त्वरित लिंक्स
Geography
9 views
जेट स्ट्रीम (Jet Streams), वायुमंडलीय परिसंचरण और चक्रवातों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम' (Polar Front Jet Stream) का निर्माण अत्यधिक ठंडी ध्रुवीय हवाओं और गर्म उष्णकटिबंधीय हवाओं के मिलने से बने वाताग्र (Front) के ऊपर क्षोभसीमा के पास होता है, जो मध्य अक्षांशों में मौसम प्रणालियों और चक्रवातों के मार्ग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- 2. 'रॉस्बी तरंगें' (Rossby Waves) ऊपरी क्षोभमंडल में बहने वाली लंबी और घुमावदार तरंगें हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस बल) के प्रभाव से उत्पन्न होती हैं और वैश्विक स्तर पर मौसम के मिजाज, दाब पेटियों के विस्थापन तथा जेट स्ट्रीम के विन्यासों के लिए उत्तरदायी होती हैं।
- 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 20°C होना आवश्यक है, और इनकी उत्पत्ति के लिए कोरिऑलिस बल का शून्य होना (अर्थात विषुवत रेखा पर) सबसे अनुकूल दशा प्रदान करता है।
- 4. 'फ्यूजीहारा प्रभाव' (Fujiwara Effect) तब देखा जाता है जब दो उष्णकटिबंधीय चक्रवात एक-दूसरे के अत्यधिक समीप आते हैं और वे एक साझा केंद्र के चारों ओर चक्कर लगाने लगते हैं या अंततः एक-दूसरे में विलीन हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम का निर्माण ठंडी ध्रुवीय वायुराशियों और गर्म उष्णकटिबंधीय वायुराशियों के मिलने से बने वाताग्र के ऊपर होता है और यह मध्य अक्षांशों के मौसम को प्रभावित करती है। कथन 2 सही है क्योंकि रॉस्बी तरंगें क्षोभमंडल में बहने वाली बड़ी तरंगें हैं जो कोरिऑलिस प्रभाव के कारण बनती हैं और वैश्विक मौसम प्रणालियों का निर्धारण करती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 26°-27°C होना आवश्यक है, और विषुवत रेखा पर कोरिऑलिस बल शून्य होने के कारण वहाँ चक्रवात उत्पन्न नहीं होते हैं। कथन 4 सही है क्योंकि फ्यूजीहारा प्रभाव दो समीपवर्ती चक्रवातों के बीच की अन्योन्य क्रिया को दर्शाता है। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
→
वायुमंडल की विभिन्न परतों, तापमान की व्युत्क्रमणता (Temperature Inversion) और वायुदाब पेटियों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C की दर से गिरावट आती है, जबकि इसके ठीक ऊपर स्थित समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है।
2. 'तापमान की व्युत्क्रमणता' (Temperature Inversion) की स्थिति में ऊँचाई के साथ तापमान घटने के बजाय बढ़ने लगता है, जो लंबी शीत रातों, साफ आसमान, शांत हवाओं और शुष्क वायु की दशाओं में धरातलीय स्तर पर सर्वाधिक अनुकूल रूप से विकसित होती है।
3. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः तेजी से गिरने लगता है और इसके ऊपरी सीमा (मध्यसीमा) पर तापमान लगभग -100°C तक पहुँच जाता है।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) का निर्माण पूर्णतः 'तापीय रूप से प्रेरित' (Thermally Induced) होता है, जहाँ वर्षभर अत्यधिक सूर्यताप के कारण गर्म हवाएँ ऊपर उठती हैं और धरातल पर उच्च दाब का सृजन करती हैं, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत में ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भू-तापीय और अपारंपरिक विशेषताओं तथा परमाणु ऊर्जा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में लिग्नाइट कोयला (Lignite Coal) के सबसे बड़े भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में पाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त इसके कुछ निक्षेप राजस्थान के पालाना, गुजरात के कच्छ और जम्मू-कश्मीर के करेवा क्षेत्रों में भी मिलते हैं।
2. देश का पहला प्रायोगिक भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र (Geothermal Power Plant) लद्दाख के पुगा घाटी (Puga Valley) क्षेत्र में स्थापित किया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से गर्म पानी के झरने और वाष्प के भंडार उपलब्ध हैं।
3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में 'तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम' (Three-stage Nuclear Power Programme) की परिकल्पना डॉ. होमी जहांगीर भाभा द्वारा की गई थी, जिसके दूसरे चरण में प्राकृतिक यूरेनियम और प्लूटोनियम-239 ईंधन का उपयोग करके फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों (FBR) के संचालन का प्रावधान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार केरल के समुद्रतटीय बालू में भारी मात्रा में पाए जाने वाले 'मोनाजाइट' (Monazite) अयस्क से थोरियम प्राप्त होता है, जिसका उपयोग भारतीय परमाणु कार्यक्रम के तीसरे चरण में विखंडनीय ईंधन (Uranium-233) के रूप में किया जाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा उनसे जुड़े मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चांग ला दर्रा (Chang La) - लद्दाख श्रेणी में स्थित यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत के अक्साई चीन क्षेत्र से जोड़ता है और यह दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दरों में से एक है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - जास्कर श्रेणी में स्थित यह दर्रा मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और इससे चंद्रा तथा भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. लिपुलेख दर्रा (Lipulekh Pass) - उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित यह दर्रा भारत को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश पर्वत यात्रा के लिए जोड़ता है और यह भारत, नेपाल तथा चीन की त्रिसंधि पर स्थित है।
4. पांग्सू दर्रा (Pangsau Pass) - अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर पटकाई बम पहाड़ियों में स्थित यह दर्रा ऐतिहासिक 'स्टीडवेल रोड' पर पड़ता है जो भारत को म्यांमार से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय शिखरों, पर्वत श्रेणियों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'नंदकोट' और 'कामेत' पर्वत शिखर महान हिमालय (Greater Himalayas) श्रेणी के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में स्थित हैं, जबकि 'नंदा देवी' इस क्षेत्र का सर्वोच्च पर्वत शिखर है।
2. 'गारो, खासी और जयंतिया' पहाड़ियाँ पूर्वोत्तर भारत में मेघालय पठार का हिस्सा हैं, जो वास्तव में प्रायद्वीपीय पठार का ही एक बहिर्विस्तार (Extension) हैं और यहाँ राजमहल-गारो गैप द्वारा ये अलग होती हैं।
3. 'अनामुडी' (Anamudi) दक्षिण भारत और पश्चिमी घाट का सर्वोच्च पर्वत शिखर है, जो अन्नामलाई पहाड़ियों पर स्थित है और इसकी ऊँचाई लगभग 2,695 मीटर है।
4. 'धौलाधार श्रेणी' लघु हिमालय (Lesser Himalayas) का हिस्सा है जो मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में फैली हुई है, और इसके दक्षिण में कश्मीर घाटी स्थित है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) — जांस्कर श्रेणी (Zanskar Range) — श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) — महान हिमालय श्रेणी (Great Himalayas) — मनाली को लेह से जोड़ता है।
3. लिपुलेख दर्रा (Lipulekh Pass) — कुमाऊं हिमालय (Kumaon Himalayas) — भारत, नेपाल और चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) पर स्थित है।
4. बोमडिला दर्रा (Bomdila Pass) — अरुणाचल प्रदेश — तवांग को तिब्बत से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.