Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला 'गोंडवाना क्रम' का है, जो कुल कोयला भंडार और उत्पादन का लगभग 98% हिस्सा है, और यह मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, गोदावरी और सोन नदी घाटियों में संकेंद्रित है।
- 2. 'लिग्नाइट कोयला', जिसे भूरा कोयला भी कहा जाता है, का देश में सबसे बड़ा निक्षेप तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में पाया जाता है, जबकि जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी इसके छोटे भंडार मौजूद हैं।
- 3. भारत का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक अपतटीय क्षेत्र 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) है, जिसकी खोज वर्ष 1975 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा 'सागर सम्राट' नामक अपतटीय ड्रिलिंग रिग की सहायता से की गई थी।
- 4. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा द्वारा त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसके दूसरे चरण में प्राकृतिक यूरेनियम का सीधे तौर पर उपयोग करके प्लूटोनियम-239 का उत्पादन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत का लगभग 98% कोयला भंडार और कुल उत्पादन गोंडवाना कोयला क्षेत्रों से प्राप्त होता है, जो दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी घाटियों में स्थित हैं। कथन 2 सही है; लिग्नाइट कोयला तृतीयक (Tertiary) युग का कोयला है और भारत में इसका विशालतम भंडार तमिलनाडु के नेवेली में है। कथन 3 सही है, 'बॉम्बे हाई' भारत का सबसे बड़ा अपतटीय तेल क्षेत्र है और इसकी खोज ONGC द्वारा 'सागर सम्राट' रिग की मदद से की गई थी। कथन 4 गलत है क्योंकि त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग होता है, जबकि दूसरे चरण में फास्ट ब्रीड रिएक्टरों (FBR) का उपयोग करके पहले चरण से प्राप्त प्लूटोनियम-239 और थोरियम से प्राप्त यूरेनियम-233 का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत की पर्वत प्रणालियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार…
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जेट स्ट्रीम (Jet Stream) और ऊपरी क्षोभमंडलीय परिसंचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) शीतकाल में हिमालय के उत्तर में प्रवाहित होती है, लेकिन ग्रीष्मकाल आते ही तिब्बती पठार के तापीय प्रभाव के कारण यह हिमालय के दक्षिण में विस्थापित हो जाती है।
2. उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) ग्रीष्मकाल में लगभग 9 से 14 किलोमीटर की ऊँचाई पर अफ्रीका और प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है, जो दक्षिण-पश्चिमी मानसून को स्थायित्व प्रदान करती है।
3. 'रॉसबी तरंगें' (Rossby Waves) पृथ्वी के घूर्णन और कोरिolis बल के प्रभाव से ऊपरी क्षोभमंडल में वायुमंडलीय दाब पेटियों के बड़े पैमाने पर तरंगनुमा विचलन को दर्शाती हैं, जो मौसम प्रणालियों के संचलन को नियंत्रित करती हैं।
4. ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम (Polar Front Jet Stream) ठंडी ध्रुवीय वायु और गर्म मध्य-अक्षांशीय वायु के तापमान प्रवणता के सहारे विकसित होती है, और यह शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Mid-latitude Cyclones) के मार्ग एवं तीव्रता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भूकंपीय प्रक्रियाओं, विवर्तनिक प्लेट सीमाओं और सुनामी की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी तरंगें' गहरे समुद्र में अत्यंत कम तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और उच्च आयाम वाली जल तरंगें होती हैं, जो अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, और उथले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करते ही इनकी गति बढ़ जाती है जबकि तरंग ऊँचाई घट जाती है।
2. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी या अपसारी किनारों पर न होकर, मैन्टल प्लूम (Mantle Plumes) के प्रभाव से प्लेटों के आंतरिक भाग में घटित होती हैं, जिसका एक प्रमुख भूवैज्ञानिक उदाहरण हवाई द्वीप श्रृंखला है।
3. 'एपिकेंटर' (Epicentre) पृथ्वी के आंतरिक भाग में स्थित वह बिंदु होता है जहाँ से भूकंपीय ऊर्जा सबसे पहले मुक्त होती है, जबकि 'हाइपोसेंटर' (Hypocentre) इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित वह पहला स्थान होता है जहाँ भूकंपीय तरंगों का सबसे पहले अनुभव किया जाता है।
4. 'प्रशांत महासागर का अग्नि वलय' (Ring of Fire) दुनिया का सबसे बड़ा भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र है, जहाँ मुख्य रूप से अभिसारी (Convergent) और रूपांतरित (Transform) प्लेट सीमाओं के कारण विश्व के 75% से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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विवर्तनिक प्रक्रियाओं और भूकंप विज्ञान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'रिक्टर पैमाना' (Richter Scale) भूकंप द्वारा मुक्त होने वाली ऊर्जा को मापता है और यह एक लघुगणकीय (Logarithmic) पैमाना है, जिसका अर्थ है कि पैमाने पर प्रत्येक पूर्ण संख्या की वृद्धि ऊर्जा रिलीज में लगभग 32 गुना वृद्धि को दर्शाती है।
2. 'सुनामी तरंगें' महासागरों में अत्यंत लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और उच्च आयाम वाली उथले जल की तरंगें होती हैं, जो गहरे समुद्र में अत्यधिक तीव्र गति से यात्रा करती हैं, लेकिन तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर इनकी गति कम हो जाती है और ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
3. 'शील्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes), हवाई द्वीप समूह के ज्वालामुखियों की तरह, अत्यधिक विस्फोटक और अम्लीय (Silica-rich) लावा के उदगार से बनते हैं, जो ठंडे होकर ऊँचे और शकुआकार पर्वतों का निर्माण करते हैं।
4. 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) प्रशांत महासागर के चारों ओर एक घोड़े की नाल के आकार का क्षेत्र है, जहाँ पृथ्वी के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और बड़े भूकंपीय क्षेत्र अभिसारी तथा रूपांतरित प्लेट सीमाओं के सहारे केंद्रित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अगुलहास जलधारा (Agulhas Current) - हिंद महासागर (गर्म जलधारा)
2. ओखोत्स्क जलधारा (Okhotsk Current) - प्रशांत महासागर (ठंडी जलधारा)
3. इरमिंगर जलधारा (Irminger Current) - अटलांटिक महासागर (गर्म जलधारा)
4. फोकलैंड जलधारा (Falkland Current) - प्रशांत महासागर (गर्म जलधारा)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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