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अग्नि-मेखला (Ring of Fire) और हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) और सबडक्शन जोन का परिणाम है, जहाँ कैल्के-अल्कालाइन (Calco-alkaline) मैग्मा के उद्गार के कारण अत्यधिक विस्फोटक और विनाशकारी स्ट्रॉम्बेलीन या वल्केनियन प्रकार के ज्वालामुखी पाए जाते हैं।
- 2. 'हॉटस्पॉट' ज्वालामुखी गतिविधि प्लेट सीमाओं से स्वतंत्र होती है, जो प्रचुर मात्रा में बेसाल्टिक मैग्मा के ऊपर उठने से निर्मित होती है, और इसका उत्कृष्ट उदाहरण हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) हैं जो प्रशांत प्लेट के उत्तर-पश्चिम दिशा में विस्थापन के कारण एक सीधी रेखा में आयु के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित हैं।
- 3. 'शील्ड ज्वालामुखी' (Shield Volcanoes) अत्यधिक विस्रारी (Effusive) उद्गार के कारण बनते हैं, जिनमें सिलिका की मात्रा बहुत कम और बेसाल्ट की अधिकता होती है, जिससे लावा दूर तक फैलता है और इनका ढलान बहुत मंद (Gentle) होता है, जैसे मोना लोआ (Mauna Loa)।
- 4. 'कोडेरा' (Caldera) का निर्माण किसी ज्वालामुखी के शांत होने के बाद उसके मुख के अपरदन से होता है, जो क्रेटर की तुलना में आकार में छोटा और कम गहरा होता है, तथा इसका संबंध केवल विस्फोटक अम्लीय मैग्मा से ही होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि प्रशांत महासागर की 'अग्नि वलय' (Ring of Fire) अभिसारी प्लेट सीमाओं और सबडक्शन ज़ोन से जुड़ी है, जहाँ जल-युक्त सबडक्टेड पपड़ी के पिघलने से कैल्के-अल्कालाइन मैग्मा बनता है जो अत्यधिक विस्फोटक होता है। कथन 2 सही है क्योंकि हॉटस्पॉट विवर्तनिक प्लेट सीमाओं के भीतर स्थित स्थिर ऊष्मा स्रोत होते हैं, और हवाई द्वीप इसका एक क्लासिक उदाहरण हैं। कथन 3 सही है क्योंकि शील्ड ज्वालामुखी कम सिलिका वाले बेसाल्टिक लावा के शांत और विस्रारी उद्गार से बनते हैं, जिससे उनका ढलान मंद होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि 'काल्डेरा' (Caldera) का निर्माण क्रेटर के अपरदन से नहीं, बल्कि अत्यधिक विस्फोटक उद्गार के बाद मैग्मा चैंबर के खाली होने से स्वयं ज्वालामुखी के शीर्ष के धंसने (Collapse) या बड़े पैमाने पर हुए विस्फोट से होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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हिंद महासागर के नाम पर किस देश का नाम रखा गया है?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भू-गर्भीय आयु एवं भंडारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल भंडारों और उत्पादन का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से प्राप्त होता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, जबकि टर्शरी युगीन कोयला मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय) में पाया जाता है।
2. भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मुख्य रूप से टर्शरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानों में पाए जाते हैं, जिसमें 'बॉम्बे हाई' देश का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) तेल क्षेत्र है, और कृष्णा-गोदबारी बेसिन (KG Basin) प्राकृतिक गैस के अपार भंडारों के लिए जाना जाता है।
3. भारत में यूरेनियम का सबसे पुराना और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र झारखंड का 'सिंहभूम खनिजीय पट्टी' (जादुगुड़ा) है, इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ली और तेलंगाना के लम्बapur-Peddagattu क्षेत्र में भी यूरेनियम के महत्वपूर्ण भंडारों की खोज की गई है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में एंथ्रेसाइट (Anthracite) कोटि के कोयले का विशाल भंडार जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में बड़े पैमाने पर पाया जाता है, जिससे देश को कोकिंग कोयले के आयात की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा निष्कर्षण क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'झरिया कोयला क्षेत्र' (Jharia Coalfield) झारखंड राज्य में दामोदर घाटी बेसिन के अंतर्गत स्थित है और यह भारत का प्रमुख 'कोकिंग कोल' (Coking Coal) का भंडार है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से इस्पात उद्योग में किया जाता है।
