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Geography
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भारत के वन क्षेत्रों, बायोस्फीयर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन' मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों, पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं, जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है।
- 2. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' यूनेस्को के विश्व नेटवर्क बायोस्फीयर रिजर्व की सूची में शामिल है, जो उत्तराखंड में महान हिमालय क्षेत्र में स्थित है और यहाँ 'हिन्दू कुश-हिमालयी' पारिस्थितिकी तंत्र का अनूठा प्रतिनिधित्व मिलता है।
- 3. 'सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान' विश्व का सबसे बड़ा एकल मैंग्रोव वन क्षेत्र है, जो गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र में फैला हुआ है और यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए विशेष रूप से 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत कार्य किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन उन क्षेत्रों में विकसित होते हैं जहाँ भारी वर्षा (200 सेमी से अधिक) होती है। नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व उत्तराखंड का एक प्रमुख संरक्षित क्षेत्र है जो अपनी अल्पाइन वनस्पति और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। सुंदरवन दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा और मैंग्रोव वन है। इस क्षेत्र के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत में ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ड्रिप सिंचाई पद्धति में जल सीधे पौधों की जड़ों के पास बूंद-बूंद करके टपकता है, जिससे वाष्पीकरण और सतही अपवाह (Surface Runoff) द्वारा होने वाले जल की हानि न्यूनतम होती है, और यह विशेष रूप से जल-संकट वाले क्षेत्रों तथा बागवानी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
2. सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के प्रयोग से उर्वरकों की दक्षता में सुधार होता है और 'फर्टिगेशन' (Fertigation) विधि के माध्यम से पोषक तत्वों को सीधे पौधों के मूल क्षेत्र में पहुँचाया जा सकता है, जिससे भूजल संदूषण की संभावना कम हो जाती है।
3. प्रधान मंत्री कृषि सिचांई योजना (PMKSY) के 'हर खेत को पानी' घटक के अंतर्गत देश में सतही सिंचाई की पारंपरिक बाढ़ विधि (Flood Irrigation) को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि जल संचयन को बढ़ावा दिया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तरी अटलांटिक महासागर से होते हुए यूरोप के पश्चिमी तट पर पहुँचती है और वहाँ के बंदरगाहों को सर्दियों में भी जमने से रोकती है।
2. 'लैब्राडोर जलधारा' (Labrador Current) एक ठंडी जलधारा है, जो आर्कटिक महासागर से दक्षिण की ओर बहती है और जब यह न्यूफाउंडलैंड के पास गल्फ स्ट्रीम से मिलती है, तो वहाँ घने कोहरे और प्लवक (Plankton) के विकास के कारण विश्व का सबसे बड़ा मतस्यन क्षेत्र बनता है।
3. 'पेरू जलधारा' या 'हम्बोल्ट जलधारा' (Humboldt Current) दक्षिणी प्रशांत महासागर में प्रवाहित होने वाली एक गर्म जलधारा है, जिसके कारण दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर भारी वर्षा और उपजाऊ कृषि भूमि का विकास हुआ है।
4. 'कुराशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर में बहने वाली एक गर्म जलधारा है, जिसे 'जापान की काली धारा' भी कहा जाता है, क्योंकि इसका नीला-काला जल इसके उच्च तापमान और स्पष्टता को दर्शाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय-देशांती स्थिति और मानक समय रेखा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30° का अक्षांशीय विस्तार पाया जाता है, और इसके परिणामस्वरूप कन्याकुमारी और कश्मीर के बीच स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर उत्पन्न होता है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82.5° पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है, तथा यह देशांतर रेखा कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है।
3. कर्क रेखा (23.5° उत्तर) भारत के लगभग मध्य से होकर गुजरती है और यह कुल 8 राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से गुजरती है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची इस रेखा के सबसे निकट स्थित राजधानी शहर है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल स्थलीय क्षेत्रफल का लगभग 2.4% हिस्सा है, और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चक्रवातों, पवन प्रणालियों और आर्द्रता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Storm) होती है, जो शांत मौसम, न्यूनतम वायुदाब और मेघ-रहित आकाश वाला क्षेत्र होती है, जबकि इसके चारों ओर 'दीवार मेघ' (Eyewall) में अत्यधिक तीव्र वर्षा और विनाशकारी पवनें चलती हैं।
2. शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की उत्पत्ति मुख्य रूप से भिन्न तापमान और घनत्व वाली दो विपरीत वायु राशियों (Warm and Cold Air Masses) के मिलने से बनने वाले 'वाताग्र' (Fronts) के सहारे होती है, और इनका प्रभाव बड़े भौगोलिक क्षेत्र पर विस्तृत होता है।
3. 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) वायु में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का प्रतिशत अनुपात होती है, जो तापमान बढ़ने पर घट जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी गोलार्ध में चक्रवातों के भीतर पवनों की दिशा घड़ी की सुइयों की दिशा के विपरीत (Counter-clockwise / वामावर्त) होती है, जो कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के खगोलीय पिंडों, उनकी गतिकी तथा अंतरिक्षीय परिघटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, जहाँ हज़ारों चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'सेरेस' (Ceres) है जिसे बौना ग्रह भी माना जाता है।
2. 'उल्काएं' (Meteors) अंतरिक्ष से तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले छोटे ठोस कण होते हैं, जो घर्षण के कारण मध्यमंडल (Mesosphere) में जलकर चमक उत्पन्न करते हैं, जबकि जो उल्कापिंड पूरी तरह जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह से टकराते हैं, उन्हें 'उल्कापिंड' (Meteorites) कहा जाता है।
3. पुच्छल तारे या धूमकेतु (Comets) मुख्य रूप से जमी हुई गैसों, चट्टानों और धूल से बने खगोलीय पिंड हैं, और जब ये सूर्य के समीप पहुँचते हैं, तो सौर पवन (Solar Wind) के दबाव के कारण इनकी पूँछ हमेशा सूर्य की दिशा की ओर इंगित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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