Geography
Asked 2 months ago · Viewed 21 times
महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'बेंगुएला जलधारा' (Benguela Current) अटलांटिक महासागर के दक्षिणी गोलार्ध की एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीकी महाद्वीप के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और नामिब मरुस्थल के निर्माण में सहायक है।
- 2. 'पेरू या हम्बोल्ट जलधारा' (Peru/Humboldt Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ बहती है और इसके कारण यहाँ के तटीय क्षेत्रों में मत्स्यन उद्योग को भारी नुकसान पहुँचता है।
- 3. 'अगुलहास जलधारा' (Agulhas Current) हिंद महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो मदागास्कर और अफ्रीकी पूर्वी तट के बीच प्रवाहित होती हुई अंततः दक्षिण की ओर मुड़कर पश्चिमी वायु प्रवाह में मिल जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 'बेंगुएला जलधारा' अटलांटिक महासागर के दक्षिणी गोलार्ध में अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे बहने वाली एक प्रसिद्ध ठंडी जलधारा है। यह इस क्षेत्र में शुष्क परिस्थितियों और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार नामिब मरुस्थल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कथन 2 गलत है: 'पेरू या हम्बोल्ट जलधारा' प्रशांत महासागर की एक **ठंडी जलधारा** (Cold Current) है, न कि गर्म। यह जलधारा अपवेलिंग (Upwelling) प्रक्रिया के माध्यम से पोषक तत्वों को सतह पर लाती है, जिससे यहाँ प्लवक (Phytoplankton) का विकास होता है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े मत्स्यन क्षेत्रों में से एक बन जाता है। कथन 3 सही है: 'अगुलहास जलधारा' हिंद महासागर की एक प्रमुख गर्म जलधारा है, जो मोजांबिक और अगुलहास चैनलों से होते हुए दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है।
अगला प्रश्न →
पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक शक्तियों, भूकंपीय यंत्र विज्ञान (Seismology)…
← पिछला प्रश्न
भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार और सुनामी की उत्पत्ति की…
Related Questions
→
भारत की मृदा प्रणालियों और उनके विशिष्ट रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में 'निक्षालन' (Leaching) की तीव्र प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जिसके कारण इस मृदा में सिलिका का निक्षालन हो जाता है तथा लौह एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष रह जाते हैं।
2. 'रेगुर मृदा' (Regur Soil) या काली कपास मृदा का निर्माण ज्वालामुखी उद्गार से निकले बेसाल्टिक लावा के विखंडन से होता है, और इसमें 'स्मेक्टाइट' (Smectite) खनिज की उच्च उपस्थिति के कारण भीगने पर चिपचिपा हो जाने तथा सूखने पर चौड़ी एवं गहरी दरारें पड़ने का विशेष गुण पाया जाता है।
3. भारत के उत्तर-मैदान की 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'भांगर' (Bhangar) कहा जाता है, जिसमें कैल्शियम कार्बोनेट की अशुद्धियाँ पाई जाती हैं जिन्हें स्थानीय भाषा में 'कंकड़' कहते हैं, और यह मृदा प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होती रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक संघटन तथा भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर कम वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है, और इस मृदा में पीला रंग फेरिक हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति के कारण होता है जबकि लाल रंग क्रिस्टलीय संरचना में लौह ऑक्साइड के प्रसार को दर्शाता है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदा (Arid and Desert Soils) पश्चिमी राजस्थान में बहुतायत में पाई जाती है, जिसमें घुलनशील लवणों और कैल्शिएम कार्बोनेट की मात्रा बहुत अधिक होती है तथा नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत पाए जाने के कारण इस मृदा में जल को रोकने की क्षमता अत्यंत न्यून होती है।
3. लवणीय और क्षारीय मृदा (Saline and Alkaline Soils), जिसे स्थानीय भाषा में 'कल्लर', 'रेह' या 'ऊसर' भी कहा जाता है, का निर्माण अत्यधिक सिंचाई और जल निकास के अभाव वाले अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में केशिका क्रिया (Capillary Action) द्वारा सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के सतह पर जमा होने से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन, विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षوبमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की औसत दर को 'सामान्य ह्रास दर' (Normal Lapse Rate) कहा जाता है, जो प्रति 165 मीटर की ऊंचाई पर लगभग 1°C होती है।
2. समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है, और इसी परत के निचले हिस्से में मौसम संबंधी घटनाएं जैसे बादलों का बनना और वर्षा होना सबसे अधिक सक्रिय होती हैं।
3. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) एक शांत क्षेत्र है, जहाँ सूर्य की किरणें वर्ष भर लगभग लंबवत पड़ती हैं और संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण यहाँ थर्मल रूप से प्रेरित कम वायुदाब का विकास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मोहरोविक (Moho) असंभाव्यता और शैल चक्र (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविक असंभाव्यता' (Mohorovičić Discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. 'गोएनत्सर्ग असंभाव्यता' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को पृथक् करती है, जबकि 'लेहमैन असंभाव्यता' (Lehmann Discontinuity) बाहरी क्रोड (Outer Core) और आंतरिक क्रोड (Inner Core) के मध्य स्थित होती है।
3. आग्नेय चट्टानें पृथ्वी के आंतरिक भाग से मैग्मा के ठंडे होने से बनती हैं, जिन्हें 'प्राथमिक चट्टानें' भी कहा जाता है, और इनका निर्माण प्लेट विवर्तनिकी प्रक्रियाओं से सीधा संबंध रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
→
पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.