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Asked 2 months ago · Viewed 18 times

भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) और उसकी प्रमुख नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ 'पूर्वर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, क्योंकि इन्होंने हिमालय के उत्थान से पहले ही अपने मार्ग का निर्धारण कर लिया था और वर्तमान में गहरी गार्ज व महाखड्डों का निर्माण करती हैं।
  2. 2. 'सोन नदी' अमरकंटक पठार से निकलती है और उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए पटना के समीप गंगा नदी में मिलती है, जो प्रायद्वीपीय भारत की एकमात्र ऐसी प्रमुख नदी है जो सीधे गंगा में जल गिराती है।
  3. 3. 'चंबल नदी' यमुना की सबसे बड़ी सहायक नदी है, जो अपने मार्ग में गंभीर 'अवनालिकी अपरदन' (Gully Erosion) और बिहड़ (Badlands) भूमि के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।
  4. 4. दामोदर नदी छोटा नागपुर पठार से निकलती है और एक भ्रंश घाटी (Rift Valley) से होते हुए हुगली नदी में मिलती है, जिसे कभी 'बंगाल का शोक' कहा जाता था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ 'परवर्ती या अनुवर्ती' (Consequent or Subsequent Drainage) अपवाह तंत्र का उदाहरण हैं, न कि पूर्ववर्ती (Antecedent) का। पूर्ववर्ती अपवाह तंत्र मुख्य रूप से हिमालयी नदियों (जैसे सिंधु, सतलुज, ब्रह्मपुत्र) की विशेषता है। कथन 2 सही है, सोन नदी अमरकंटक पठार से निकलकर गंगा नदी की दक्षिण से मिलने वाली एक प्रमुख सहायक नदी है। कथन 3 सही है, चंबल नदी अपने मार्ग में चंबल घाटी के बीहड़ और तीव्र अवनालिकी अपरदन के लिए कुख्यात है। कथन 4 सही है, दामोदर नदी छोटा नागपुर पठार से निकलकर भ्रंश घाटी से प्रवाहित होती है और हुगली नदी में मिलती है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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