23°30' उत्तर) को समकोण पर काटती है।
3. भारत का देशांतर विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जिसके कारण देश के सबसे पश्चिमी छोर 'गुहारामती' (गुजरात) और सबसे पूर्वी छोर 'किबिथु' (अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 1 घंटा 57 मिनट का अंतराल पाया जाता है।
4. भारत की स्थलीय सीमा उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान व अफगानिस्तान, उत्तर में चीन, पूर्व में नेपाल व भूटान, तथा सुदूर पूर्व में म्यांमार एवं बांग्लादेश के साथ लगती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की विवर्तनिक क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्राथमिक तरंगें' (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम में ही संचरण कर सकती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ 'बंदरगाह लहर' है, और समुद्र के नीचे आने वाले प्रत्येक बड़े भूकंप (भले ही उसका अधिकेंद्र समुद्र तल से बहुत गहराई पर हो) के कारण सुनामी लहरों की उत्पत्ति होना अनिवार्य है।
3. 'स्ट्रोम्बोली तुल्य' (Strombolian) ज्वालामुखी उद्गार को 'भूमध्यमूर्ख का प्रकाशस्तंभ' (Lighthouse of the Mediterranean) कहा जाता है, क्योंकि इसमें नियमित अंतराल पर गैसों के बुलबुले फूटने के साथ तेज विस्फोट और प्रदीप्त लावा का प्रक्षेप होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सुनामी लहरें गहरे समुद्र में अत्यंत कम ऊँचाई (सामान्यतः एक मीटर से भी कम) की होती हैं, किंतु इनकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) बहुत लंबी और वेग अत्यधिक तीव्र होता है, जो तटीय क्षेत्रों में उथले पानी में पहुँचने पर भयंकर रूप धारण कर लेती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) और पृथ्वी के आंतरिक भागों में उनकी गतिशीलता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) स्वभाव की होती हैं, जो ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, किंतु तरल माध्यम से गुजरते समय इनका वेग अत्यधिक बढ़ जाता है।
2. द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से गमन कर सकती हैं और इसी गुण के कारण बाहरी कोर (Outer Core) के तरल होने का पता चला था।
3. सतही तरंगें (Surface Waves), जिनमें रैले तरंगें (Rayleigh Waves) और लव तरंगें (Love Waves) शामिल हैं, सबसे धीमी गति से चलती हैं लेकिन पृथ्वी की सतह पर सबसे अधिक विनाशकारी प्रभाव उत्पन्न करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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