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Geography
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets), क्षुद्रग्रहों और खगोलीय पिंडों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सभी बाह्य ग्रह (बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून) गैसीय पिंड हैं और उनके घनत्व आंतरिक ग्रहों (पार्थिव ग्रहों) की तुलना में बहुत अधिक होते हैं, क्योंकि वे अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण के कारण भारी तत्वों से संघनन द्वारा बने हैं।
  2. 2. 'किर्कवुड गैप्स' (Kirkwood Gaps) मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के मध्य स्थित क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) में पाए जाने वाले वे अंतराल हैं जहाँ बृहस्पति के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण क्षुद्रग्रहों की उपस्थिति नगण्य होती है।
  3. 3. 'विपरीत दिशा में परिक्रमण' (Retrograde Motion) करने वाले ग्रहों की श्रेणी में शुक्र और यूरेनस शामिल हैं, जो सूर्य की परिक्रमा अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर (घड़ी की सुइयों की दिशा में) करते हैं, जो अधिकांश अन्य ग्रहों के विपरीत है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि बाह्य ग्रह (जोवियन ग्रह) गैसीय और हल्की गैसों (हाइड्रोजन और हीलियम) से बने होने के कारण पार्थिव (आंतरिक) ग्रहों की तुलना में बहुत कम घनत्व रखते हैं। उदाहरण के लिए, शनि ग्रह का घनत्व जल से भी कम है। कथन 2 सही है; 'किर्कवुड गैप्स' क्षुद्रग्रह पेटी में बृहस्पति के कक्षीय अनुनाद (Orbital Resonance) के कारण उत्पन्न होने वाले रिक्त स्थान हैं। कथन 3 सही है; शुक्र और यूरेनस की घूर्णन और परिक्रमण की प्रवृत्ति रेट्रोग्रेड (पूर्व से पश्चिम) होती है। विकिपीडिया संदर्भ
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