2. 'मुंबई हाई' (Mumbai High) अपतटीय क्षेत्र जो कि खंभात की खाड़ी के दक्षिण में अरब सागर में स्थित है, भारत का सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पादक क्षेत्र है, जहाँ तेल का निष्कर्षण मुख्य रूप से 'मिशेलिन' और 'ऑस्कर' जैसी संरचनाओं से किया जाता है।
3. 'जादुगड़ा' (Jaduguda) झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित एक प्रसिद्ध खनन क्षेत्र है, जो देश में यूरेनियम के उत्खनन के लिए जाना जाता है और यह धारवाड़ क्रम की चट्टानों से संबंधित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में गोंडवाना क्रम का कोयला मुख्य रूप से देश के पूर्वी और मध्य भागों (विशेषकर दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी घाटियों) में पाया जाता है, जो भारत के कुल कोयला भंडार का लगभग 98% हिस्सा रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत में सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) और आधुनिक कृषि पद्धतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के अंतर्गत 'हर खेत को पानी' घटक का मुख्य उद्देश्य भू-जल दोहन को बढ़ावा देना और पारंपरिक सतही प्रवाह सिंचाई विधियों का विस्तार करना है, जिससे बाढ़ सिंचाई की दक्षता में सुधार हो सके।
2. 'टपक सिंचाई' (Drip Irrigation) प्रणाली पौधों की जड़ों तक सीधे पानी और पोषक तत्वों की बूंद-बूंद आपूर्ति करती है, जिससे वाष्पीकरण और रिसाव द्वारा जल की हानि न्यूनतम होती है तथा पारंपरिक बाढ़ सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
3. 'सिस्टम ऑफ राइस इंटेंसिफ़िकेशन' (SRI) पद्धति धान की खेती की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें कम पानी का उपयोग करते हुए छोटे पौधों की एकल रोपाई, व्यापक अंतराल और मृदा में वायु संचार (Aeration) को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, जिससे इसके उत्पादन में वृद्धि और जल की खपत में कमी आती है।
4. भारत में 'सूक्ष्म सिंचाई कोष' (Micro Irrigation Fund) की स्थापना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के अंतर्गत की गई है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य राज्यों को सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार हेतु रियादती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज संसाधनों, उनके भौगोलिक वितरण तथा ऊर्जा भंडारों (कोयला, पेट्रोलियम और परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पाए जाने वाले कुल कोयला भंडारों का लगभग 98% हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' के कोयले का है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है, जबकि उच्च गुणवत्ता वाला 'एन्थरासाइट' कोयला मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के रियासी क्षेत्र में सीमित मात्रा में पाया जाता है।
2. भारत के अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्रों में मुंबई हाई के पश्चात कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin) और असम बेसिन देश के प्रमुख हाइड्रोकार्बन उत्पादक क्षेत्र हैं, जहाँ टर्शरी और मेसोज़ोइक युगीन तलछटी चट्टानों में तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मिलते हैं।
3. भारत में परमाणु ऊर्जा के लिए आवश्यक 'थोरियम' के वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े भंडार केरल के तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) में पाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त झारखंड और राजस्थान के पेग्माटाइट निक्षेपों में भी यूरेनियम के बड़े भंडार स्थित हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का अधिकांश पेट्रोलियम उत्पादन टर्शरी युग की अपतटीय और तटीय तलछटी द्रोणियों से होता है, जिसमें केजी बेसिन (KG Basin) का दीवाली-अन्वेषण क्षेत्र प्राकृतिक गैस के अपार भंडारों के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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