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General Science
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कोशिका विभाजन में मयोसिस का क्या मुख्य उद्देश्य है?

Detailed Explanation

मयोसिस जनन कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी करने हेतु होता है।
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नाभिकीय भौतिकी और कण त्वरकों (Particle Accelerators) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'साइक्लोट्रॉन' (Cyclotron) एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग आवेशित कणों जैसे प्रोटॉन और ड्यूट्रॉन को उच्च गति तक त्वरित करने के लिए किया जाता है, जिसमें चुंबकीय क्षेत्र कणों को वृत्ताकार मार्ग पर घुमाता है और एक परिवर्ती विद्युत क्षेत्र कणों को प्रत्येक चक्कर में ऊर्जा प्रदान करता है। 2. 'आइंस्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता सिद्धांत' ($E=mc^2$) के अनुसार, जब किसी भारी परमाणु के नाभिक का विखंडन या हल्के नाभिकों का संलयन होता है, तो द्रव्यमान में होने वाली सूक्ष्म क्षति (Mass defect) ही अपार ऊर्जा के रूप में मुक्त होती है। 3. नाभिकीय रिएक्टरों में 'नियंत्रक छड़ें' (Control rods) के रूप में कैडमियम या बोरॉन का उपयोग किया जाता है, जो श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए विखंडन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त प्रोटॉनों का पूर्णतः अवशोषण करती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? यूकैरियोटिक कोशिका चक्र (Cell Cycle) और कोशिका विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोशिका चक्र की 'अंतरावस्था' (Interphase) के दौरान 'संश्लेषण चरण' (S Phase) में डीएनए का प्रतिकृति (Replication) होता है, और यदि द्विगुणन के दौरान डीएनए में कोई क्षति या त्रुटि रह जाती है, तो कोशिका 'G2 चरण' में प्रवेश करने से पूर्व ही चक्र को रोकने के लिए 'G2/M चेकपॉइंट' का उपयोग करती है। 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र अपने अधिकतम संघनन (Condensation) स्तर पर पहुँच जाते हैं और कोशिका के भूमध्यीय तल (Equatorial plate) पर व्यवस्थित होते हैं, जहाँ 'स्पिंडल फाइबर' काइनेटोकोर से जुड़ते हैं। 3. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के 'पैकीटीन' (Pachytene) उप-चरण में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहते हैं, और यह प्रक्रिया 'सिक्टोनेमा' (Synaptonemal) कॉम्प्लेक्स के विघटन के बिना ही संपन्न हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? ध्वनि वेग? आवर्त सारणी में बाएं से दाएं परमाणु त्रिज्या? चुम्बकत्व और विद्युत चुंबकीय प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति ($X$) का मान ताप पर निर्भर करता है; क्यूरी-वाइस नियम के अनुसार, अनुचुम्बकीय (Paramagnetic) पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति निरपेक्ष ताप के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते तापमान क्यूरी ताप से अधिक हो। 2. प्रतिचुम्बकीय (Diamagnetic) पदार्थों में चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान ऋणात्मक और ताप पर लगभग स्वतंत्र होता है, और जब इन्हें बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो ये क्षेत्र के विपरीत दिशा में दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं। 3. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिमाण उस कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के व्युत्क्रमानुपाती होता है। 4. भंवर धाराएँ (Eddy currents) किसी चालक के भीतर तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग चुम्बकीय ब्रेकिंग (Magnetic braking) तथा प्रेरण भट्टी (Induction furnace) जैसी तकनीकों में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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