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Geography
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भारत की पर्वत प्रणालियों, उनकी संरचनात्मक विशेषताओं और प्रमुख घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'लद्दाख श्रेणी' (Ladakh Range) ट्रांस-हिमालय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो ज़ांस्कर श्रेणी के उत्तर में और काराकोरम श्रेणी के दक्षिण में सिंधु नदी के समानांतर फैली हुई है।
  2. 2. 'धौलाधार श्रेणी' (Dhauladhar Range) लघु हिमालय (Lesser Himalayas) का एक प्रमुख भाग है, जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में स्थित है और इसके दक्षिणी ढलानों पर प्रसिद्ध पर्यटक स्थल 'शिमला' स्थित है, जबकि शिमला स्वयं धौलाधार पर न होकर एक अन्य रिज पर है, परंतु कुल्लू घाटी इसी श्रेणी के उत्तर में स्थित है।
  3. 3. 'न्युम्ब्रा घाटी' (Nubra Valley) काराकोरम और लद्दाख श्रेणियों के मध्य प्रवाहित होने वाली श्योक नदी की सहायक नदियों द्वारा निर्मित एक उच्च-तुंगता वाली ठंडी मरुस्थलीय घाटी है, जिसे सियाचिन ग्लेशियर का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।
  4. 4. 'पालघाट दर्रा' (Palghat Gap) पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रमुख विखंडन या गैप है, जो नीलगिरी पहाड़ियों को अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों से अलग करता है और केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 सही हैं, जबकि कथन 2 में शिमला की भौगोलिक अवस्थिति के संबंध में आंशिक त्रुटि है (शिमला मुख्य रूप से नागटिब्बा या मध्य हिमालयी शिवालिक/लघु हिमालय की बाहरी श्रृंखलाओं के अंतर्गत पीर पंजाल या उससे जुड़ी अन्य श्रेणियों के संपर्क क्षेत्र में आता है, हालांकि धौलाधार के उत्तर में कुल्लू घाटी स्थित है)। ट्रांस-हिमालयी प्रणाली में लद्दाख श्रेणी काराकोरम और ज़ांस्कर के मध्य स्थित है। न्युम्ब्रा घाटी सियाचिन ग्लेशियर के समीप विकिपीडिया संदर्भ क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण भू-आकृतिक संरचना है। पालघाट दर्रा प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख पर्वतमाला पश्चिमी घाट का एक प्रमुख दर्रा है।
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