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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता कम होती है और यह क्षेत्र विश्व भर में सबसे अधिक समृद्ध मत्स्य क्षेत्रों के रूप में जाने जाते हैं।
- 2. 'सिजगी' (Syzygy) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं, और इस दौरान लघु ज्वार (Neap Tide) की उत्पत्ति होती है, जिसमें ज्वार की ऊँचाई न्यूनतम होती है।
- 3. मलक्का जलसंधि (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप के बीच स्थित है, जो अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है।
- 4. महासागरीय गर्त (Oceanic Trenches) सामान्यतः विवर्तनिक प्लेटों के अपसारी किनारों (Divergent Plate Boundaries) के सहारे स्थित होते हैं, जो महासागरों के सबसे गहरे भाग होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का उथला और विस्तारित भाग होता है, जहाँ सूर्य का प्रकाश तल तक पहुँचता है, जिससे यहाँ प्लवक (Plankton) पनपते हैं और ये विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्र होते हैं। कथन 2 गलत है: सिजगी (Syzygy) की स्थिति में जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं (पूर्णिमा और अमावस्या को), तब 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) की उत्पत्ति होती है, न कि लघु ज्वार की। लघु ज्वार प्रथम और तृतीय चतुर्थांश में चंद्रमा और सूर्य के समकोण पर होने पर आता है। कथन 3 सही है: मलक्का जलसंधि सुमात्रा और मलय प्रायद्वीप के मध्य स्थित है जो हिंद महासागर को प्रशांत महासागर (अंडमान सागर से दक्षिण चीन सागर) से जोड़ती है। कथन 4 गलत है: महासागरीय गर्त (Trenches) अभिसारी प्लेट किनारों (Convergent Plate Boundaries) के सहारे सबडक्शन जोन में बनते हैं, न कि अपसारी किनारों पर।
Related Questions
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण तथा उनकी भूगर्भिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल भंडार और उत्पादन दोनों की दृष्टि से 'झरिया' और 'रानीगंज' क्षेत्र दामोदर घाटी बेसिन के अंतर्गत आते हैं, जहाँ मुख्य रूप से उच्च कोटि का कोकिंग कोयला पाया जाता है जो धातुओं के प्रगलन (Smelting) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
2. देश में टर्शरी युगीन कोयला भंडार मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड में पाए जाते हैं, जिनमें सल्फर की मात्रा अधिक और कार्बन की मात्रा गोंडवाना कोयले की तुलना में कम होती है।
3. कृष्णा-गोवर्धा और कावेरी बेसिन के अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों में हाल ही में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों की खोज की गई है, जिन्हें 'KG बेसिन' के नाम से जाना जाता है और यह मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन गया है।
4. भारत में परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए आवश्यक 'इलमेनाइट' और 'रुटाइल' जैसे खनिज भी मोनाज़ाइट बालू के साथ तटीय क्षेत्रों की रेत में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनका उपयोग टाइटेनियम धातु के निष्कर्षण में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह पैटर्न के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या वर्षा-आधारित होती हैं जिनका प्रवाह ग्रीष्मकाल में काफी कम या समाप्त हो जाता है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ अपने विकास के परिपक्व चरण (Mature stage) में हैं और इन्होंने अपनी घाटियों में आधार तल (Base level) को लगभग प्राप्त कर लिया है, जिसके परिणामस्वरूप ये अपने निचले हिस्सों में अत्यधिक विसर्जन (Meandering) करती हैं और बड़े डेल्टाओं का निर्माण करती हैं।
3. 'कोसी नदी' को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो अपना मार्ग बदलने के लिए कुख्यात है और यह नेपाल से निकलकर गंगा नदी में मिलने से पहले एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
4. प्रायद्वीपीय नदियों में 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ अपवाद स्वरूप पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं और डेल्टा बनाने के बजाय अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं, जो भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनके खनिज संगठन और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मिट्टी (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरित (Diffusion) होने के कारण होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह मिट्टी पीले रंग में परिवर्तित हो जाती है।
2. काली मिट्टी (Black Soil), जिसे 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, का निर्माण दक्कन ट्रैप क्षेत्र में बेसिक लावा के अपक्षय से हुआ है, और इस मिट्टी में 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी और फूल जाती है, तथा सूखने पर इसमें गहरी चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
3. लैटेराइट मिट्टी (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया का परिणाम है, जिसके कारण सिलिका का अधिकांश भाग बह जाता है और इस मिट्टी में आयरन व एल्यूमीनियम के ऑक्साइड प्रचुर मात्रा में बच जाते हैं, जो काजू और कॉफी की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
4. क्षारीय और लवणीय मिट्टी (Alkaline and Saline Soils), जिसे 'रेह' या 'कल्लर' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों तथा उन सिंचित नहरों के आसपास विकसित होती है जहाँ जल निकास (Drainage) की उचित व्यवस्था नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों को शामिल किया जाता है, जो पारंपरिक बाढ़ सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को नियंत्रित करने में सहायक हैं।
2. भारत में कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) का निर्धारण राष्ट्रीय नीति आयोग (पूर्व में योजना आयोग) द्वारा मुख्य रूप से वर्षा, तापमान, मृदा प्रकार और स्थलाकृति जैसी भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर किया गया है, जिसके अंतर्गत देश को कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
3. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक बाढ़ सिंचाई पद्धति की तुलना में अधिक पानी की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों की जड़ों में निरंतर जल भराव बनाए रखना अनिवार्य होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल (Paddy) की कृषि के अंतर्गत आता है, और इसके उत्पादन में पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी राज्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूकंपीय असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) ऊपरी भूपर्पटी (Upper Crust) और निचली भूपर्पटी (Lower Crust) के बीच स्थित होती है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और बाह्य क्रोड को एक-दूसरे से अलग करती है।
2. आग्नेय चट्टानों के विपरीत, 'रूपांतरित चट्टानें' (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन के कारण बनती हैं, और संगमरमर (Marble) इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो चूना पत्थर के कायांतरण से बनता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक परतों में गहराई की ओर जाने पर तापमान में वृद्धि की दर एकसमान रहती है, और क्रोड (Core) में अत्यधिक उच्च तापमान होने के बावजूद यहाँ का आंतरिक भाग उच्च दबाव के कारण पूरी तरह से गैसीय अवस्था में पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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