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General Science
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कोशिका क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इकाई।
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले विशिष्ट एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के आधार पर रक्त वर्गों का निर्धारण होता है, जबकि प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) अनुपस्थित होते हैं।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Phenotype / $h/h$) एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह है, जिसमें व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' का पूर्णतः अभाव होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (जैसे A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त करने पर गंभीर आधान प्रतिक्रिया (Transfusion reaction) का सामना कर सकते हैं।
3. Rh कारक (Rh Factor) एक अन्य महत्वपूर्ण एरिथ्रोसाइट एंटीजन है; यदि Rh-धनात्मक (Rh+) रक्त को किसी Rh-ऋणात्मक (Rh-) व्यक्ति में पहली बार चढ़ाया जाए, तो प्राप्तकर्ता के शरीर में Rh एंटीबॉडी का निर्माण होता है, जिससे तुरंत गंभीर हीमोलिटिक आधान प्रतिक्रिया होती है।
4. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-ऋणात्मक माता और एक Rh-धनात्मक पिता से उत्पन्न होने वाला दूसरा या उसके बाद का गर्भ Rh-धनात्मक होता है, और इसके निवारण के लिए प्रसव के तुरंत बाद माता को एंटी-D इम्युनोग्लोबुलिन (Rh0(D) immune globulin) दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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चंद्रमा?
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार तथा लवणों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनिक यौगिकों में धनायन के आकार में वृद्धि और ऋणायन के आकार में कमी होने पर फजान के नियमों के अनुसार सहसंयोजक लक्षण (Covalent character) में वृद्धि होती है।
2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज होते हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण (Electron-pair acceptors) करने की क्षमता रखते हैं, जिनमें सभी इलेक्ट्रॉन-न्यून अणु जैसे $BF_3$ और धातु धनायन शामिल हैं।
3. जब एक दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट, $CH_3COONa$) का जल-अपघटन किया जाता है, तो जलीय विलयन ऋणात्मक आयनों के जल-अपघटन के कारण क्षारीय प्रकृति का हो जाता है।
4. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी संकल्पना के अनुसार, जल एक उभयधर्मी (Amphoteric) यौगिक की भाँति व्यवहार करता है, जो अम्ल और क्षार दोनों रूप में कार्य कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ऊष्मागतिकी का कौन सा नियम एंट्रॉपी की अवधारणा देता है?
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प्रकाश संश्लेषण कहाँ?
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