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Geography
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विश्व की प्रमुख नदियाँ और उनके तट पर बसे प्रमुख नगरों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्यूनस आयर्स (Buenos Aires) - पराना नदी (Paraná River)
- 2. रोम (Rome) - टाइबर नदी (Tiber River)
- 3. पेरिस (Paris) - सीन नदी (Seine River)
- 4.
खारतूम (Khartoum) - श्वेत नील और नीली नील का संगम उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं। ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना की राजधानी है जो पराना नदी के मुहाना क्षेत्र (ला प्लाटा एश्चुअरी) के पास स्थित है; इटली की राजधानी रोम टाइबर नदी के किनारे बसी है; फ्रांस की राजधानी पेरिस विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सीन नदी के तट पर स्थित है; और सूडान की राजधानी खारतूम वह ऐतिहासिक नगर है जहाँ श्वेत नील और नीली नील नदियाँ आपस मिलती हैं।
Related Questions
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) - यह जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका नियंत्रण सीमा सड़क संगठन (BRO) के पास है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) - यह पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जो मनाली को लेह से जोड़ता है और यहाँ से भागा तथा चंद्र नदियाँ निकलती हैं।
3. नीति दर्रा (Niti Pass) - यह उत्तराखंड में कुमाऊँ क्षेत्र को तिब्बत के त्ज़ांगरी से जोड़ता है और मानसरोवर यात्रा के लिए एक प्रमुख मार्ग है।
4. बोमडिला दर्रा (Bomdi La) - यह अरुणाचल प्रदेश में स्थित है, जो तवांग को म्यांमार से जोड़ता है और ब्रह्मपुत्र घाटी को तिब्बत के ल्हासा से मिलाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं और उनके जल-प्रवाह पैटर्न के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि उन्हें जल वर्षा के अतिरिक्त हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से भी प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ अनित्य (Seasonal) या वर्षा-आधारित होती हैं जिनका प्रवाह ग्रीष्मकाल में काफी कम या समाप्त हो जाता है।
2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ अपने विकास के परिपक्व चरण (Mature stage) में हैं और इन्होंने अपनी घाटियों में आधार तल (Base level) को लगभग प्राप्त कर लिया है, जिसके परिणामस्वरूप ये अपने निचले हिस्सों में अत्यधिक विसर्जन (Meandering) करती हैं और बड़े डेल्टाओं का निर्माण करती हैं।
3. 'कोसी नदी' को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जो अपना मार्ग बदलने के लिए कुख्यात है और यह नेपाल से निकलकर गंगा नदी में मिलने से पहले एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
4. प्रायद्वीपीय नदियों में 'नर्मदा' और 'तापी' नदियाँ अपवाद स्वरूप पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं और डेल्टा बनाने के बजाय अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं, जो भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर प्रवाहित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक गतिकी और प्लेट सीमाओं पर होने वाली प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पैलिंड्रोमिक फॉल्ट्स' (Palindromic faults) उन उत्क्रम भ्रंशों (Reverse faults) को कहा जाता है जिनमें संपीड़न बलों के समाप्त होने के पश्चात तनाव मूलक बल (Tensional forces) के कारण चट्टानों के खंड अपनी मूल स्थिति की ओर विपरीत दिशा में वापस पुनरावृत्त (Reverse slide) हो जाते हैं।
2. 'सबडक्शन जोन' (Subduction Zone) में भारी और ठंडी महासागरीय प्लेट के नीचे बैठने से उत्पन्न होने वाले भूकंपों को 'बेनिऑफ़ ज़ोन' (Wadati-Benioff Zone) के रूप में जाना जाता है, जहाँ भूकंपीय फोकस की गहराई उथले से लेकर अत्यधिक गहरी (लगभग 700 किमी तक) हो सकती है।
3. 'सुनामी तरंगें' खुले महासागर में बेहद कम ऊँचाई और लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इनका आभास आसानी से हो जाता है और वहाँ इनकी गति अत्यंत धीमी होती है, जबकि तटों के समीप उथले जल में पहुँचने पर घर्षण के कारण इनकी गति तीव्र और ऊँचाई विनाशकारी हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) का विकास होता है, जो अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही ग्रीष्मकालीन उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है।
2. तिब्बत का पठार ग्रीष्मकाल में एक विशाल 'उष्ण उच्चावच' (Thermal High) के रूप में कार्य करता है, जो जेट स्ट्रीम को अपने उत्तर और दक्षिण की शाखाओं में विभाजित कर देता है और भारतीय मानसून को आकर्षित करने में सहायक होता है।
3. 'मैडन-जूलियन दोलन' (MJO - Madden-Julian Oscillation) एक पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की महासागरीय प्रणाली है, जिसका प्रभाव भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की सक्रियता और अंतराधन (Break in Monsoon) की अवधि को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण होता है।
4. दक्षिणी गोलार्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ जब विषुवत रेखा को पार करती हैं, तो कोरियॉलििस बल (Coriolis Force) के प्रभाव से इनकी दिशा दक्षिण-पश्चिम हो जाती है, जिससे ये हवाएँ भारतीय उपमहाद्वीप में 'दक्षिण-पश्चिम मानसून' के रूप में प्रवेश करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और यह सिंधु नदी द्वारा बनाए गए गार्ज के पास स्थित है।
2. 'बारालाचा ला दर्रा' (Baralacha La) जास्कर श्रेणी में हिमाचल प्रदेश को लद्दाख से जोड़ता है, और इसी दर्रे के पास से चंद्र और भागा नदियाँ निकलकर 'चिनाब नदी' का निर्माण करती हैं।
3. 'नाथू ला दर्रा' (Nathu La) सिक्किम को तिब्बत की चुम्बी घाटी से जोड़ता है, जो प्राचीन 'सिल्क रूट' (Silk Route) की एक प्रमुख शाखा का हिस्सा रहा है और इसे 1962 के युद्ध के बाद बंद कर दिया गया था जिसे बाद में 2006 में व्यापार के लिए पुनः खोला गया।
4. 'अग्गिल दर्रा' (Aghil Pass) काराकोरम श्रेणी के उत्तर में स्थित है, जो लद्दाख क्षेत्र को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है और यह सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के कारण बंद रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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