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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना और भंडार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत का अधिकांश कोयला भंडार 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से संबंधित है, जिसमें उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला पाया जाता है, और इसका सबसे बड़ा हिस्सा दामोदर घाटी बेसिन (झारखंड और पश्चिम बंगाल) में संकेंद्रित है।
  2. 2. 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) क्षेत्र, जो अरब सागर में भारत के पश्चिमी तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है, टर्शरी युग की अवसादी चट्टानों (Tertiary Sedimentary Rocks) में स्थित एक प्रमुख अपतटीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस उत्पादक क्षेत्र है।
  3. 3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जिसके विशाल और विश्व-प्रसिद्ध भंडार केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ ओडिशा के बालू तटों पर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  4. 4. यूडेलियम (Uranium) के प्रमुख भंडारों के रूप में झारखंड का 'जादुगुड़ा' खान प्रसिद्ध है, जो धारवाड़ क्रम की कायांतरित चट्टानों में स्थित है, जबकि हाल ही में खोजा गया 'तुमलापल्ले' भंडार आंध्र प्रदेश के कड़प्पा बेसिन में डोलोमाइट और चूना पत्थर की परतों में स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए चारों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। भारत में ऊर्जा का मुख्य आधार गोंडवाना कोयला है जो दामोदर, महानदी और गोदावरी घाटियों में पाया जाता है। टर्शरी कालीन पेट्रोलियम भंडारों में बॉम्बे हाई का महत्वपूर्ण स्थान है। इसके अतिरिक्त, केरल तट के मोनाज़ाइट में थोरियम प्रचुर मात्रा में है और जादुगुड़ा तथा तुमलापल्ले यूरेनियम खनन के प्रमुख केंद्र हैं। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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