Geography
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
विश्व के महाद्वीप, प्रमुख देशों की राजधानियाँ और उनकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) मूल रूप से ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के मध्य निर्धारित की गई थी, जो वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक सीमा रेखा के रूप में है, और इसी रेखा के समीप 'वाखान कॉरिडोर' (Wakhan Corridor) अवस्थित है।
- 2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) पूर्वी हिमालय क्षेत्र में भारत और चीन के मध्य सीमा निर्धारित करती है, जिसे 1914 के शिमला समझौते के दौरान सर हेनरी मैकमोहन द्वारा 38वें समानांतर रेखा के एक भाग के रूप में खींचा गया था।
- 3. '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच की आधिकारिक सीमा रेखा है, जो कोरियाई प्रायद्वीप को दो राजनीतिक और वैचारिक रूप से भिन्न भागों में विभाजित करती है।
- 4. दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में अवस्थित 'बोलीविया' और 'पराग्वे' दोनों देश स्थल-बद्ध (Landlocked) देश हैं, और इन दोनों देशों की राजधानियाँ क्रमशः ला पास (La Paz) और असुन्सीयन (Asunción) हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि डूरंड रेखा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की सीमा है और वाखान कॉरिडोर इसी क्षेत्र के पास स्थित है। कथन 2 गलत है क्योंकि मैकमोहन रेखा को शिमला समझौते में खींचा गया था, लेकिन यह '38वीं समानांतर रेखा' नहीं है (38वीं समानांतर रेखा कोरियाई प्रायद्वीप से संबंधित है)। कथन 3 सही है क्योंकि 38वीं समानांतर रेखा उत्तर और दक्षिण कोरिया को विभाजित करती है। कथन 4 सही है क्योंकि बोलीविया और पराग्वे दक्षिण अमेरिका के दो प्रमुख स्थल-बद्ध देश हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में…
← पिछला प्रश्न
भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में…
Related Questions
→
भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की संरचना, उदगम और प्रवाह विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालय की अधिकांश नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण किया है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की मुख्य नदियाँ जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी पश्चिम घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर पश्चिम की ओर प्रवाहित होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं।
3. 'कोसी नदी' जो अपनी मार्ग परिवर्तन की प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, एक अनुगामी नदी (Consecutive River) है जो केवल तराई क्षेत्र के ढाल के अनुसार बहती है और इसके उद्गम स्थल पर कोई हिमनद (Glacier) नहीं पाया जाता है।
4. प्रायद्वीपीय नदियाँ अधिकांशतः परिपक्व अवस्था (Mature Stage) में हैं, जिसके कारण इनका ढाल मंद होता है, इनके मार्ग में अपरदन की क्षमता कम होती है और ये अपने मुहाने पर बड़े जलोढ़ शंकु (Alluvial Cones) और विस्तृत डेल्टा बनाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत की पर्वत प्रणालियों, घाटियों और उनकी भूवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण घाटी है जो सिक्किम, भूटान और तिब्बत के त्रिसंधि (Tri-junction) क्षेत्र में स्थित है, और इसे 'तिब्बत का खंजर' (Dagger of Tibet) भी कहा जाता है।
2. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक वृहद समकालीन अंतःपर्वतीय द्रोणी (Intermontane Basin) है, जो पीर पंजाल और मुख्य महान हिमालय (Greater Himalayas) श्रेणियों के मध्य स्थित है, और यहाँ पाए जाने वाले 'करेवा' (Karewa) निक्षेप जाफरान (केसर) की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं।
3. 'स्पीति घाटी' (Spiti Valley) हिमाचल प्रदेश में वृहद हिमालय और जांस्कर श्रेणियों के बीच स्थित एक ठंडी मरुस्थलीय घाटी है, जिससे होकर 'स्पीति नदी' प्रवाहित होती है और यहाँ विश्व का सबसे ऊँचा मतपेटी केंद्र 'हिक्किम' अवस्थित है।
4. 'निसार घाटी' या 'न्युम्ब्रा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित है, जो सियाचिन ग्लेशियर से पिघलकर आने वाली श्योक नदी द्वारा निर्मित है और यह क्षेत्र दो कूबड़ वाले ऊँटों के लिए जाना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत ढाल बहुत मंद होती है और यह क्षेत्र मछली पकड़ने के प्रमुख मैदान (जैसे 'ग्रैंड बैंक') के रूप में विकसित होता है क्योंकि यहाँ सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में पहुँचता है।
2. 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) की उत्पत्ति तब होती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जो कि पूर्णिमा और अमावस्या दोनों दिनों को घटित होता है, जिससे इस दौरान ज्वार की ऊँचाई सामान्य से अधिकतम होती है।
3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के मध्य स्थित है, जो प्रशांत महासागर को अंध महासागर से जोड़ती है और यह विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है।
4. 'फंड्डी की खाड़ी' (Bay of Fundy), जो उत्तरी अमेरिका में कनाडा के तट पर स्थित है, दुनिया में सबसे ऊँचे ज्वार-भाटे अनुभव करने के लिए प्रसिद्ध है, जिसका मुख्य कारण बेसिन की विशिष्ट अनुनाद (Resonance) और आकृति संबंधी विशेषताएँ हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत में सिंचाई प्रणालियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत 'नलकूप और अन्य कुएँ' (Tubewells and Wells) हैं, जिनके माध्यम से देश के कुल सिंचित क्षेत्र का लगभग 60% भाग सिंचित होता है, और इसमें उत्तर प्रदेश का स्थान प्रथम है।
2. 'सिंचाई की ड्रिप पद्धति' (Drip Irrigation) सूक्ष्म सिंचाई का एक अत्यधिक कुशल रूप है, जो न केवल वाष्पीकरण और रिसाव के माध्यम से होने वाले जल की हानि को न्यूनतम करती है, बल्कि मृदा लवणता (Soil Salinity) और खरपतवार की वृद्धि को भी नियंत्रित करने में सहायक है।
3. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके सफल विकास के लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक), प्रचुर मात्रा में आर्द्रता और लगभग 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है, लेकिन इसे तीव्र जल निकासी वाली अत्यधिक शुष्क मृदा में उगाया जाता है।
4. 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' (Soil Health Card Scheme) का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी खेतों की मिट्टी की पोषक तत्वों की स्थिति के आधार पर उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग की सिफारिश करना है ताकि दीर्घकालिक उत्पादकता बनी रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
→
पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.