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Geography
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भारत में ऊर्जा खनिजों, कोयला भंडारों और परमाणु ऊर्जा से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में टर्शरी कोयला (Tertiary Coal) के प्रमुख भंडार मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पाए जाते हैं, और इन कोयलों में गंधक (Sulphur) की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
  2. 2. देश में लिग्नाइट (Brown Coal) का सबसे बड़ा भंडार तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में स्थित है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर तापीय विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है।
  3. 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में उपयोग किए जाने वाले 'प्रेशरयुक्त भारी पानी रिएक्टर' (PHWR) प्राकृतिक यूरेनियम को ईंधन के रूप में उपयोग करते हैं और मंदक (Moderator) तथा शीतक (Coolant) दोनों के रूप में भारी पानी का उपयोग करते हैं।
  4. 4. देश में यूरेनियम के प्रमाणित भंडार केवल झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र और आंध्र प्रदेश के तुमलापल्ले क्षेत्र तक सीमित हैं, और भारत के किसी भी अन्य राज्य में यूरेनियम अयस्क के भंडार नहीं खोजे गए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। भारत में टर्शरी कोयला मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में मिलता है और इसमें उच्च गंधक (सल्फर) होता है। तमिलनाडु का नेवेली क्षेत्र भारत में लिग्नाइट कोयले के उत्पादन के लिए सबसे प्रसिद्ध है। भारत के PHWR रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग ईंधन के रूप में करते हैं और भारी पानी (Deuterium Oxide) का उपयोग मंदक और शीतक दोनों रूपों में करते हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि यूरेनियम के भंडार केवल झारखंड और आंध्र प्रदेश तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि मेघालय (जैसे डोमासियात), राजस्थान (रोहिल) और कर्नाटक जैसे अन्य राज्यों में भी यूरेनियम के महत्वपूर्ण भंडार खोजे गए हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए परमाणु खनिजों के सतत विकास पर कार्य कर रहा है।
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